Monday , October 26 2020
Breaking News
Home / जरा हटके / कातिल कोरोना : पिता के बाद बेटे को मारा, सदमे में मर गई मां, 16 दिन में परिवार तबाह

कातिल कोरोना : पिता के बाद बेटे को मारा, सदमे में मर गई मां, 16 दिन में परिवार तबाह

बालोतरा ;  शहर के एक परिवार में काेराेना से महज 16 दिन में तीन लाेगाें की माैत हाे गई। इस परिवार में पहले पिता और फिर भाई की माैत हुई। इस सदमे से मां भी दुनिया से चल बसीं और अब इस परिवार में दाे बेटियां ही हैं। हालांकि इन बेटियाें की शादी हाे चुकी है। इनमें एक का ससुराल नागाैर और दूसरे का विवाद जाेधपुर में हुआ है।

देश सहित विश्व में वैश्विक महामारी के तौर पर फैले कोरोना ने कई लोगों को अपने आगोश में लिया है। बालोतरा शहर में 16 दिन में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। कोरोना लगातार पांव पसार रहा है, प्रदेश व देश की सरकार के साथ चिकित्सा महकमा व प्रशासन इसके बचाव को लेकर लोगांे को जागरुक कर रहा है, लेकिन लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हर दिन बढ़ती मरीजों की तादाद व मौत के आंकड़े ने इस लाइलाज बीमारी से आमजन को भयभीत कर रखा है।

जवाहरलाल पारीक (70)

70 वर्षीय जवाहरलाल पारीक राउप्रावि सं. 5 से प्रधानाध्यापक थे। 1 सितंबर को हल्का बुखार आया। जांच के बाद यहां 9 सितंबर काे काेराेना की रिपोर्ट निगेटिव आई। 11 को बालोतरा के अस्पताल में भर्ती करवाया। दो दिन बाद जोधपुर रेफर किया गया। 15 को गोयल जांच के बाद रिपोर्ट पॉजीटिव निकली। इसके दूसरे ही दिन 16 सितंबर की रात को सांस में तकलीफ से 70 वर्षीय पारीक की मृत्यु हाे गई।

राजकुमार पारीक (30)

जवाहरलाल की मौत के बाद 20 सितंबर को उनके बेटे और पत्नी के सैंपल लिए गए। इसमें बेटा राजकुमार की 22 सितंबर काे काेराेना पाॅजिटिव की रिपाेर्ट मिली। वहीं राजकुमार की मांग की रिपोर्ट निगेटिव आई। बेटे राजकुमार काे पहले घर पर ही क्वारेंटाइन किया गया, बाद में 24 तारीख जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां 2 अक्टूबर को उन मौत हो गई।

सुशीलादेवी (60) साल

पहले पति और फिर जवान बेटे की काेराेना से माैत के बाद सुशीला देवी भी सदमें में आ गई। उन्हें बालोतरा के निजी चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। 28 सितंबर को पति के बाद उसने इकलौते जवान बेटे की भी सांसे थम गई। इस सदमे को सुशीलादेवी सहन नहीं कर पाई। 2 अक्टूबर को उसकी भी मौत हो गई। महज 16 दिन के अंतराल में परिवार में एक के बाद एक मौत होने से दोनों बहिनों पर दु:खों का पहाड़ सा टूट गया।

माता-पिता के साथ इकलौते भाई ने भी छोड़ा परिवार का साथ

रबारियों का टांका निवासी खुशबू पारीक…! परिवार में एक बहिन व इकलौता भाई था। प्रधानाध्यापक पद से रिटायर्ड पिता व बुजुर्ग माता की चहलकदमी से एक महीने पहले भरा-पूरा परिवार था, लेकिन कोरोना खुशबू के परिवार पर इस तरह काल बनकर बरसा कि 16 दिन में उसके माता-पिता के साथ इकलौते भाई को छीन लिया।

बारह दिन के भीतर पिता व भाई की मौत होने से वह और उसका परिवार अभी तक सदमे से बाहर नहीं आ पाया है। वहीं सदमे के चलते उसकी मां ने भी सांसें छोड़ दी। खुशबू की शादी नागौर में हो रखी हैं, वहीं बड़ी बहिन की शादी जोधपुर में। 1 सितंबर को बुजुर्ग पिता को बुखार आया तो परिवारजनों ने सामान्य बुखार को लेकर नाहटा अस्पताल में चैकअप करवाया, लेकिन यह पता नहीं था कि कोरोना ने इन्हें अपने आगोश में ले लिया है।

16 सितंबर की रात को खुशबू के पिता जवाहरलाल की गोयल अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं 28 सितंबर को उसके भाई राजकुमार की मथुरादास माथुर अस्पताल जोधपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। पति व बेटे के मौत के सदमे के चलते 2 अक्टूबर को उसकी माता सुशीलादेवी ने भी बालोतरा के रामदेव अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

loading...
loading...

Check Also

प्रेमी संग पति का गला घोंट दी पत्नी, शव दफना कर रखे स्लैब, उसी पर नहाती रही

पानीपत : एनएफएल के पीछे विकास नगर में 18 माह से लापता टेक्नीशियन हरबीर सिंह ...