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Republic TV Fake TRP: चैनल मालिक साबित हुए दोषी तो मिलेगी इतनी सजा

मुंबई
मुंबई पुलिस ने गुरुवार को ‘फॉल्स टीआरपी रैकेट’ का खुलासा किया है। इस बाबत आयोजित प्रेस वार्ता में मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने रिपब्लिक टीवी (republic tv fake trp) को आरोपी मानते हुए कहा कि चैनल ने पैसे देकर रेटिंग बढ़ाई। टीआरपी रैकेट के जरिए पैसा देकर TRP के मैन्युपुलेट किया जाता था। मुंबई पुलिस को दो अन्य चैनलों का पता चला है, जिनके नाम फख्त मराठी और बॉक्स सिनेमा हैं। मामले के आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड सहिंता यानी आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ जिन धाराओं में कार्रवाई को अंजाम दिया गया है, उसमें कितनी सजा का प्रावधान है।

आईपीसी की धारा 420 के तहत प्रावधान
फेक टीआरपी का षडयंत्र रचने वाले आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 420 लगाई गई है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा करने का आरोपी बनाया गया है। बता दें कि अगर कोई भी किसी शख्स को धोखा दे, बेईमानी से किसी भी व्यक्ति को कोई भी संपत्ति दे या ले. या किसी बहुमूल्य वस्तु या उसके एक हिस्से को धोखे से खरीदे-बेचे या उपयोग करे या किसी भी हस्ताक्षरित या मुहरबंद दस्तावेज में परिवर्तन करे, या उसे बनाए या उसे नष्ट करे या ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करे तो वह भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के अनुसार दोषी माना जाता है।

काटनी पड़ सकती है सात साल तक की सजा
फेक टीआरपी का दोषी पाए जाने पर किसी एक अवधि तक सजा दी जा सकती है, जिसे 7 साल तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है या फिर दोनों भी। कानून का जानकारों का मानना है कि यह एक गैर-जमानती संज्ञेय अपराध है, जिसे किसी भी न्यायाधीश द्वारा सुना जा सकता है। यह अपराध न्यायालय की अनुमति से पीड़ित व्यक्ति द्वारा समझौता करने योग्य है।

किसी लोक सेवक या बैंक कर्मचारी, व्यापारी या अभिकर्ता के विश्वास का आपराधिक हनन करने पर भारतयी दंड संहिता की धारा 409 के तहत कार्रवाई की जाती है। आईपीसी की धारा 409 के अनुसार, जो भी कोई लोक सेवक के नाते अथवा बैंक कर्मचारी, व्यापारी, फैक्टर, दलाल, अटॉर्नी या अभिकर्ता के रूप में किसी प्रकार की संपत्ति से जुड़ा हो या संपत्ति पर कोई भी प्रभुत्व होते हुए उस संपत्ति के विषय में विश्वास का आपराधिक हनन करता है, उसे दोषी करार दिया जा सकता है।

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