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सत्ता के लिए पहले अयोग्य बनाया, फिर उन विधायकों को दोबारा जिताया, तो मिलने को क्यों किया मना ?

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को हुब्बल्ली आकर भाजपा नेताओं के साथ बातचीत की परन्तु पुन: जीत कर आए अयोग्य विधायकों से उन्होंने मुलाकात करने से इनकार किया। इस कारण वे विधायक बहुत शर्मिंदा हुए।

हुब्बल्ली के एक निजी होटल में भाजपा नेताओं के साथ अमित शाह ने बैठक की व यहां के राजनीतिक हालात पर चर्चा की। इस दौरान पूर्व के अयोग्य विधायकों के दो खेमे अमित शाह से मुलाकात के लिए आए।

एक ओर अयोग्य विधायक (लेकिन अब निर्वाचित) रमेश जारकिहोली, श्रीमंत पाटील, महेश कुमटहल्ली के खेमे व दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सवदी, मंत्री सीसी पाटील, शशिकला जोल्ले, विधायक महांतेश दोड्डगौडऱ के खेमे ने अमित शाह से मुलाकात करनी चाही लेकिन एक ही हॉल में बैठने पर भी दोनों खेमों ने एक दूसरे के चेहरे को नहीं देखा।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को हुब्बल्ली आकर सीएए तथा एनआरसी के बारे में जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित किया। अयोग्य विधायकों ने शाह से राज्य मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा करने की सोची थी परन्तु मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा व गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात नहीं हुई।

मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा होगी यह मानकर विधायक रमेश जारकिहोली, महेश कुमटहल्ली तथा श्रीमंत पाटील जिस होटल में अमित शाह रुके हुए थे वहां पहुंचे थे। होटल में अमित शाह, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नळिन कुमार कटील व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ही आए थे। जगदीश शेट्टर के निवास पर उनसे भेंट के बाद मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा सीधे विशेष विमान से बेंगलूरु चले गए।

इससे मंत्री पद के दावेदार निराश हुए। इसके चलते विधायक रमेश जारकिहोली होटल से गुस्से में ही बाहर निकले। एक और मंत्री पद के दावेदार विधायक बीसी पाटील ने कहा कि यह एक सौहार्द मुलाकात थी।

मुख्यमंत्री येडियूरप्पा उपचुनाव के दौरान जहां भी गए वहां जीतने के 24 घंटे में मंत्री बनाएंगे कहकर प्रचार किया था। अयोग्य विधायकों ने सोचा था कि जीतने के तुरन्त बाद मंत्री बन जाएंगे परन्तु फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार फिर से टला है।

मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा के बाद क्या होगा, तब तक योग्य विधायक क्या खामोश रहेंगे या फिर बगावत करेंगे इस बारे में संदेह बना हुआ है।

एक घंटे से अधिक समय तक इंतजार करने के बाद मुलाकात से इनकार करने पर योग्य विधायकों को निराशा हुई। मीडिया से प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए रमेश जारकिहोली ने कहा कि अमित शाह ने उन्हें मुलाकात का मौका नहीं दिया, आपको भी नकारात्मक खबर ही चाहिए, उसी को लगाइए कह कर आक्रोश जताया।

विधायक श्रीमंत पाटील ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में जल्दबाजी नहीं है। मंत्रिमंडल विस्तार पर आलाकमान फैसला लेगा। मंत्री पद मिलने का विश्वास है परन्तु कब इसका पता नहीं है। आश्वासन दिया है फिर इस बारे में चर्चा नहीं की है।

उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सवदी ने कहा कि अमित शाह ने कई आवेदनों को स्वीकार किया है। शाह ने कहा था कि महादयी के बारे में विधायकों, जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

धनुर्मास तथा मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा के चलते मंत्रिमंडल विस्तार टला है।

उपमुख्यमंत्री गोविंद कारजोल ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए अभी मुहूर्त नहीं आया है। नए विधायकों ने अमित शाह से क्या बातचीत की है इसका पता नहीं है। इस बारे में मुख्यमंत्री तथा अमित शाह फैसला लेंगे।

शीघ्र ही मंत्रिमंडल विस्तार होगा। नए विधायकों को कोई नाराजगी नहीं है। अब मुहूर्त नहीं आया है शीघ्र ही मंत्रिमंडल विस्तार होगा। मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में राज्य के नेता फैसला लेंगे।

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