Tuesday , March 2 2021
Breaking News
Home / जरा हटके / 21 साल की लड़की खोलेगी दिल्ली हिंसा के राज, बताएगी किसके कहने पर तैयार हुई थी टूलकीट!

21 साल की लड़की खोलेगी दिल्ली हिंसा के राज, बताएगी किसके कहने पर तैयार हुई थी टूलकीट!

26 जनवरी के दिन लाल किले पर हिंसा की प्लानिंग किसने रची थी? कौन है इस साजिश का मास्टरमाइंड? किसके कहने पर 13 जनवरी से ही टूलकीट के ज़रिए हो रही थी प्लानिंग? इस हिंसा के लिए कहां से आया था फंड? इस साजिश के पीछे क्या खालिस्तान है? भारत में खालिस्तानियों के एजेंडे को कौन कर रहा है पूरा? क्या आंदोलनजीवी देश की साख पर बट्टा लगाने के लिए किसानों की आड़ लेकर रच रहे हैं साजिश?

ये तमाम सवाल है, जिसका जवाब दिल्ली पुलिस तलाश रही है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कई एफआईआर भी दर्ज की है और जांच तेज़ कर दी है, दिल्ली पुलिस के पास सबूत भी है और गवाह भी. दीप सिदधू और इकबाल पुलिस की गिरफ्त में है और वे भी खुलासे कर रहे हैं, पोल खोल रहे हैं उन साजिशकर्ताओं की जो दिल्ली हिंसा के असल मास्टरमांइंड है.

इधर पुलिस ने गूगल की मदद से उन गुनहगारों को पकड़ना शुरू कर दिया है, जो ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामले में सहभागी है या हिंसा की प्लानिंग में शामिल है. इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पहली गिरफ्तारी कर ली है. पुलिस ने बेंगलुरु से 21 साल की आंदोलनजीवी दिशा रवि को गिरफ्तार किया है. 21 साल की ये एक्टिविस्ट फ्राइडे फ़ॉर फ्यूचर कैम्पेन की फॉउंडरों में से एक हैं. आरोप है कि दिशा रवि ने किसानों से जुड़ी टूलकिट को एडिट किया उसमें कुछ चीज़ें जोड़ी और उसे आगे भेजा था.

दिशा बेंगलुरु के प्रतिष्ठित वुमंस कॉलेज में शामिल माउंट कार्मेल की छात्रा हैं. जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल शनिवार को बैंगलुरू पहुंची और दिशा रवि को उसने गिरफ्तार किया. बेंगलुरु पुलिस से इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दिशा को शनिवार देर रात गिरफ्तार किया था. उन्हें विद्यारन्यापुरा PS लिमिट से गिरफ्तार किया गया है. बेंगलुरु पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने प्रॉसीज़र का पालन किया. उन्होंने बेंगलुरु पुलिस को गिरफ्तारी और दिशा रवि के बारे में जानकारी दी. प्रॉसीज़र के तहत दिशा को दिल्ली ले जाया गया है. अब दिल्ली में दिशा से ये पूछा जाएगा कि उसने ये किसने कहने पर किया, ये टूलकीट उसे किसने भेजी थी और इसके लिए उसे क्या फंड भी मिला है.

आपको बता दें कि स्वीडन की 18 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर समर्थन दिखाते हुए ट्वीट किया था. इसी ट्वीट के साथ गलती से उन्होंने एक टूलकिट भी अटैच कर दी थी, जिसमें भारत में अस्थिरता फैलाने को लेकर साजिश का पूरा प्लान लिखा था. हालांकि बाद में ग्रेटा ने तुरंत ही इसे डिलीट कर दिया था.

जिसके बाद दिल्‍ली पुलिस ने इस टूलकीट मामले में केस दर्ज किया, इसमें आपराधिक साजिश और समूहों में दुश्‍मनी फैलाने का आरोप लगाया गया है. वैसे कहा ये भी जा रहा है कि इस साजिश के तार आखिर में आंदोलनजीवी योगेंद्र यादव तक पहुंच सकते है, क्योंकि देश में आंदोलनजीवियों का सरगना यही है ये हर आंदोलन में आपको आगे मिल जाएंगे, योगेंद्र यादव न तो किसान है, न उनके पास कोई ज़मीन है फिर भी वो किसान नेता बनकर किसानों का नेतृत्व कर रहा है. कांग्रेस के सासंद को संसद में योगेंद्र यादव पर संगीन आरोप लगा चुके हैं, रवणीत बिट्टू ने कहा था इसे पुलिस गिरफ्तार कर ले तो किसान आंदोलन खत्म हो जाएगा.

loading...
loading...

Check Also

औरत के किस अंग को छूने से लगता है पाप, क्या ये बात जानते हैं आप ?

आज के समय में हमें जनरल नॉलेज का ज्ञान रखना बहुत जरुरी है. आप किसी ...