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Dhoni Thanks : टीम इंडिया को अब कभी नहीं मिल पाएगा ऐसा कप्तान, जानिए कारण

भारतीय क्रिकेट में एक महायुग खत्म हो गया है. महेंद्र सिंह धोनी ने संन्यास का ऐलान कर दिया है. अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में धोनी ने क्रिकेट जगत में अपना एक अलग ही मुकाम बनाया, जिसमें वह आने वाले कई वर्षों तक सभी के लिए प्रेरणा का काम करने वाले हैं.

भारत के ऑलटाइम महान कप्तान की बात की जाती हैं तो सबसे पहले जहन में कपिल देव, सुनील गावस्कर, मोहमम्द अज़हरुद्दीन या सौरव गांगुली का नाम नहीं बल्कि एमएस धोनी का नाम सबसे आता हैं. धोनी ने सभी दिग्गजों को पीछे छोड़कर भारतीय क्रिकेट को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं.

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2007 की बात करे तो वनडे वर्ल्ड कप में भारत शर्मनाक हार के बाद पहले राउंड से बाहर हो गयी थी. जिसके बाद इंग्लैंड में मिली टेस्ट सीरीज जीत ने राहुल द्रविड़ के करियर को तो बचा लिया लेकिन घरेलू वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध मिली हार से टीम फिर टूट गयी थी. जिसके बाद चयन समिति ने साउथ अफ्रीका में खेले गए आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में कप्तान बनाये और धोनी ने पहले से टूर्नामेंट में करिश्मा करते हुए खिताब जीता. जिसके बाद अपने चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान को वनडे सीरीज में 3-2 की करारी शिकस्त दी और भारतीय क्रिकेट को दिशा देने में एक कदम आगे बढाया.

सालों तक ऑस्ट्रेलिया ने भारत को उनकी धरती पर हराया था. 2000 में, भारत ने 14 में से सिर्फ 1 एकदिवसीय मैच जीता, और भले ही परिणाम तीन साल बाद 2004 में थोड़ा बेहतर था, ऑस्ट्रेलिया दस में से नौ बार, भारत को पटकनी देने में सफल रहा था. लेकिन चार साल बाद समय बदल गया था और इस बार धोनी बदला लेने के लिए बतौर कप्तान ऑस्ट्रेलिया गए. जहां टीम इंडिया ने कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज के लगातार 2 फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को उनकी की घरती पर हराकर सीरीज अपने की.

ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद भी धोनी की राह आसान नहीं थी, दरअसल धोनी वर्ल्ड कप 2011 के मद्देनजर टीम के सीनियर खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली को वनडे टीम से बाहर कर दिया, जिसके कारण उन्हें आलोचनाओ का शिकार होना पड़ा. लेकिन जब टीम के नतीजे अच्छे आने लगे तो सब चीज भुला दी गयी. धोनी ने इसके बाद न्यूजीलैंड और श्रीलंका में सीरीज जीतने के साथ-साथ 2010 में एशिया कप जीता. जबकि उनके टेस्ट करियर की पहली बड़ी जीत न्यूजीलैंड में आई जब टीम इंडिया ने 41 वर्षों बाद कीवी टीम को उन्ही सरजमी पर पटकनी दी. 2009 में भारत ने पहली बार टेस्ट रैंकिंग में टॉप स्थान हासिल करके देश का मान बढ़ाया.

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2011 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के बाद एमएस धोनी रातों रात स्टार बन गए थे. फाइनल में श्रीलंका के विरुद्ध नाबाद 91 रनों की पारी भारतीय फैन्स शायद कभी नहीं भूल सकते हैं. कुलासेखरा की गेंद पर लगाया गया छक्का आज क्रिकेट के इतिहास में दर्ज हो गया हैं.

वर्ल्ड कप में अद्भुत प्रदर्शन के बाद वर्ल्ड चैंपियंन को टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड की सरजमी पर में 5-0 और ऑस्ट्रेलिया की सरजमी पर 4-0 की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी. इस हार के बाद कुछ एक्सपर्ट्स और फैन्स का धोनी के प्रति विश्वास कम होने लगा था लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी की और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2013 जीतकर इतिहास रच दिया. अब धोनी आईसीसी द्वारा आयोजित तीनों ट्रॉफी जीतने वाले पहले कप्तान बन चुके थे.

इसके आलावा धोनी की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2014 के फाइनल में जगह बनायीं थी. जबकि वर्ल्ड कप 2015 के सेमीफाइनल में भी प्रवेश किया था. धोनी ने 200 वनडे में टीम की कप्तानी की, जिसमे 110 मैचों में जीत हासिल हुई.

इशांत शर्मा ने कहा- 2013 के बाद महेंद्र सिंह धोनी को अच्छे से समझ पाया था - Ishant sharma truly got to know ms dhoni after - Latest News & Updates in

वर्ल्ड कप 2019 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले के बाद से धोनी दोबारा क्रिकेट खेलते हुए नहीं दिखाई दिए हैं हालाँकि फैन्स को आईपीएल से धोनी की वापसी की उम्मीद थी लेकिन कोरोना महामारी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया. इन सब के बीच ये बात कही जा सकती हैं कि धोनी भारत के ऑल टाइम महान खिलाड़ी हैं.

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