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UN में फिर झूठ बोलता पकड़ा गया पाकिस्तान, इस बार कायदे से रगड़ डाला भारत

पाकिस्तान, ऐसा देश है जिसके बनने का उद्देश्य आज तक कोई नहीं समझ सका। पाकिस्तान का निर्माण मुसलमानों के हितों की रक्षा के नाम पर हुआ और आज वहां किसी भी इंसान का जीवन सुरक्षित नहीं है। एक ऐसा देश जिसका संवृद्ध प्राचीन इतिहास उसके देश के लिए गर्व का विषय नहीं, जो गजनवी, गोरी और बाबर जैसे आक्रांताओं का महिमामंडन करता है। जिसकी सभी नीतियां खुद के विकास के बजाए अपने पड़ोसी को नुकसान पंहुचाने पर टिकी है। यही कारण है कि यह देश हमेशा अपनी बेइज्जती करवाता रहता है और अपने इसी काम को अपना हुनर मानता है।

अपने इसी हुनर के दम पर पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी जी भर के बेइज्ज़ती करवाई है। इस बार पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को बेनकाब कर दिया, परंतु उसकी पोल भारत ने खोल दी। मामला यह है कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी मिशन की ओर से एक आधिकारिक बयान आया था जिसे मिशन के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट भी किया जिसमें लिखा था, Statement by Ambassador Munir Akram, Permanent Representative of Pakistan to the United Nations, at the Open Debate of the Security Council on the Report of the Secretary-General on the Threats to International Peace and Security posed by Terrorism Actions.’’

पाकिस्तान के इस बयान से ऐसा लगता है कि उसने इन आरोपों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में निमंत्रित होने पर दिए अपने बयान में पढ़ा था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी मिशन का दावा है कि उसने ये बयान सुरक्षा परिषद में दिया है परंतु सुरक्षा परिषद के गैर सदस्यों के लिये कल तो बयान देने का दिन ही नहीं था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन ने  बयान जारी करके पाकिस्तान के हर झूठ को बेनकाब किया।

दरअसल, इसमें ” Open Debate of the Security Council ” का प्रयोग सही नहीं है क्योंकि सुरक्षा परिषद की किसी भी चर्चा में पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया गया था। पाकिस्तान सुरक्षा परिषद का सदस्य ही नहीं है तो वह, परिषद की मीटिंग में बयान कहा से देगा?

खैर, इसमें केवल इतनी ही मूर्खता नहीं है। अपने बयान में पाकिस्तान ने भारत को लेकर जो दावे किये हैं वह भी हास्यास्पद हैं। पाक का दावा है कि “हम सीमापार के आतंकवाद से दशकों से प्रभावित है। इस वजह से हमारे 70 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। और अर्थव्यवस्था को हज़ारों करोड़ का नुक़सान हो चुका है।”

अपने दावों में पाकिस्तान ने कहा है कि भारत ने तहरीक ए तालिबान और जमात उल अहरार जैसे संगठनों को मदद दी है। तथाकथित रूप से जुड़े भारतीय आतंकियों का नाम भी पाकिस्तान ने बताया है। साथ ही पाकिस्तान ने कहा कि 1267 की सैंक्शन लिस्ट के लिए  पाकिस्तान द्वारा UN को इन आतंकियों का नाम दिया जा चुका है। उसने कहा कि पाकिस्तान ने ओसामा के आतंकी संगठन अलकायदा होने देश से खत्म कर दिया है और अन्य संगठनों को भी विश्व की मदद से खत्म कर देगा।

दूसरे आरोप में पाकिस्तान ने कहा है कि उसकी पश्चिमी सीमा पर भारत ने किराये के आतंकी रखे हैं।  उसने करांची स्टॉक एक्सचेंज में हुए हमले में भारत का हाथ बताया है। जबकि वास्तविकता यह है कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान के ही बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का हाथ है, जो पाकिस्तान से स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं।

तीसरे दावे में पाक ने भारत के वामपंथी विचारकों और कांग्रेस के नेताओं से प्रेरणा लेते हुए कहा है कि भाजपा और आरएसएस हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए कार्य कर रही हैं, जिसमें अन्य मजहब के लोगों की स्थिति दूसरे दर्जे के शहरी की होगी। इसमें राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र है और बताया गया है कि यहाँ जबरन मंदिर बनाया जा रहा है। चौथे आरोप में पाकिस्तान ने कहा है कि भारत सरकार अपने कब्जे वाले, गुलाम कश्मीर ( जैसा पाकिस्तान का हमेशा से दवा रहा है ) में हजारों लाखों मुसलमानों को टॉर्चर कर रही है।

इन सभी आरोपों का भारत की और से जवाब दिया गया है। भारत के बयान में पांच प्रमुख बातें हैं, जिसमें भारत ने कहा है कि पाकिस्तान सीमापार आतंकवाद का सबसे बड़ा स्पॉन्सर है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने खुद 2019 में UN जनरल असेंबली में कहा था कि पाकिस्तान में 40 -50 हज़ार आतंकवादी हैं। पाकिस्तान के अलकायदा वाले दावे पर भारत ने कहा कि दुनिया जानती है कि ओसामा बिन लादेन कहाँ छुपा था और अमेरिकी सेनाओं ने कहाँ जाकर उसे मारा था। यही नहीं इमरान खान के बयान की और इशारा करते हुए भारत ने कहा पाकिस्तानी प्रतिनिधियों ने अपने प्रधानमंत्री को ओसामा को ”शहीद” बताते हुए भी नहीं सुना।

भारत द्वारा किराए के आतंकी भेजने के दावों की हसी उड़ाते हुए भारत ने कहा कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद फ़ैलाने का सबसे बड़ा जिम्मेदार है। पाकिस्तान द्वारा तथाकथित रूप से भारत के आतंकियों का नाम संयुक्त राष्ट्र को सौपे जाने की बात पर भारत ने कहा की पाकिस्तान ने उन आतंकियों की लिस्ट भी नहीं देखी, इसमें कोई भी आतंकी भारतीय मूल का नहीं है।

भाजपा और आरएसएस पर की गई टिप्पणी के जवाब में भारत ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि पाकिस्तान में 1947 के बाद से धार्मिक अल्पसंख्यकों  की संख्या जिस तेजी से गिरी है, वह धर्म के आधार पर होने वाले राज्य समर्थित नरसंघार और दमन की जानकारी देता है। इसे ही Systematic Cleansing कहते हैं। वहीं जम्मू कश्मीर में भारत द्वारा उठाए गए कदम लोगों की भलाई के लिए हैं।

भारत द्वारा पाकिस्तान की इस तरह की बेइज्जती के बाद अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में पाकिस्तान के झूठ के चर्चे होने शुरू हो गए। कैसे अपनी इज्जत की धज्जियाँ उड़ाई जाए इसमें पाकिस्तान अवश्य माहिर होता जा रहा है। पाकिस्तान अक्सर ऐसी बेवकूफाना बातों के कारण अपना मजाक बनवाता रहता है। अभी पिछले साल ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सभी प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित 15 मिनट की अवधि के बजाए 50 मिनट भाषण दिया था। तब भी भारत ने ऐसे ही उनके दावों की कलाई खोली थी। लेकिम तब भी पाकिस्तान ने वो धुन अलापना बंद नहीं किया।

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