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पहले जमीन..फिर आसमान..अब पाक पर पानी से सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे मोदी

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के चरखी दादरी में चुनावी जनसभा को संबोधित किया. उन्‍होंने पाकिस्‍तान के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाने की बात की. उन्‍होंने पाकिस्‍तान के खिलाफ अब पानी पर सर्जिकल स्‍टाइक के संकेत दिए. उन्होंने कहा कि राष्‍ट्रहित में जो भी कदम उठाना जरूरी होगा वह डंके की चोट पर उठाते रहेंगे. उन्‍होंने जम्मू-कश्‍मीर के हालात की चर्चा करते हुए कहा, किसी को कितनी भी आपत्ति हो, हम देशहित में कोई भी कदम उठाने से नहीं हिचकेंगे.

दरअसल, प्रधानमंत्री दादरी के बाद कुरुक्षेत्र में रैली को संबोधित कर रहे थे. दादरी में रैली को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र पहुंचे. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार बनते ही हरियाणा के हर किसान के खाते में सीधी मदद पहुंचेगी. हिंदुस्तान और हरियाणा के किसानों के हक का पानी 70 साल तक पाकिस्तान जाता रहा. ये मोदी पानी को रोकेगा और आपके घर तक लाएगा.’ इसके लिए मैंने काम शुरू कर दिया है. इस पानी पर हक हिंदुस्तान का है और हरियाणा और राजस्थान के किसानों का है. इस वजह से आपके लिए मोदी लड़ाई भी लड़ रहा है.’

बता दें कि भारत की तरफ से जाने वाली तीन नदियों का पानी पाकिस्तान जाता है. पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने हेतु प्रयासरत है. यही वजह है कि 22 अगस्त को भारतीय सीमा तथा विश्व स्तर पर पाकिस्तान के बढ़ते उत्पात के बीच भारत ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए पाक के साथ हाइड्रोलॉजिकल डाटा साझा करना बंद कर दिया था. हाइड्रोलॉजिकल डाटा वर्षा, नदियों के मार्ग में उनका जमाव, प्रवाह की गति, जल की परिवहन क्षमता, भूजल स्तर, वाष्पीकरण के माध्यम से जल की निगरानी कर जुटाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य किसी क्षेत्र के बढ़े हुए जलस्तर के कारण आने वाले बाढ़ का पता लगाना होता है.

भारत भी अपनी नदियों का हाइड्रोलॉजिकल डाटा संग्रहीत करता है. उत्तर-पूर्वी राज्यों से पाक जाने वाली नदियों से जुड़ा डाटा वर्ष 1989 के एक समझौते के तहत पाकिस्तान के साथ भी साझा किया जाता था. इसे हर साल बाढ़ के मौसम में मॉडिफाइ कर पाकिस्तान के साथ साझा किया जाता था लेकिन हाल ही में केंद्र सरकार ने इसे बंद करने का फैसला किया था. और अब प्रधानमंत्री के इस बयान यह स्पष्ट हो गया है कि इस क्षेत्र में और भी कदम उठाए जाने वाले हैं.

वैसे हाइड्रोलॉजिकल डाटा से जुड़ा बंद करने का भारत का यह कदम पाकिस्तान के साथ हुए सिंधु जल संधि को निरस्त करने के प्लान का पहला कदम माना जा रहा था, क्योंकि पाकिस्तान जिस तरह से कश्मीर मुद्दे को विश्व में सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहा है उसे सबक सिखाना जरूरी है. जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी कहा था कि भारत सिंधु जल समझौते के तहत अपने हिस्से के पानी को रोकने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम कर रहा है.

इससे पहले पूर्व जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने भी 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले के बाद कहा था कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को लगातार समर्थन देने की वजह से भारत अपने हिस्से में आने वाली नदियों का पानी पाकिस्तान में जाने से रोकने पर विचार कर रहा है.

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