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शिवसेना ने कैंसिल की बीजेपी से मीटिंग, फिर जो हुआ वो किसी ने सोचा न था !

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा होने के बाद से ही राज्य में सरकार किसकी बनेगी, यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है. शिवसेना जहां एक ओर 50-50 के फॉर्मूले पर अड़ी हुई है तो दूसरी ओर भाजपा का पक्ष है कि अगले पांच साल तक मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ही होंगे. सरकार बनाने को लेकर चल रही भाजपा-शिवसेना की इसी खींचतान में दोनों के बीच मंगलवार को होने वाली बैठक रद्द हो गई. शिवसेना नेता संजय राउत का कहना है कि यह बैठक खुद उद्धव ठाकरे ने रद्द की है. लेकिन बैठक रद्द होने के बाद जो हुआ वो चौंकाने वाला है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के ओएसडी याने विशेष कार्याधिकारी श्रीकांत भारतीय के घर पर हमला हुआ है. मुख्यमंत्री के ओएसडी के अमरावती स्थित घर पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला बोल दिया, साथ ही घर के बाहर खड़ी कार में भी तोड़फोड़ की. जिस समय यह घटना हुई, श्रीकांत अपने परिवार के लोगों के साथ घर से बाहर गए हुए थे. एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना को महाराष्ट्र चुनाव के परिणामों और सत्ता-समीकरणों के बनते-बिगड़ते खेल से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

दरअसल राजनीतिक खींचतान के बीच दोनों पार्टियों के नेता बयानों के जरिए एक दूसरे पर दबाव बढ़ाने की कोशिश में लगे हुए हैं मगर उनके इन प्रयासों के चलते बीच का कोई रास्ता अभी तक नहीं निकल सका है. शिवसेना जिस 50-50 फॉर्मूले की बात कर रही है, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उसका खंडन करते हुए उसको पूरी तरह से नकार दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में पूरे पाँच साल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार चलेगी. मतलब साफ़ था कि फडणवीस अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी किसी से भी बाँटने के मूड में नहीं हैं.

50-50 फॉर्मूले पर बात नहीं बनते दिखी तो फिर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दोनों पार्टियों के नेताओं की मंगलवार शाम को होने वाली बैठक को रद्द कर दिया. इस मामले पर सांसद संजय राउत ने सवालिया अंदाज़ में अपनी बात रखते हुए कहा, “अगर मुख्यमंत्री ही कह रहे हैं कि 50-50 फॉर्मूला पर चर्चा नहीं होगी तो बैठक और उसकी चर्चा का आधार ही क्या रह जाएगा?” उन्होंने बताया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और ठाकरे की उपस्थिति में 50- 50 फॉर्मूले पर बातचीत हुई थी. वे बोले, “यह सब उन्होंने कैमरे के सामने कहा था मगर अब उससे इनकार कर रहे हैं.”

बता दें कि 288 सीट वाली महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में भाजपा 105 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, वहीं शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. ऐसे में सत्ता पर काबिज होने के लिए पर्याप्त बहुमत किसी एक दल के पास नहीं है.

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