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UP में तेजी से फैल रहा कोरोना : योगी सरकार ने दिखाई सख्ती, दिए ये कड़े निर्देश

लखनऊ. यूपी में जिस तेजी से कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus Update) बढ़ रहा है, उसने यूपी सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब सरकार कोरोना का मुकाबला करने के लिए नई रणनीति बना रही है। कोरोना संक्रमण को काबू करने के लिए यूपी सरकार ने कंटेनमेंट जोन के नियम में बदलाव किया गया है। यूपी सरकार ने कंटेनमेंट जोन की नई गाइडलाइन (UP Containment Zone New Guideline) जारी की है। वर्तमान जनसंख्या घनत्व के अनुसार 25 मीटर की परिधि में लगभग 20 और 50 मीटर की परिधि में 60 घर आएंगे।

दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी बढ़ रहे संक्रमण के प्रति लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्ती कर कड़ी कार्रवाई करें। ताकि संक्रमण पर काबू पाया जा सके।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी नोडल अधिकारी :- मुख्य सचिव आरके तिवारी ने रविवार को कंटेनमेंट जोन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किया हैं। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहाकि, नए नियमों के तहत एक केस होने पर 25 मीटर और अधिक केस होने पर 50 मीटर रेडियस के क्षेत्र को प्रतिबंधित किया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी कंटेनमेंट जोन के नोडल अधिकारी होंगे और उस इलाके की निगरानी के साथ सभी गतिविधियां पर नजर रखेंगे।

कंटेनमेंट जोन का नया एरिया :- मुख्य सचिव आरके तिवारी ने बताया कि, सूबे की वर्तमान जनसंख्या घनत्व के अनुसार 25 मीटर रेडियस क्षेत्र में लगभग 20 घर होंगे। और 50 मीटर के रेडियस में 60 घर आएंगे। कोविड-19 का एक मरीज मिलने पर दो कंटेनमेंट जोन में एक टीम लगाई जाएगी। एक क्षेत्र में एक से अधिक मरीज होने पर क्लस्टर माना जाएगा। क्लस्टर के बीच के बिंदु को एपीसेंटर मानते हुए 50 मीटर के रेडियस में क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा।

कंटेनमेंट जोन में एक टीम करेगी निगरानी :- मुख्य सचिव आरके तिवारी ने बताया कि, प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में स्थित घरों की निगरानी के लिए एक टीम लगाई जाएगी। हर टीम में कुल तीन लोग, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकाय शहरी क्षेत्र, ग्राम विकास पंचायती राज ग्रामीण क्षेत्र और स्थानीय प्रशासन से एक सदस्य होगा। कंटेनमेंट जोन का निर्धारण और गतिविधियों के लिए पल्स पोलियो अभियान की तरह ही कार्य किया जाएगा।

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