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हाथरस : बेटी खोने वाले परिवार से डीएम बोले- खाते में 25 लाख आ गए, अब चुप रहो

हाथरस. गैंगरेप पीड़िता के गांव में मीडिया के जमावड़े के बीच हर पल नए खुलासे हो रहे हैं। अब पीड़िता परिवार ने कहा कि उन्हें पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। पीड़िता के भाई ने डीएम पर भी धमकी देने के आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है उनकी एसआईटी की टीम से अब तक कोई मुलाकात नहीं हुई। गौरतलब है अब तक मीडिया को पुलिस ने यह कहकर रोका था कि परिवार से एसआईटी टीम मुलाकात कर रही है। परिवार ने तो अब बेटी के अंतिम संस्कार पर भी सवाल खड़ा किया है कि आनन फानन में आखिर पुलिस ने किसका अंतिम संस्कार कर दिया।

पीड़िता के भाई ने बताया कि हम सभी का फोन सर्विलांस पर डाला गया है। डीएम ने हमें धमकाया है। परिवार ने कहा कि उन्हें डराया धमकाया गया। किसी से बात नहीं करने दी गयी। यहां तक कि बाहर भी नहीं निकलने दिया गया। परिवार ने कहा कि डीएम साहब ने उनसे कहा कि जब खाते में 25 लाख रुपये आ गए हैं तो अब चुप हो जाओ। परिवार ने बताया कि डीएम ने कहा कि अगर उनकी बेटी कोरोना से मरती तो मुआवजा भी नहीं मिलता। डीएम ने परिवार से कहा था कि पोस्टमार्टम हुई बॉडी को देख लेते तो खाना नहीं खाते। इसलिए बॉडी घर पर नहीं दी गयी। अब तो पीड़िता परिवार ने अंतिम संस्कार पर संदेह जताया है। परिवार ने कहा कि पुलिस को यह बताना चाहिए कि उन्होंने किसका अंतिम संस्कार किया है। पुलिस बताए कि किसके कहने पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं

पीड़िता परिवार ने यूपी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। साथ ही परिवार ने कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है। पीड़िता की बहन ने खुलासा किया है कि पुलिसवाले उनके घर भी आते हैं और फिर बाद में आरोपियों के घर पर भी जाते हैं। ऐसे में उन्हें पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा नहीं है। पीडि़त परिवार ने मांग की है कि जैसे उनकी बेटी को जबरदस्ती जलाया गया वैसे ही चारों दोषियों को भी जलाकर मारा जाए।

कौन हैं डीएम प्रवीण कुमार

एक वायरल वीडियो के बाद विपक्ष के निशाने पर आए डीएम प्रवीण कुमार राजस्थान के जयपुर के मूल निवासी हैं। यह 2012 बैच के आइएएस अधिकारी हैं। 2013 में रायबरेली में ट्रेनी आईएएस के रूप में इनकी पहली तैनाती हुई थी। सात अगस्त 2014 में अलीगढ़ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में तैनाती हुई। 21 अप्रैल 2016 में सीडीओ ललितपुर, 17 अप्रैल 2018 में विशेष सचिव पंचायती राज और 2 मार्च 2019 से जिलाधिकारी हाथरस में तैनात हैं।

क्या कहा था डीएम ने

डीएम प्रवीण कुमार ने पीडि़त परिवार से कहा था, आप अपनी विश्वसनीयता खत्म मत करिए। मीडिया वाले चले जाएंगे। हम ही आप के साथ खड़े हैं। अब आपको बार-बार बयान बदलना है कि नहीं, कहीं हम भी न बदल जाएं।

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