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भारत को टक्कर देने के लिए फिर से अमेरिकी तकनीक चुरा लिया चीन, पोल खोल दिया ये Video

चीन दुनिया के बेहतरीन उत्पादों की नकल करने में माहिर है, यह बात सभी को पता है। लेकिन, चीन ने कभी भी आधिकारिक तौर पर कबूल नहीं किया है कि उसने किसी देश की तकनीकी को चुराकर कोई प्रोडक्ट बनाया है। हाल में ही चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयरफोर्स ने एक भर्ती वीडियो जारी किया है। जिसमें आजतक दुनिया की नजरों के छिपाकर रखे गए H-20 स्टील्थ बॉम्बर को दिखाया गया है। पहली झलक में यह विमान अमेरिका के बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर की तरह दिख रहा है। वैसे भी चीन का जैसा ट्रैक रिकॉर्ड है उससे यह इनकार नहीं किया जा सकता है कि इस विमान को अमेरिकी तकनीकी को चुराकर बनाया गया है।

5 जनवरी को चीनी एयरफोर्स ने जारी किया था यह वीडियो
PLAAF का यह भर्ती वीडियो पहली बार 5 जनवरी, 2021 को YouTube पर दिखाई दिया था। ‘ड्रीम ऑफ यूथ’ शीर्षक के इस वीडियो के जरिए चीन अपनी युवा पीढ़ी के अंदर एयर फोर्स में भर्ती करने के लिए जोश जगा रहा है। इन दिनों चीन का अमेरिका और भारत के अलावा दुनिया के अधिकतर महाशक्तियों के साथ तनाव चल रहा है। चीन एक तरफ साउथ और ईस्ट चाइना सी में अमेरिका, ताइवान, जापान, ब्रुनेई, वियतनाम, फिलिपींस और मलेशिया समेत कई देशों के साथ उलझा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ हिमालय की ऊंचाईयों में भारत के साथ उसका तनाव जगजाहिर है। ऐसे में राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी एयरफोर्स को विश्वस्तरीय बनाने का ख्बाव देख रहे हैं।

H-6 की जगह H-20 को तैनात करेगा चीन
डिफेंस तकनीकी पर नजर रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटग्लोबल की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन अपने एच-6 स्ट्रेटजिक बॉम्बर्स को हटाकर अब आधुनिक एच-20 स्टील्थ बॉम्बर को तैनात करने की योजना बना रहा है। कई विशेषज्ञों ने यह भी आशंका जताई है कि चीन का यह विमान भी उसके दूसरे अन्य विमानों की तरह तकनीकी की चोरी कर बनाया गया है। इस विमान के पैटर्न अमेरिका के बी-2 और बी-21 बॉम्बर्स से मिलते जुलते हैं।

चीन का हौवा या सही में शक्तिशाली है यह बॉम्बर?
वहीं नेशनल इंट्रेस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का यह विमान अब भी रहस्यमय बना हुआ है। जबकि अमेरिका के बी -2 और बी -21 बॉम्बर्स कॉम्बेट प्रूवन हैं जिन्हें कई युद्धों और खुफिया मिशन में आजमाया जा चुका है। ऐसे में यह विमान अमेरिका के सामने कोई बड़ी चुनौती खड़ी करने में सफल नहीं हो सकता है।

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2019 में पहली बार दिखा था यह विमान
चीन ने अपने रहस्यमयी H-20 बॉम्बर को पहली बार 2019 में Zhuhai Airshow में प्रदर्शित किया था। वहीं, न्यूज़ीलैंड हेराल्ड की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि H-20 सुपरसोनिक स्टील्थ बॉम्बर चीन की स्ट्राइक रेंज को डबल कर सकता है। दिलचस्प बात यह है कि अभी किसी भी प्लेटफार्म पर इस विमान के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है।

अमेरिकी डिफेंस रिपोर्ट में इसका जिक्र
पेंटागन के 2018 और 2019 के वार्षिक चाइना मिलिट्री पॉवर रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया गया है। 2019 में प्रकाशित अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की वार्षिक चाइना मिलिट्री पॉवर रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का H-20 विमान 8500 किलोमीटर की दूरी तक हमला करने में सक्षम है। यह परमाणु और गैर परमाणु (पारंपरिक) हथियार ले जाने में सक्षम है।

अमेरिकी बी-2 ले जा सकता है 16 परमाणु बम
B-2 स्पिरिट दुनिया के सबसे घातक बॉम्‍बर माने जाते हैं। यह बमवर्षक विमान एक साथ 16 B61-7 परमाणु बम ले जा सकता है। हाल ही में इसके बेड़े में बेहद घातक और सटीक मार करने वाले B61-12 परमाणु बम शामिल किए गए हैं। यही नहीं यह दुश्‍मन के हवाई डिफेंस को चकमा देकर आसानी से उसके इलाके में घुस जाता है। इस बॉम्‍बर पर एक हजार किलो के परंपरागत बम भी तैनात किए जा सकते हैं। यह दुश्‍मन की जमीन पर हमला करने के लिए सबसे कारगर बॉम्‍बर माना जाता है।

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