Friday , April 23 2021
Breaking News
Home / लाइफस्टाइल / खांसी जुकाम से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये देसी नुस्खे, घर बैठे करे ये उपाय…

खांसी जुकाम से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये देसी नुस्खे, घर बैठे करे ये उपाय…

एंटी ऑकिसडेंट से भरपूर दालचीनी कई विटामिन और मिनिरल्स से भी भरी होती है। दालचीनी में विटामनि ए, बी के ई के अलावा प्रोटीन, ओमेगा-3, ओमेगा-6 फैटी एसिड भी होता है। यही कारण है कि दालचीनी मधुमेह, कैंसर, हृदय रोग, मोटापा जैसी कई गंभीर बीमारियों में दवा की तरह काम करती है। मसाले के डिब्बे में रखी दालचीनी न केवल खाने का स्वाद बढ़ाने वाली होती है बल्कि ये कई तरह कि शारीरिक कमजोरी और बीमारियों को दूर करने वाली भी है।

इसका रोजाना सेवन करना आपको कई बीमारियों से बचा सकता है, लेकिन आपको यह भी समझना होगा कि कब दालचीनी कब नुकसादेह भी हो जाता है। तो आइए आज दालचीनी के फायदे और नुकसान को समझें।

View this post on Instagram

Cinnamon is a spice obtained from the inner bark of several tree species from the genus Cinnamomum. Cinnamon is used mainly as an aromatic condiment and flavouring additive in a wide variety of cuisines, sweet and savoury dishes, breakfast cereals, snackfoods, tea and traditional foods. Cinnamon is one of the earliest known spice mainly cultivated for the dried inner bark of the tree. Cinnamon is anative of Sri Lanka and is cultivated in lower elevations of Western Ghats in Kerala and Tamil Nadu. Scientific Name: Cinnamomum cassia,Cinnamomum verum,Cinnamomum loureirii. Benefits of consuming dalchini : 1. Cinnamon Is High in a Substance With Powerful Medicinal. PropertiesCinnamon contains large amounts of highly potent polyphenol antioxidants. 2. Cinnamon Is Loaded With Antioxidants. Cinnamon is a popular spice. It’s high in cinnamaldehyde, which is thought to be responsible for most of cinnamon’s health benefits. 3. Cinnamon Has Anti-Inflammatory Properties. The antioxidants in cinnamon have anti-inflammatory effects, which may help lower your risk of disease. 4. Cinnamon May Cut the Risk of Heart Disease. Cinnamon may improve some key risk factors for heart disease, including cholesterol, triglycerides and blood pressure. 5. Cinnamon Can Improve Sensitivity to the Hormone Insulin. Cinnamon has been shown to significantly increase sensitivity to the hormone insulin. Follow @_.spice._.palate._ Follow @_.spice._.palate._ Follow @_.spice._.palate._ #foodgyan #foodblog #foodstagram #foodporn #instafood #foodphotography #knowwhatyoueat #supperfoods #spices #indianspices #dalchini #cinnamon #dalchinipatta #makesfoodgreat #happyeating #eathealthy #swasthrahomastraho

A post shared by JAGATH SHAURYA (@_.spice._.palate._) on

दालचीनी के फायदे 

  1. अपच, पेटदर्द और सीने में जलन होने पर दालचीनी को सोंठ, जीरा और हरी इलायची के साथ मिक्स कर चूर्ण बना लें और इसे गर्म पानी से पी लें।
  2. मिचली, उल्टी या अपच में आप दालचीनी को काली मिर्च पावडर और शहद के साथ मिला कर लें।
  3. कब्ज और गैस की समस्या में दालचीनी के पत्तों का चूर्ण लेना चाहिए।
  4. यदि बार-बार जुकाम होता हो तो आप चुटकी भर दालचीनी पावडर पानी में उबाल लें। अब इसमें चुटकी भर काली मिर्च और शहद मिला कर पीएं। ये जुकाम, गले की सूजन और बेतहाशा छींक में फायदा करेगा।
  5. यूट्रेस से जुड़ी बीमारियों में दालचीनी का प्रयोग जरूर करें। इसका चूर्ण गर्म पानी से लें।
  6. डिलेवरी के बाद दालचीनी का एक इंच का टुकड़ा मुंह में रख कर उसका रस लें या उसका चूर्ण लें। इससे डिलेवरी के बाद होने वाली प्रेग्नेंसी को रोका जा सकता है।
  7. दालचीनी का चूर्ण लेने से लेक्टिंग मदर का दूध बढ़ता है।
  8. वीर्य वृद्धि में भी दालचीनी बहुत काम आती है, इसके लिए सुबह शाम इसे गुनगुने दूध के साथ लें।
  9. ठंड या जुकाम की वजह से होने वाले सिरदर्द में दालचीनी का लेप माथे पर लगाने से आराम मिलता है।
  10. मुंह की बदबू और दांतों की पेरशानी में भी दालचीनी बहुत कारगर है। इसके पाउडर को दांतों पर मलने से आराम मिलता है।

दालचीनी के नुकसान (Side Effects of eating Cinnamon)

  • सिलोन और कैसिया दालचीनी में क्यूमरिन होता है। जब क्यूमरिन बहुत ज्यादा शरीर में जाता है तो कई तरह से नुकसान करता है।
  • गर्भवती महिलाए अगर इसे ज्यादा लें तो गर्भपात का डर होता हैं वही यदि लेक्टिंग मदर इसे ज्यादा ले तो इससे शिशु को गैस या पेट में दर्द हो सकता है।
  • दालचीनी यदि ज्यादा लिया जाए तो इससे मुंह और होंठ में घाव बन जाते है।
  • दालचीनी का ज्यादा प्रयोग एलर्जी का कारण भी बनता है।
  • दालचीनी की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका सेवन एसिडीटी को बढ़ा सकता है।

इसलिए दालचीनी के फायदों को पाने के लिए इसे सीमित मात्रा में खाएं, क्योंकि ये गरम मसाला है और इसकी प्रकृति भी गर्म है। इसलिए ये नुकसान कर सकती है।

loading...
loading...

Check Also

अगर दिखाई दे ये लक्षण को तुरंत कराएं संक्रमण की जांच, सामान्य समझ कर इन्हें न करें अनदेखा

प्रयागराज। सर्दी से गर्मी की ओर मौसम तेजी से कदम बढा रहा है। मौसम के ...