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जीभ में स्वाद नहीं होने से मां-बेटी हो गईं परेशान, दोनों ने खाया जहर, एक की मौत

ये सनसनीखेज खबर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सामने आई है। यहां की सोनगंगा कॉलोनी में शनिवार को मां-बेटी ने जहर खा लिया और अपने कुत्ते को भी चूहामार दे दिया। इससे मां की मौत हो गई। बेटी को सिम्स में भर्ती कराया गया है। खुदकुशी करने से पहले बेटी ने दो चिट्‌ठियां लिखी। एक में खुदकुशी के कारण है। दूसरी चिट्‌ठी मकान मालिक के नाम पर है जिसमें किराए के मकान का हिसाब किताब है।

चिटि्ठयां हूबहू- पत्र-1 जीभ में किसी तरह का स्वाद महसूस न होना,गले में खराश बने रहना तथा अत्यधिक मात्रा में चक्कर आना,स्वास्थ्य संबंधी अपनी इन्हीं समस्याओं से हम जिंदगी से पूरी तरह निराश और हताश हो चुके हैं। अत: हम कीटनाशक का सेवन कर अपनी जीवनलीला को समाप्त कर रहे हैं, सके लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं। इसके लिए किसी को भी दोषी न ठहराया जाए। यदि हम इस कीटनाशक दवा के सेवन से नहीं मरते हैं तब भी हमें बचाने का प्रयास न किया जाए, क्योंकि हमारी जीने की इच्छा शक्ति खत्म हो चुकी है।

हम अपने डॉगी को भी जहर देकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं, क्योंकि वह भी कई महीनों से स्वास्थ्य खराबी से जूझ रहा है। अत: हमारे बाद उसकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं होगा। हमारे मकान मालिक संजय चक्रवर्ती हैं, जिनके साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं किन्तु हमारे इस तरह से उठाए हुए कदम से उन्हें कुछ परेशानी हो सकती है, क्योंकि उन्हें अपना मकान जल्दी से जल्दी तैयार करवाना है। अत: हमारा विनम्र निवेदन हैं कि उन्हें किसी तरह से परेशान न किया जाए।

वे पूरी तरह से निर्दोष हैं। हमारे घर के सामान को लावारिस सामान समझ लिया जाए। हमारे शव के लिए किसी भी रिश्तेदार या दावेदार को मत खोजियेगा बल्कि हमारे शव को लावारिस समझ के जो भी कार्रवाई होती होगी,करवा दीजिएगा। निवेदन है कि हमारे मकान मालिक संजय चक्रवर्ती को किसी तरह से परेशान न किया जाए। वे पूरी तरह से निर्दोष हैं।

पत्र-2 मकान मालिक के नाम: आपके मकान में अपनों की तरह रहें, आप जैसे मकान मालिक सभी को दें, संजय चक्रवर्ती साहब, आपके मकान में शिफ्ट करने से पहले हमने आपको 04/02/2014 को 8,000/-रुपए एडवांश दिए थे, आप अभी दिसंबर 2020 का मकान का किराया 6,000/-उसी में से काट लीजिएगा। दिसंबर 2020+जनवरी2021 के बिजली पानी के बिल का भुगतान, हमने कर दिया है एवं बिल भी आपको सौंप दिया है।

बचे हुए 2,000/-रुपए को आप जनवरी 2021 के 10 दिनों का किराया समझ लीजिएगा। आपके मकान में अपनों की तरह रहे और आपने जो अपनापन दिया, उसका बहुत-बहुत धन्यवाद। जाने अनजाने में यदि हमसे कोई गलती हुई हो या हमने आपका दिल दुखाया हो, उसके लिए हम बारंबार क्षमा प्रार्थी हैं। ईश्वर आप जैसे सभ्य, सहनशील, समझदार एवं सुलझे-विचारों के मकान मालिक सभी को दें। -श्वेता वर्मा

काफी देर से भौंक रहा था कुत्ता, संदेह हुआ

सरकंडा क्षेत्र के सोनगंगा कॉलोनी, बी-15 संजय चक्रवर्ती का मकान है। 2015 से इसमें सकुन वर्मा पति स्व हरीशचंद्र वर्मा 60वर्ष अपनी बेटी श्वेता 45वर्ष व बेटे सचिन के साथ रहती थीं। पति एसईसीएल के रिटायर्ड कर्मचारी थे। डेढ़ साल पहले उनकी मौत हो चुकी है। सचिन बाहर रहता है। पति के पेंशन से घर का खर्च का खर्च चलता था। मकान के ऊपरी हिस्से का मरम्मत चल रहा है। शनिवार की सुबह 10.30 से सकुन का पालतू कुत्ता बाहर काफी समय से भौंक रहा था पर भीतर से कोई बाहर नहीं निकल रहा था।

मजदूरों को संदेह हुआ तो ठेकेदार को बताया। ठेकेदार दरवाजे पर आकर आवाज दिया पर कोई जवाब नहीं मिला। अंदर भी हलचल नहीं थी। उसने मकान मालिक को फोन किया। मकान मालिक ने सकुन के मोबाइल पर कॉल किया पर रिसीव नहीं हुआ। उन्हें किसी गड़बड़ी का अंदेशा हुआ और 108 को बुलाया। एंबुलेंस पहुंची तो मजदूरों ने मिलकर दरवाजा खोला।

भीतर कमरे में सकुन और श्वेता चित पड़ थे। सकुन के शरीर पर हलचल नहीं था। श्वेता की सांसे चल रही थी। दोनों को तत्काल सिम्स लाया गया। यहां डॉक्टरों ने सकुन को मृत घोषित कर दिया। श्वेता की हालत गंभीर होने के कारण भर्ती कर लिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा पुलिस एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंची। जांच में सकुन व श्वेता के कमरे के भीतर से चूहा मारने वाला रोटेल नाम का पेस्ट का रेपर मिला। कमरे में स्टील का कप था। इसमें चूहामार घुला था। पास दो अलग-अलग पन्नों में सुसाइट नोट लिखे पड़े थे। दोनों को ही श्वेता ने लिखा था।

बेटी की हालत गंभीर होने से मृत्यपूर्व बयान नहीं हो पाया : महिला की बेटी श्वेता की हालत बहुत गंभीर है। उसे सिम्स के आईसीयू में रखा गया है। पुलिस उसका मृत्युपूर्व बयान कराना चाहती थी पर डॉक्टरों ने अनुमति नहीं दी। कहा- वह बातचीत करने की स्थिति में नहीं है।

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