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मुस्लिमों ने ही पैसों के लिए मुस्लिमों का मज़हब किया भ्रष्ट, ‘हलाल’ बताकर खिला दिया ‘हराम’ गोश्त!

मलेशिया ने मुस्लिम समुदाय के साथ ऐसा काम कर दिया है कि अब पुरे देश में मुस्लिम भी खफा है. वो मलेशिया जो मुस्लिम देशों का साथ देने की बात करता है. जहाँ से भगोड़ा ज़ाकिर नाइक विश्व भर के मुस्लिमों को बरगलाने में लगा रहता है. उस मलेशिया ने दुनिया भर के मुस्लिमों को बड़ा झटका दिया है. मीट के नाम पर उसने मुस्लिमों के जज़्बातों को हलाल कर दिया. दरअसल मलेशिया को दुनिया का सबसे बड़ा हलाल एक्सपोर्टर बनना था. और इस चक्कर में उसने जो काण्ड किया है. उसके बाद मुस्लिम समुदाय भी उससे नाराज है. और सबसे बड़ी बात तो ये कि धंधे के नाम पर ये गंदा खेल कई सालों से चल रहा था. जिसका खुलासा होने के बाद अब मलेशिया की दिक्कत भी बढ़ने लगी है.

दरअसल मलेशिया की कुछ कंपनियों ने हलाल मीट के नाम पर बड़ा झोल कर दिया है. और हलाल मीट के नाम पर इतना बड़ा घोटाला किया गया कि मलेशियाँ की ही 60 प्रतिशत मुस्लिम आबादी गुस्से में है. गुस्से का कारण ये है कि हलाल मीट के नाम पर कुछ कंपनियां बीफ में घोड़े और कंगारू का मीट मिलाकर बेच रही थी. कंगारुओं और घोड़े के मीट का इस्तेमाल कर दुनिया भर में बेचा जा रहा था.

न्यू स्ट्रेट टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मलेशिया यह गैंग पिछले 40 सालों से हलाल के नाम पर घोटाला कर रही थी. गैंग इसलिए क्यूंकि इस घोटाले में एक नहीं कई सारी कंपनियां शामिल है. ये चीन, यूक्रेन और दक्षिण अमेरिका के गैर-हलाल बूचड़खानों से घोड़ों और कंगारूओं तक का मीट खरीदती थी. उसके बाद अधिकारियों को भर पेट रिश्वत खिलाई जाती फिर उस मीट को बीफ में मिला कर पूरी दुनिया के मुस्लिम देशों में सप्लाई करती थी.

हैरानी की बात ये है कि मलेशिया पुलिस ने इस मामले में अभी तक एक गिरफ्तारी की है. पर किसी का नाम या कम्पनी के नामों का खुलासा नहीं किया है. मामला इतना संगीन है पर मलेशिया पुलिस की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं. की आखिर इस घोटाले की जड़ें कितने अंदर तक है. कौन कौन अधिकारी इसमें शामिल है. पर इस मामले में वहाँ की सरकार ने रॉयल कमिशन ऑफ इंक्वॉयरी का गठन करने पर भी विचार किया है, जिसे लेकर धार्मिक मामलों के मंत्री ने कहा कि यह इस तरह के अपराध की जड़ तक पहुँचने का सबसे जरूरी कदम होगा.

इस घोटाले के सामने आने के बाद मलेशिया के मीट व्यापार पर कितना गहरा असर पड़ा है. ये भी जान लीजिये. दरअसल कुआला लम्पुर के 6000 हॉकरों को बीफ संबंधी सामग्रियों को बेचने की मनाही की गई है. बीफ के नाम पर मिलावट का यह खेल सालों से चल रहा था. बता दें कि हलाल का बिजनेस 2.3 ट्रिलियन डॉलर का है. मलेशिया अकेले 9 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट करता है.

अब इस बिजनेस के खेल को भी समझ लीजिये. पहले घोड़े और कंगारुओं के मीट को मंगाया जाता, फिर गैर हलाल मीट बंदरगाहों से लाया जाता, इस दौरान अधिकारियों को रिश्वत दी जाती. फिर इसे हलाल सर्टिफाइड मीट और बीफ के साथ मिक्स कर दिया जाता. फिर इन पैकेट्स को दुनिया भर के मुस्लिम देशो में भेज दिया जाता है. इस खेल में कई सारे खिलाड़ी है. इसलिए कप्तान कौन है और कोच कौन इसका पता लगाना बेहद मुश्किल है.

अब जिन लोगों को नहीं मालुम कि हलाल मीट क्या है और गैर हलाल मीट क्या है. जिसे झटका भी कहा जाता है. तो बता दें कि हलाल के लिए जानवर की गर्दन को एक तेज धार वाले चाकू से रेता दिया जाता है. इसके बाद सांस वाली नली कटने के कुछ देर में ही जानवर की जान चली जाती है. और ये इस्लाम में जायज है. मुस्लिमों में हलाल विधि से काटे गए जानवरों को खासकर खाया जाता है.

जबकि झटका में ऐसा नहीं होता. इसमें जानवर को कम दर्द पहुंचाया जाता है. कहते हैं किइसमें जानवर को काटने से पहले इलेक्ट्रिक शॉक देकर उसके दिमाग को सुन्न कर दिया जाता है ताकि वो ज्यादा संघर्ष न करे. उसी अचेत अवस्था में उस पर झटके से धारदार हथियार मारकर सिर धड़ से अलग कर दिया जाता है.

अब इस मामले में आगे क्या फैसला लिया जाता है ये अलग बात है पर मलेशिया से आई इस खबर ने दुनिया भर के मुस्लिमों को चिंता में ज़रूर डाल दिया है. अब देखना होगा कि ज़ाकिर नाइक जैसे लोग जो मलेशिया में ही छिपे बैठे हैं वो क्या कहते हैं.

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