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PFI की बड़ी साजिश को UPSTF ने किया नाकाम : संगठन का कमांडर व उसका साथी अरेस्ट

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने प्रदेश में हिंदू धार्मिक संगठनों के नेताओं और हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमला करने की साजिश रचने वाले पीएफआई के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया हैं। केरल के रहने वाले दोनों सदस्यों में एक असद बदरुद्दीन और फिरोज़ खान के तौर पर हुई है। असद बदरुद्दीन कमांडर बताया जा रहा है। यह दोनों बसंत पंचमी पर्व के दिन उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बड़ी घटना करने के लिए विस्फोटक सामग्री डिलीवरी करने लखनऊ आए थे। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि, 17 फरवरी को पीएफआई का स्थापना दिवस है। इससे पहले प्रदेश में हिंदूवादी संगठन या धार्मिक स्थलों पर हमला करने की साजिश की गई थी। खुफिया एजेंसियों की सूचना पर केरल से लखनऊ पहुंचे दोनों को आज मंगलवार शाम को कुकरैल बंधे के पास से गिरफ्तार किया गया हैं। जिनसे एसटीएफ की टीम अन्य एजेंसियां पूछताछ कर रही है।

बरामद हुई है विस्फोटक सामग्री

दोनो आरोपियों के पास से विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है। साथ में डेटोनेटर और चौकाने वाले दस्तावेज भी मिले हैं, इन दोनों का संबंध पीएफआई से बताया गया है। इनके पास से 16 अदद हाई क्वालिटी एक्प्लोसिव डिवाइस प्राप्त हुए हैं। 32 बोर की पिस्टल मिली हैं। एसटीएफ को कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि पीएफआई के लोग देश की सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए यूपी के कई महत्वपूर्ण संवेदनशील स्थानों व हिन्दू संगठनों के बड़े पदाधिकारियों पर हमला करने की योजना बना रहे हैं और विशेष वर्ग के हष्ट पुष्ट सदस्य भी बना रहे थे। जानकारी के मुताबिक़ एसटीएफ ने मुखबिरों को सक्रिय किया था। एसटीएफ को 11 फरवरी को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ट्रेन से लखनऊ आएंगे। जिसके बाद आरोपियों को पकड़ा गया। बसन्त पंचमी पर आम जनता में आतंक फैलाने और विद्वेष उत्पन्न करने की इनकी योजना थी।

इनके पास से 16 अदद हाई क्वालिटी एक्प्लोसिव डिवाइस प्राप्त हुए हैं। 32 बोर की पिस्टल मिली हैं।

 

कौन कौन से नेता निशाने पर थे ?

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि इनके निशाने पर कौन कौन से नेता थे यह बताना अभी ठीक नहीं है। अभी इनसे बहुत पूछताछ करना है। पीएफआई संगठन का नाम हाथरस में भी सामने आया था। तब पकडे गए आरोपियों ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया था।

बीते एक साल में पीएफआई के 123 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि, जब दिल्ली में हिंसा हुई थी तब कुछ ऐसे दस्तावेज भी मिले थे। उसमें भी इनकी संलिप्प्ता हो सकती है। ये लोग छोटे ग्रुप बनाना चाह रहे थे। 17 फरवरी को पीएफआई का स्थापना दिवस भी है, इसके लिए अलर्ट भी रखा गया है। उन्होंने बताया कि बीते एक साल में पीएफआई के 123 सक्रिय सदस्य पकड़े गए हैं इनके बाकी सैकड़ों साथियों पर भी हमारी नजर है। इन्हें कल कोर्ट में पेश किया जाएगा साथ ही इनके पास से जो सामान बरामद हुआ है उसे हम सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश करेंगे और इनकी रिमांड लेंगे।

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