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90% कारगर है फाइजर की कोरोना वैक्‍सीन, फिर क्‍यों बोले एक्‍सपर्ट्स- ज्‍यादा खुश मत हो दुनिया!

फाइजर-बायोएनटेक की कोविड वैक्‍सीन का शुरुआती एफिसेसी डेटा (Early efficacy data) जारी कर दिया गया है। कंपनी के अनुसार, उनकी वैक्‍सीन 90 प्रतिशत तक कारगर रही है। यह वैक्‍सीन का पहला फॉर्मल रिव्‍यू है जिसे बाहरी एक्‍सपर्ट्स के पैनल ने अंजाम दिया है। कंपनी साल के आखिर तक डेढ़ से 2 करोड़ डोज बना लेने का दावा कर रही है। फाइजर की सीनियर वाइस-प्रेजिडेंट कैथरीन जैंसन ने कहा, ‘यह एक ऐतिहासिक मौका है। हम ऐसे रास्‍ते और मंजिल की ओर बढ़ चले हैं जो आज तक कोई हासिल नहीं कर पाया- सालभर में वैक्‍सीन तैयार कर लेना।’ हालांकि एक्‍सपर्ट्स अभी इन नतीजों को लेकर ज्‍यादा उत्‍साहित होने से मना कर रहे हैं। ऐसा क्‍यों है, आइए समझते हैं।

ये शुरुआती डेटा, हाइप न बनाएं: एक्‍सपर्ट्स

स्‍वतंत्र वैज्ञानिकों ने वैक्‍सीन के शुरुआती नतीजों को लेकर हाइप क्रिएट करने के खिलाफ राय जाहिर की है। उनका कहना है कि वैक्‍सीन के लॉन्‍ग-टर्म सेफ्टी और एफिसेसी डेटा का इंतजार करना चाहिए। फिर भी फाइजर पहली ऐसी कंपनी बन गई है जिसने लेट स्‍टेज ट्रायल के पॉजिटिव नतीजे जारी किए हैं। दुनियाभर में कोरोना की 11 वैक्‍सीन लेट स्‍टेज ट्रायल्‍स में हैं।

‘कोरोना ने बदला रूप तो कम हो जाएगा वैक्‍सीन का असर’

मेयो क्लिनिक के वैक्‍सीन रिसर्च ग्रुप के हेड डॉ ग्रेगरी पोलैंड कोरोना की कई वैक्‍सीन के रिव्‍यू बोर्ड में शामिल हैं। उन्‍होंने याहू से बातचीत में कहा कि म्‍यूटेशंस से वैक्‍सीन की एफिसेसी पर असर पड़ सकता है। उन्‍होंने कहा, “हम अभी म्‍यूटेटेड वायरसों के खिलाफ इस वैक्‍सीन की एफिसेसी को लेकर कुछ नहीं जानते और यह जरूरी है। ये वैक्‍सीन आपके शरीर को वायरस के एक हिस्‍से को देखने लायक बनाती हैं लेकिन क्‍या हो अगर प्रोटीन बदल जाए?”

नई तकनीक से तैयार की गई है वैक्‍सीन, इसलिए भी शक

फाइजर की यह वैक्‍सीन मेसेंजर आरएनए (mRNA) तकनीक पर आधारित है। इस तकनीक से उम्‍मीदें तो बहुत हैं लेकिन अबतक पिछली किसी वैक्‍सीन में इसका इस्‍तेमाल नहीं हुआ है। अमेरिका की ही एक और दवा कंपनी, मॉडर्ना ने भी mRNA तकनीक पर कोविड वैक्‍सीन बनाई है।

कुछ सवालों के अबतक नहीं मिले जवाब

फाइजर ने कुछ सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। मसलन उनकी वैक्‍सीन कितने समय के लिए इम्‍युनिटी देती है। कुछ एक्‍सपर्ट्स उन पार्टिसिपेंट्स के अनुभव जानना चाहते हैं जिन्‍हें वैक्‍सीन दी गई थी, इसके बावजूद वायरस से संक्रमित हो गए। ॆॆ

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