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14 साल सिपाही रहकर SDM बने थे जो श्यामबाबू, इस वजह से चली गई उनकी नौकरी

बलिया
14 वर्षों तक कॉन्स्टेबल पद पर तैनात रहने के बाद एसडीएम बने श्याम बाबू की नियुक्ति निरस्त कर दी गई है। बलिया जिले के बैरिया तहसील क्षेत्र के इब्राहिमाबाद उपरवार निवासी श्याम बाबू अनुसूचित जनजाति (एसटी) के प्रमाण पत्र के आधार पर वर्ष 2016 की पीसीएस परीक्षा को पास कर एसडीएम बने थे। उनसे जुड़े दस्तावेजो की जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद अपर मुख्य सचिव ने नियुक्ति निरस्त करने का आदेश पारित किया है। श्याम बाबू की तैनाती बतौर उप जिलाधिकारी (प्रोबेशन) संतकबीर नगर में थी।

श्याम बाबू ने प्रयागराज में सिपाही रहते हुए वर्ष 2016 में पीसीएस की परीक्षा पास की थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को शिकायतें मिलीं कि कुछ अभ्यर्थियों ने अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर अधिभार लिया है। आयोग ने अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के जाति प्रमाणपत्रों की संबंधित जिलों में जांच कराई। इसी जांच में बैरिया के तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में श्याम बाबू को एसटी संवर्ग का नहीं माना है।

पीसीएस-2016 का परिणाम आया तो श्याम बाबू सिपाही से एसडीएम पद पर तैनात हो गए। श्याम बाबू के पिता धर्मनाथ गांव में ही किराना की दुकान चलाते हैं। श्याम बाबू ने गांव के प्राथमिक विद्यालय से पढ़ाई करने के बाद में श्री सुदिष्ट बाबा इंटर कॉलेज रानीगंज से हाई स्कूल और इंटर की परीक्षा पास की। पीजी कॉलेज सुदिष्टपुरी में बीए में दाखिला लिया, इसी दौरान 2005 में यूपी पुलिस में उनका चयन हो गया। करीब 14 साल तक पुलिस विभाग में सेवा देने के बाद श्याम बाबू का चयन पीसीएस में हुआ था।

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