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UP Budget 2021-22: यूपी बजट सत्र के दौरान विधानसभा में तैनात होंगे ATS कमांडो

विधानसभा की सुरक्षा को लेकर बड़ी बैठक
लखनऊ।(आरएनएस) राजधानी लखनऊ में मंगलवार को एसटीएफ ने पीएफआई के दो कमांडरों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस ने विधान भवन की सुरक्षा बढ़ा दी है। गुरुवार से शुरू होने वाले बजट सत्र में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। विधान भवन पर सुरक्षा के लिए एटीएस कमांडो तैनात किए जाएंगे। पीएफआई कमांडरो के गिरफ्तार होने के बाद लखनऊ कमीशनरेट की पुलिस सक्रिय हो गई है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था नवीन अरोरा ने लखनऊ के अधिकारियों के साथ पुलिस लाइन में बैठक की और कल से विधान भवन में शुरू होने वाले बजट सत्र को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार किया। पुलिस के अलावा एटीएस कमांडो भी विधानभवन की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। बता दें कि मंगलवार को एसटीएफ ने पीएफआई के दो सदस्यों को गुड़ंबा से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद सुरक्षा को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस के मुताबिक राजधानी को सीरियल ब्लास्ट से दहलाने की योजना थी।

गौरतलब है कि बसंत पंचमी के दिन देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ आतंकी हमले की साजिश को यूपी एसटीएफ ने नाकाम कर दिया था। केरल से आये द पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दो सदस्यों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने पकड़े गए अभियुक्तों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ और हथियार बरामद करने का दावा किया। बताया जाता है कि इन अभियुक्तों के निशाने पर कई हिंदूवादी संगठनों, आरएसएस और बीजेपी के कई नेता थे। एसटीएफ का दावा है कि पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में उच्च कोटि के विस्फोटक भी बरामद हुए। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने एसटीएफ मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर इस बात की जानकारी दी थी। अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान अपना नाम अंशद बदरुद्दीन पुत्र बदरुद्दीन राउतर निवासी नसीमा मंजिल मुडियोर कालम, थाना पंदलम जिला पत्थानामथिट्टा केरल और फिरोज खान पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद निवासी कुजीचलीलनि उआकारा जिला कालीकट केरल बताया है। अभियुक्तों के कब्जे से 16 उच्च विस्फोटक एक्सप्लोसिव डिवाइस मय बैटरी, डेटोनेटर, लाल रंग का तार एक बंडल, एक पिस्टल 32 बोर की, 7 जिंदा कारतूस 4800 रुपये नगद, एक पैन कार्ड, चार एटीएम कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, एक आधार कार्ड, दो पेन ड्राइव, एक मेट्रो कार्ड और 12 रेलवे टिकट बरामद हुए थे।

कई स्थानों पर धमाके करने आये थे आरोपी
एडीजी ने बताया था कि सूचना को विकसित करने के लिए उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स की विशेषज्ञ टीमों ने संदिग्ध जनपदों में मुखबिर सकरी कर दिए मुखबिर की सूचना के आधार पर 11 फरवरी को ट्रेन से उत्तर प्रदेश राज्य के आने की सूचना मिली थी। किंतु काफी प्रयास के बाद भी उन्हें लोकेट नहीं किया जा सका था। मंगलवार को एसटीएफ को फिर से सूचना मिली कि के 2 सदस्य बदरुद्दीन व फिरोज अपने साथियों के साथ लखनऊ में कुकरेल पिकनिक स्पॉट में मिलेंगे और बसंत पंचमी के आसपास हिंदू संगठनों के कार्यक्रमों में कई जगहों पर उच्च श्रेणी के विस्फोटक से धमाका कर कई वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं समुदाय की हत्या कर आम जनता में आतंकवाद फैला कर सामाजिक एवं धार्मिक उत्पन्न करने वाले हैं, इससे पहले ही उंन्हे दबोच लिया गया था।

ब्रेन वाश करके तैयार करते थे युवा
भियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संभावित आतंकवादी घटना को रोकने के उद्देश्य से तत्काल एसटीएफ टीम गढ़ी रोड निकट कुकरेल तिराहे पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से विस्फोटक बरामद किया। गिरफ्तार अभियुक्तों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह अपनी विचारधारा को फैलाने के लिए वर्ग विशेष के नवीन जो शारीरिक रूप से मजबूत हो उनका ब्रेनवाश कर उनको विभिन्न हथियारों का प्रशिक्षण देकर देश के किसी भी कोने में घटना विशेष को अंजाम देने के लिए नव युवकों को तैयार करना ही इनका मुख्य उद्देश्य था। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध लखनऊ में अभियोग पंजीकृत कराया गया है और आगे की कार्यवाही लखनऊ कर रही है।

सीएए-एनआरसी की हिंसा में भी आया था पीएफआई का नाम
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा के पीछे भी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का हाथ बताया गया था। जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, पीएफआई ने प्रदर्शन के दौरान करीब 130 करोड़ रुपये इकट्ठा किए और इनका इस्तेमाल प्रदर्शन के दौरान किया गया। हालांकि, ईडी के दावों को पीएफआई ने खारिज कर दिया था। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ लखनऊ में भड़की हिंसा मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के तीन सदस्य जनवरी में गिरफ्तार किए गए थे। इन तीनों सदस्यों पर लखनऊ में हिंसा भड़काने का आरोप है। तीनों की गिरफ्तारी हसनगंज थाना क्षेत्र से हुई थी। गिरफ्तार पीएफआई सदस्यों के नाम शकीलुर्रहमान, शबी खान और अरशद हैं। आरोपी लखनऊ में रहकर पीएफआई के लिए काम करते थे। लखनऊ में बीते साल 19 दिसंबर को हिंसा भड़की थी।

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