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स्वीमिंग पूल में डूबा और दोबारा हो गया जिंदा, लड़के को इस हादसे का पहले से था पता !

कहते हैं इंसान की मृत्यु का समय उसके जन्म के समय के साथ ही तय हो जाता है। लेकिन इस संसार में जिस किसी का भी जन्म हुआ है उसका मरण पहले से ही तय हो जाता है लेकिन इंसान उस बात से अनजान होता है क्योंकि उसे इस बात का नहीं पता होता है कि उसकी मृत्यु कब होगी? जैसे आपने पुनर्जन्म की कहानियां तो बहुत ही सुनी होगी लेकिन कभी आपने ऐसी सच्चाई नहीं सुनी होगी जिसमें एक बच्चे की मृत्यु होने के 6 मिनट बाद भी जिंदा हो जाता है। बच्चे की मृत्यु के बाद भी वह मृत्यु के दौरान 6 मिनट में सभी अनुभवों को महसूस करता है और प्रत्यक्ष अपने मुंह से सबको बताता है। जी हां इस बात पर यकीन करना तो संभव नहीं है लेकिन बहुत से विशेषज्ञों ने यह बात को सत्य साबित किया है कि ऐसा हो सकता है। इस अनोखी बात का सत्यापन करना और समझना तो मुश्किल है लेकिन यह घटना पूर्णतया सच है। आइए आपको बताते हैं पूरी घटना-

यह सत्य घटना UK के एक छोटे से बच्चे के साथ घटी थी, जो स्विमिंग पूल में गिरकर 6 मिनट के अंदर अपनी सांसे जोड़ चुका था और मृत्यु के दरवाजे पर खड़ा था। बॉब ने डेथ एक्सपीरियंस रिसर्च फाउंडेशन वेबसाइट पर अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि जब है स्विमिंग पूल में कूदा तो उसे आधे मिनट पहले ही अनुभव हुआ कि उसके साथ कुछ गलत होने वाला है।

स्विमिंग पूल में 6 फीट की ऊंचाई से कूदने पर वह घबरा गया और स्विमिंग पूल में डूब गया जिसके बाद आसपास के लोगों ने और उसके चाचा ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की कितनी देर में ही उसके पेट में पानी भर गया था और 6 मिनट के अंदर ही उसने अपनी सांसे रोक दी थी। पूरी कोशिशों के बाद भी डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया था।

बॉब ने अपने अनुभव को शेयर करते हुए बताया कि वह जीवन से बाहर चला गया था और मृत्यु के द्वार पर खड़ा था। उसने बताया कि उसने खुद को स्विमिंग पूल से 5 फीट की ऊंचाई पर महसूस किया और नीचे देखा कि कुछ लोग बैठे हुए हैं भीड़ लगी हुई है और आस-पास घबराते हुए घूम रहे हैं। बॉब की मानें तो वह उन लोगों को देख सकता था और सुन भी सकता था।

बॉब के अनुसार उसने कहा कि वह महसूस कर रहा था कि वह उस क्षण को बहुत इंजॉय कर रहा था और उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। बॉब ने बताया कि वह नीचे पड़े मृत शरीर को उस छोटे बच्चे बहुत को नहीं जानता था जो कुछ देर पहले ही स्विमिंग पूल में गिरने से मर गया था। उसे उसके शरीर में कोई दर्द व परेशानी भी महसूस नहीं हो रही थी वह खुद को बहुत हल्का महसूस कर रहा था।

कुछ विशेषज्ञों ने बॉब की बात को सत्य मानते हुए यह दावा किया कि हम बॉब की बातों से इत्तेफाक रखते हैं क्योंकी शरीर तो मरता है लेकिन आत्मा नहीं मरती है। यही कारण है कि बॉब को भी ऐसा महसूस हुआ कि वह ठीक है और सबको देख और सुन रहा है। इसके बाद ही बाप ने बताया कि जैसे ही उसके शरीर में हलचल हुई मतलब उसकी आत्मा ने उसके शरीर में दोबारा से प्रवेश किया उसे अपने शरीर में दर्द महसूस होने लगा।

एरिजोना विश्वविद्यालय के स्टुअर्ट हैमरॉफ़ और ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी सर रोजर पेनरोस की माने तो यह सब जानकारी क्वांटम स्तर पर संग्रहित है। यदि आत्मा वापस से शरीर में आ जाती है तो उसे खुद पर बीती सभी बातों का अनुभव होता है। किसी मृत व्यक्ति को पुनर्व्यवस्थित किया जाता है तो उसकी आत्मा पुनरुद्धार किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार क्वांटम जानकारी माइक्रो ट्यूबल में वापस आ जाती है और यह अनुभव छोड़ जाती है कि उसके साथ मृत्यु से जुड़ा कुछ हुआ है। और यदि ऐसा नहीं होता है कि किसी इंसान का क्वांटम उसके शरीर में प्रवेश नहीं करता है तो वह इंसान मृत घोषित कर दिया जाता है वह भी सदैव के लिए लेकिन यह ज्ञात होता है कि उस इंसान का क्वांटम उसके आस-पास ही मौजूद होता है। जिसे उस व्यक्ति की आत्मा भी कहा जाता है।

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