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कोरोना से सैकड़ों मरीजों की जान बचाने वाली डॉक्टर की पगार काटी सरकार, निराशा में छोड़ी नौकरी

भिलाई. कोरोना महामारी के दौरान सरकारी कोविड केयर सेंटर, शंकराचार्य जुनवानी में जान जोखिम में डालकर सेवा देने वाले चिकित्सकों को भी पूरा वेतन नहीं दिया गया है। पूरा मामला तब का है जब कोविड-19 के केस इतने अधिक आ रहे थे कि अस्पतालों में बेड तक खाली नहीं रह गए थे। सीनियर डॉक्टर वार्ड में नहीं जाते थे। वहीं जूनियर डॉक्टर पूरे दिन कोविड केयर सेंटर के आईसीयू में मौजूद मरीजों की देखभाल कर रहे थे। इसके बाद भी उनके वेतन में कटौती की गई, जिससे से नाराज एक महिला डॉक्टर ने नौकरी छोडऩे का फैसला किया। वहीं दूसरी ने कोविड केयर सेंटर से दूसरे जगह तबादला करवा लिया। इस मामले में शिकायत यूनियन तक पहुंची है। यूनियन ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे और चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर गंभीर सिंह ठाकुर से शिकायत की है।

एक दिन में देख रहे थे 50 से 150 मरीज
कोरोना केयर सेंटर में जब डॉक्टर्स की जरूरत थी, तब संविदा में डॉक्टरों को रखा गया। जुलाई के आखिर में डॉक्टरों की यहां भर्ती की गई, जिसमें 50 से 150 मरीज को हर दिन देखना होता था। शिफ्ट में ड्यूटी की जा रही थी। मरीजों को करीब से यह डॉक्टर ही असल में देख रहे थे। सीनियर से वे सलाह लगातार लेते थे।

बीमार पड़ गई थी जूनियर डॉक्टर
डॉक्टर प्रियंका तलवेजा ने बताया कि ड्यूटी के दौरान वह बीमार पड़ गई, तब उनको अस्पताल प्रबंधन ने जिस जगह डॉक्टरों को आईसोलेशन में रखा जा रहा था, वहां रखकर उपचार किया। अब भी पूरी तरह से तबीयत सही नहीं हुई है। बावजूद उनके वेतन में कटौती की जा रही है।

काटकर दिया दो महीने का वेतन
डॉक्टर ने बताया कि अगस्त 2020 में ड्यूटी करने के बदले में पूरे माह का वेतन दिया गया। वहीं सितंबर और अक्टूबर में ड्यूटी करने के बदले 9 दिनों का वेतन काटकर सिर्फ 21-21 दिन का वेतन दिया गया। अगस्त में ड्यूटी करने का 58 हजार रुपए दिया तो सितंबर और अक्टूबर में ड्यूटी करने का 40-40 हजार रुपए क्यों। नवंबर में भी वह करीब एक सप्ताह तक ड्यूटी की जिसका वेतन भी नहीं दिया गया है। दोनों ही डॉक्टरों को जरूरत पडऩे पर संविदा में रखा गया था।

वेतन में कटौती का विरोध
स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय कर्मचारी संघ, के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष वीएस राव ने बताया कि उनकी यूनियन लगातार कोविड-19 के दौरान काम कर रहे कर्मचारी और अधिकारी का वेतन कटौती नहीं करने की बात सीएमएचओ से कह चुकी है। बावजूद इसके कटौती का काम जारी है। एक कर्मचारी के वेतन को काटा गया तो यूनियन ने तुरंत हस्ताक्षेप कर उक्त कर्मचारी के वेतन को रिलीज करवाया।

दो डॉक्टर के वेतन को काटा
डॉक्टर प्रियंका तलवेजा और डॉक्टर वी शिवानी राव मेडिकल ऑफिसर के पद पर कोविड केयर सेंटर, शंकराचार्य जुनवानी में पदस्थ थीं। इनको एक माह पूरा वेतन दिया गया, इसके बाद दो माह के दौरान वेतन में 9-9 दिन की कटौती कर दी। यह शिकायत यूनियन तक पहुंची है, जिसको लेकर कलेक्टर और सीएमएचओ को लिखित में यूनियन ने शिकायत की है।

केंद्र और राज्य सरकार का है निर्देश
प्रांताध्यक्ष वीएस राव ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार का निर्देश है कि कोरोना काल में किसी भी छोटे कर्मचारी या बड़े अधिकारी का वेतन रोकना नहीं है। बावजूद इसके यह सिलसिला जारी है। इस पर कंट्रोल करने का काम जिन अधिकारियों का है वे खुद इस काम को अंजाम दे रहे हैं। डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर, सीएचएमओ दुर्ग ने बताया कि शिकायत मिली है, डॉक्टर का आवेदन भी आया है। जांच करवाने के बाद अगर कटौती हुआ होगा तो पैसा रिलीज कर दिया जाएगा। अगर छुट्टी लिए होंगे तो पैसा कटेगा।

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