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इन मंदिरों में दर्शन मात्र से भक्तो की होती है सभी मुरदे पूरी, जानिए क्या है यहाँ खास

नवरात्री के दिनों मैं माता के इन दो मंदिरो के दर्शन करने का है ख़ास महत्त्व, पूर्ण होती है सभी मनोकामनाएं...जानिये

ज्योतिष शास्त्र, वास्तु शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, ऐसी ही कुछ विधाएं हैं जिनके प्रयोग से हम जीवन में आ रहे संकटों के रुख मोड़ सकते हैं। तकलीफ होने पर लोग इन शास्त्रीय उपायों का प्रयोग करते हैं। लेकिन आज जो हम आपको बताने जा रहे उसे जानने के बाद आप भी इन कामो को करने से पहले हज़ार बार सोचेंगे और कभी करने  के बारे में सोचेंगे भी नहीं  क्योंकी अगर ये काम आप करने का सोचे भी तो एक बार जरुर सोच ले आपके साथ क्या हो सकता है।  वर्तमान समय में भी पूजा पाठ करने की परंपरा को निभाया जा रहा है, ऐसा माना जाता है कि पूजा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।पूजा करने से मन की शांति प्राप्त होती है और घर परिवार में किसी भी प्रकार की मुसीबत नहीं आती है परंतु पूजा करने के भी कुछ नियम बताए गए हैं जिनका पालन करना बहुत ही आवश्यक है।

शास्त्रों के अनुसार नवरात्री के दिनों मैं माता के 51 मंदिरो का ख़ास महत्व बताया गया है | इन 51 मंदिरो मैं से माता के 2 मंदिर ऐसे है यदि कोई भी भक्त अपनी मनोकामना लेकर इन मंदिरो मैं जाता है तो माता रानी अपने भक्तो  की सभी मनोकामनाएं जरूर पूर्ण करती है | माता के ये मंदिर अपनी चमत्कारिक शक्तियों के लिए बहुत प्रसिद्द है कोई भी भक्त माता के  दरवार से कभी भी खाली हाथ नहीं लोटता है | तो चलिए जानते है दोस्तों वो 2 कौन कौन से मंदिर है माता के…
माता के दिन दो मंदिरो के दर्शन मात्र से पूर्ण हो जाती है सभी मनोकामनाएं 
पहला मंदिर – मनसा देवी 
मनसा देवी माता का ये मंदिर हरिद्वार मैं स्थित है | कथाओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है की मनसा देवी माता भगवान शिव की पुत्री है | कुछ लोगो का मानना ये भी है की मनसा देवी माता का जन्म कश्यप के मस्तिक से हुआ है इसलिए इन्हे मनसा कहा जाता है और कुछ लोग ऐसे भी कहते है की इस जगह माता सती का मन गिरा था इसलिए ये स्थान मनसा के नाम से प्रसिद्ध हुआ |
माता मनसा देवी कमल के फूल और सर्प पर विराजमान है इनकी गोद मैं इनका पुत्र आस्तिक विराजमान है | इस मंदिर के बारें मैं ऐसा कहा जाता है की इस मंदिर की रक्षा सर्प करते है | नवरात्री के दिनों मैं इस मंदिर मैं काफी संख्या मैं श्रदालु आते है और जो भी भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर इस मंदिर मैं आता है माँ मनसा देवी उसकी मनोकामना जरूर पूर्ण करती है |
दूसरा मंदिर – कामाख्या देवी 
कामाख्या देवी माता का ये मंदिर असम की राजधानी दीसपुर मैं स्थित है | इस मंदिर की बहुत ही मान्यता है इस मंदिर मैं माँ कामाख्या देवी सर्प पर विराजमान है | माता कामाख्या देवी का ये मंदिर तंत्र साधना के लिए बहुत ही प्रसिद्ध है माता कामाख्या को सती का ही रुप माना जाता है | इस मंदिर के बारें मैं ऐसा कहा जाता है जो भी भक्त इस मंदिर मैं आकर माता कामाख्या की पूरा अर्चना करता है उसकी मनोकामनाएं जरूर पूर्ण होती है इस मंदिर से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लोटता है और उसके जीवन के सभी कष्ट इस मंदिर के दर्शन मात्रा से दूर हो जाते है |
नवरात्री के दिनों मैं माँ कामाख्या देवी मंदिर मैं हज़ारो की संख्या मैं लोग दर्शन करने के लिए आते है | ये मंदिर तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध होने के कारण लोग यहाँ लोग आकर तंत्र साधना करते है | अगर आप इस मंदिर के दर्शन करने की सोच रहे है तो आप इस मंदिर मैं जरूर जाए | माता कामाख्या आपकी सभी मनोकामनाएं जरूर पूर्ण करेगी |
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