Friday , October 23 2020
Breaking News
Home / ख़बर / 100 में 9 हरियाणवी हुए ऐसे न्यूट्रल, बीच भंवर में फंस गए खट्टर

100 में 9 हरियाणवी हुए ऐसे न्यूट्रल, बीच भंवर में फंस गए खट्टर

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को बहुत बड़ा झटका दिखाई दे रहा है. भाजपा ने इस बार के चुनाव में ‘अबकी बार-75 पार’ का नारा दिया था, परंतु चुनाव परिणामों में भाजपा इस लक्ष्य से कोसों दूर है. ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि भाजपा के पास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, धारा 370 सहित राष्ट्रवाद के मुद्दे, मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के अच्छे कार्य जैसे अनेक मुद्दे थे, इसके बावजूद पार्टी को अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं मिला ? इस प्रश्न का उत्तर छिपा है ‘9 प्रतिशत’ में.

जी हां, इस 9 प्रतिशत से तात्पर्य है, वो मतदाता, जिन्होंने 21 अक्टूबर को मतदान करने में आलस्य दिखाया, जबकि पाँच वर्ष पूर्व 2014 के चुनाव में बढ़-चढ़ कर मतदान में भाग लिया था. दरअसल हरियाणा विधानसभा चुनाव 2014 में 76.6 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस बार मतदान में लगभग 9 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई.

राजनीतिक विश्लेषकों और आम धारणा के अनुसार मतदान में कमी सामान्यत: भाजपा के लिए हानिकारक साबित होती है. जब भी मतदान प्रतिशत में गिरावट आती है, तो यह माना जाता है कि भाजपा के परम्परागत मतदाता वोट डालने घरों से नहीं निकले. हरियाणा में भी कुछ यही हुआ है, जिसके चलते मनोहरलाल खट्टर की नैया बीच भंवर में फंस गई.

मतदान प्रतिशत किसी भी चुनाव परिणाम पर सीधा प्रभाव डालता है. यही कारण है कि लोकसभा चुनाव 2019 में जहाँ हरियाणा में 74.3 प्रतिशत मतदान हुआ था और भाजपा को राज्य की सभी 10 सीटों पर जीत मिली थी, परंतु विधानसभा चुनाव 2019 में हरियाणा की जनता ने 2014 के विधानसभा ही नहीं, अपितु 2019 के लोकसभा चुनाव के मुक़ाबले भी कम वोट डाले, जिससे भाजपा को बड़ा झटका लगा और उसे बहुमत के लाले पड़ गए.

 

loading...
loading...

Check Also

इस बड़े शहर में आलूबंडा-चूना हुआ बैन, जानिए आखिर क्या है माजरा ?

क्या आपने कभी सुना है, कि शहर की शांति के लिए आलूबंडा और चूना को ...