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शाम को किए ये काम देते हैं अनहोनी को बुलावा, आप कभी न करना

हमारे पौराणिक ग्रंथो में यह साफ़ संदेश हैं की इंसान को कोई काम कब और किस समय करना चाहिए । इनमे से जहाँ कुछ काम दिन में बताये गये हैं वही कुछ कामो को रात में करने की सलाह दी गयी हैं । यदि कोई इसका उल्टा करता हैं तो उसको इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ता हैं । उदाहरण के लिए यदि किसी पराई स्त्री से कोई मर्द रात में मिलता है तो समाज में उसकी बदनामी हो जाती हैं वही कोई बुरी संगत वाले लोग से रात्री में मिलता हैं तो उसके हाथ से कोई ना कोई गलत काम हो ही जाता हैं जिससे वह मुश्किल में पड़ जाता हैं ।

आपने कही का कही से ये अवश्य सुना होगा की रात्री के समय किसी श्मसान या कब्रिस्तान के समीप से नही जाना चाहिए, इसके बारे में विष्णु पुराण में साफ़ लिखा हैं की रात्री के समय कब्रिस्तान या श्मशान के समीप बुरी शक्तिया बेहद प्रभावी रहती हैं जो अपनी चपेट में आये किसी इन्सान को हानि पहुंचा सकती हैं ।

कही जाने के लिए तैयार होते समय आप भी डियो, परफ्यूम या इत्र जरुर लगाते होगे, लेकिन पुराणों में इस बात का भी जिक्र हैं की रात्रि के समय इनको नही लगाना चाहिए क्योकि इनकी महक नकारात्मक शक्तियो को आकर्षित करती हैं ।

रात्रि सोने से पहले जो व्यक्ति हाथ पैर और चेहरा धोकर सोता हैं उसको ना केवल नींद अच्छी आती हैं बल्कि उसके विचारो में भी शुद्धता आ जाती हैं । लडकियो के लिया बताया गया हैं की रात में सोते समय हमेशा अपने बालो को बांध के रखना चाहिए क्योकि खुले बालो को देखकर नेगेटिव एनर्जी का प्रभाव बढ़ जाता हैं । किसी भी घर में बड़े बुजुर्ग हमेशा घर में रहने वाली लडकियो को बाल बांधकर सोने के लिए कहते हैं, इसका यही तो कारण हैं ।

किसी भी चौराहे को संधि स्थल भी कहा जाता हैं, रात में यहाँ नेगेटिव उर्जा अपने पुरे चरम पर होती हैं अतः रात के समय किसी सुनसान चौराहे पर जाने से हमेशा परहेज करे, आपने भी चौराहों पर लोगो को टोने टोटके करते हुए देखा होगा, इसका भी यही कारण हैं क्योकि तांत्रिक क्रिया के लिए चौराहा सबसे उत्तम माना जाता हैं ।

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