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Good News : कोरोना प्रतिरोधक हो गया हमारा शरीर, हर चौथे भारतीय के खून में एंटीबॉडीज

भारत में हर चार में से एक शख्स के खून में कोरोना वायरस से लड़ने वाली एंटीबॉडीज हो सकती हैं। एक निजी लैब के राष्ट्रीय सर्वे में ये बात सामने आई है। इसमें दो लाख से अधिक लोगों का टेस्ट किया गया जिनमें से 24 प्रतिशत के खून में कोरोना की एंटीबॉडीज पाई गईं। अगर ये आंकड़ा सही है तो ये भारत में महामारी की पूरी तस्वीर को बदल सकता है और असल मृत्यु दर बेहद कम हो सकती है।

सबसे पहले जानें क्या होती हैं एंटीबॉडीज

एंटीबॉडीज एक प्रकार की प्रोटीन होती हैं जो शरीर पर हमला करने वाले वायरस से लड़ने और उसे मारने का काम करती हैं। वायरस से संक्रमित हो चुके लोगों के खून में ये एंटीबॉडीज पाई जाती हैं और दोबारा संक्रमण से इम्युनिटी प्रदान करती हैं।

दिल्ली में 29 प्रतिशत तो महाराष्ट्र में 20 प्रतिशत के खून में एंटीबॉडीज- सर्वे

की रिपोर्ट के अनुसार, थायरोकेयर लैब के सर्वे में दिल्ली में जितने लोगों को टेस्ट किया गया, उनमें से 29 प्रतिशत के खून में कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज पाई गईं।

मुंबई में 27 प्रतिशत लोगों के खून में एंटीबॉडीज पाई गईं, वहीं पूरे महाराष्ट्र में ये आंकड़ा 20 प्रतिशत रहा। इसी तरह ठाणे के हर तीसरे शख्स के खून में कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज मिलीं, वहीं नवी मुंबई में यह आंकड़ा 21 प्रतिशत रहा।

सरकारी सर्वेज में भी बड़ी आबादी में पाई गई हैं एंटीबॉडीज

बता दें कि इससे पहले नगर निगमों और प्रतिष्ठित सरकारी संस्थाओं द्वारा शहरों के स्तर पर किए गए सर्वेज में भी एक बड़ी आबादी में कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज पाई गई हैं। जहां पुणे के कुछ इलाकों में 51.50 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज पाई गईं, वहीं मुंबई की झुग्गी बस्तियों में यह आंकड़ा प्रतिशत रहा। पिछले महीने किए गए दिल्ली के सर्वे में 23 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज पाई गईं, वहीं दूसरे सर्वे के नतीजे इस हफ्ते आने हैं।

आंकड़े अच्छे संकेत, लेकिन हर्ड इम्युनिटी से अभी बहुत दूर है भारत

इन आंकड़ों पर थायरोकेयर लैब के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ अरोकिया स्वामी वेलुमणि ने कहा, “हमारे आंकड़े दर्शाते हैं कि 24 प्रतिशत पॉजिटिविटी के साथ भारत 35 प्रतिशत के पास पहुंच रहा है जहां मामलों का कर्व फ्लैट होने लगता है। 45 प्रतिशत सीरो-पॉजिटिविटी पर कर्व नीचे की तरफ जाने लगता है। 45-50 प्रतिशत की पॉजिटिविटी पर वायरस कम प्रभावी होता है।” हालांकि भारत हर्ड इम्युनिटी से अभी बहुत दूर है और इसके लिए 60-70 प्रतिशत आबादी में एंटीबॉडीज होनी चाहिए।

भारतीयों की इम्युनिटी ज्यादा मजबूत- विशेषज्ञ

महाराष्‍ट्र कोविड टास्‍क फोर्स के सदस्‍य डॉ शशांक जोशी ने कहा, “भारत इकलौता ऐसा देश है जहां के कुछ इलाके इतनी ज्‍यादा सीरो-पॉजिटिविटी दिखा रहे हैं। साफ है कि भारतीयों की इम्‍युनिटी ज्‍यादा मजबूत है।”

डॉ जोशी ने कहा कि ये ट्रेंड दिखाता है कि भारत में ज्यादातर मरीज बिना लक्षण वाले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के लोग कई तरह के कीटाणुओं का पहले ही सामना कर चुके हैं और इसी कारण उनकी इम्युनिटी बेहतर होती है।

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