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हो जाएं रेडी : कोरोना वैक्सीन की कब लेनी है डोज, आपको पूरी जानकारी देगा ये ऐप

भारत सरकार ने कोविड वैक्‍सीन रोलआउट के लिए एक खास ऐप तैयार किया है। इसे Covin नाम दिया गया है। यह ऐप कोविड टीकाकरण अभियान में बेहद अहम भूमिका निभाएगी। इसके जरिए सरकार को वैक्‍सीन के स्‍टॉक, डिस्‍ट्रीब्‍यूशन, स्‍टोरेज जैसी अहम जानकारियां मिलेंगी। वहीं, वैक्‍सीन पाने वालों को टीका कब लगेगा, इसका शेड्यूल भी ऐप से मिल पाएगा। कोविन ऐप (Covin app) के जरिए अधिकारी रियल टाइम बेसिस पर डेटा अपलोड और एक्‍सेस कर पाएंगे। ऐप का डेटा केंद्र और राज्‍यों की एजेंसियों से अपडेट होगा इसके अलावा ऐप के जरिए देशभर में फैले 28,000 स्‍टोरेज सेंटर्स पर मौजूद स्‍टॉक का पता भी लग सकता है। ऐप की नजर टेम्‍प्रेचर लॉगर्स, वैक्‍सीन डिप्‍लॉयमेंट और कोल्‍ड चेन मैनेजर्स पर भी रहेगी। आइए इस ऐप के बारे में और जानते हैं।

वैक्‍सीन के सफर में कहीं बदले न तापमान, ऐप रखेगा नजर

सरकार इस ऐप के जरिए स्‍टोरेज पॉइंट्स पर तापमान में बदलाव को ट्रैक कर पाएगी। यह बेहद अहम है क्‍योंकि वैक्‍सीन को इस्‍तेमाल से पहले सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। कोविन ऐप वैक्‍सीन के स्‍टोरेज फैसिलिटी से हेल्‍थ सेंटर, डिस्ट्रिक्‍ट हॉस्पिटल या टीकाकरण केंद्र तक के सफर को भी ट्रैक करेगा। अगर कहीं स्‍टॉक खत्‍म हो रहा है तो यह ऐप उसपर भी नोटिफिकेशन भेजेगा।

दोनों डोज लगने के बाद सर्टिफिकेट भी देगा Covin ऐप

कोविन ऐप के जरिए लोग अपने टीकाकरण का शेड्यूल, लोकेशन और यहां तक कि टीका कौन लगाएगा, इसकी डीटेल्‍स भी चेक कर पाएंगे। एक बार वैक्‍सीन की दोनों डोज लग गईं तो ऐप में एक टीकाकरण सर्टिफिकेट भी जेनरेट होगा। इसे डिजिलॉकर में भी सेव किया जा सकेगा।

Covin ऐप में होगा हर प्रॉयरिटी ग्रुप का डेटा

ऐप में चारों प्रॉयरिटी ग्रुप्‍स- हेल्‍थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स, 50 साल से ज्‍यादा उम्र के लोग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग मौजूद हैं। जिला स्‍तर पर इसमें सरकारी और निजी अस्‍पतालों में काम करने वालों का डेटा फीड किया जाएगा। उन्‍हें ही अप्रूवल के बाद सबसे पहले वैक्‍सीन की डोज दी जानी है।

आप तक कैसे पहुंचेगी वैक्‍सीन?

केंद्र सरकार सीधे वैक्‍सीन निर्माताओं से डोज खरीदेगी। राज्‍यों और जिलों में मौजूद नेटवर्क की मदद से पहले प्राथमिकता समूहों को टीका लगेगा। राज्‍य सरकारें उन इमारतों की पहचान कर रही हैं जिन्‍हें वैक्‍सीनेशन बूथ की तरह इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इनमें सिर्फ हेल्‍थकेयर फैसिलिटीज ही शामिल नहीं होंगी। स्‍कूलों, पंचायती इमारतों और आंगनबाड़ी केंद्र की बिल्डिंग का इस्‍तेमाल की कोविड टीकाकरण के लिए हो सकता है।

टीकाकरण की लिस्‍ट में शामिल कर व्‍यक्ति को उसके आधार से लिंक किया जाएगा ताकि डुप्‍लीकेसी की संभावना न रहे। इससे यह भी ट्रैक किया जा सकेगा कि किसको टीका लग चुका है और किसे नहीं। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ हर्षवर्धन के अनुसार, जुलाई 2021 तक प्राथमिकता के आधार पर 25-30 करोड़ भारतीयों को टीका लग सकता है।

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