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US Elections LIVE : ओबामा का 12 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़े बाइडेन, खाते में 7 करोड़ से ज्यादा पॉपुलर वोट

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव कौन जीतेगा? जो बाइडेन या डोनाल्ड ट्रम्प। इसका जवाब संभवत: आज शाम तक मिल जाए। फिलहाल, बाजी बाइडेन के हाथ लगती नजर आ रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, वे 253 इलेक्टोरल वोट जीत चुके हैं। ट्रम्प के खाते में 214 वोट हैं। बाइडेन ने अपनी पार्टी के बराक ओबामा का 12 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। गुरुवार सुबह तक बाइडेन 7 करोड़ 10 लाख पॉपुलर वोट हासिल कर चुके थे। 2008 में ओबामा को 6 करोड़ 94 लाख 98 हजार 516 वोट मिले थे।

The Guardian के मुताबिक, ट्रम्प को 270 का जादुई आंकड़ा पाने के लिए 53 इलेक्टोरल वोट्स चाहिए। 4 राज्यों में काउंटिंग जारी है। अगर इनमें से तीन (जिसकी संभावना भी है) ट्रम्प जीत लेते हैं तो वे फिर राष्ट्रपति बन सकते हैं। पेन्सिलवेनिया इनमें सबसे अहम है। वहीं, बाइडेन अकेले पेन्सिलवेनिया को जीतकर बहुमत तक पहुंच सकते हैं। अगर पेन्सिलवेनिया में जीत नहीं मिलती तो बाइडेन अपने गढ़ नेवादा, जॉर्जिया और नॉर्थ कैरोलिना के जरिए व्हाइट हाउस तक पहुंच सकते हैं। लेकिन, इनमें से नेवादा छोड़कर हर जगह ट्रम्प का दबदबा है।

अपडेट्स

-NYT के मुताबिक, इन राज्यों की तस्वीर अभी साफ होनी बाकी है। अलास्का (3 इलेक्टोरल वोट), एरिजोना (11 इलेक्टोरल वोट), नेवादा (6 इलेक्टोरल वोट), नॉर्थ कैरोलिना (15 इलेक्टोरल वोट), जॉर्जिया (16 इलेक्टोरल वोट) और पेन्सिलवेनिया (20 इलेक्टोरल वोट) के नतीजे आना बाकी हैं। यहां काउंटिंग जारी है।

-USA Today के मुताबिक, जो बाइडेन अब तक कुल 264 इलेक्टोरल वोट हासिल कर चुके हैं। यानी वे बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 6 वोट से दूर हैं। ट्रम्प को 214 वोट मिले हैं।

-USA Today के मुताबिक, जॉर्जिया में मुकाबला सबसे कड़ा है। यहां कुल 16 इलेक्टोरल वोट हैं। अब तक ट्रम्प को 49.8% और बाइडेन को 49.0% वोट मिल चुके हैं। कुल 98% वोटों की गिनती हो चुकी है। पेन्सिलवेनिया में कुल 20 वोट हैं। यहां ट्रम्प को 51 फीसदी जबकि बाइडेन को 47 फीसदी वोट मिले हैं। दोनों जगह काउंटिंग जारी है।

-न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, मिशिनग के बाद अब जॉर्जिया में भी रिपब्लिकन पार्टी ने कोर्ट का रुख किया। पार्टी का आरोप है कि काउंटिंग के दौरान 53 एब्सेंटी वोटर्स गैरकानूनी निकले। इन्हें काउंटिंग में धांधली के जरिए जुड़वाया गया। मामले की सुनवाई कुछ देर में चैथहेम काउंटी कोर्ट करेगा।

-न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, सीनेट में अब तक डेमोक्रेट्स को 48 (1 सीट का फायदा) और रिपब्लिकन्स को भी 48 (1 सीट का नुकसान) हो रहा है। हाउस रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स को 205 सीटें मिली हैं। उसे फिर भी 5 सीटों का नुकसान है। वहीं, रिपब्लिकन्स को 190 सीटें मिली हैं और उसे 6 सीटों का फायदा है।

बाइडेन का नया बयान– कश्मकश भरी काउंटिंग के बीच जो बाइडेन दूसरी बार मीडिया से मुखातिब हुए। कहा- पूरी उम्मीद है कि हम जल्द ही 270 के आंकड़े को छू लेंगे। हालांकि, मैं यह दावा नहीं करूंगा कि हम जीत ही गए हैं। यह जल्दबाजी होगी। लेकिन, आखिरकार जब काउंटिंग खत्म होगी तो विनर हम ही होंगे।

-CNN के मुताबिक, जॉर्जिया में भले ही ट्रम्प के वोट कम हुए हों, लेकिन वे अब भी लीड कर रहे हैं। एक इलेक्शन ऑफिशयल के मुताबिक, अब भी 1 लाख 22 हजार वोटों की गिनती की जानी है।

-CNN के मुताबिक, पेन्सिलवेनिया में ट्रम्प बुधवार को 6 लाख वोटों से लीड कर रहे थे, लेकिन अब यह 50 फीसदी से भी कम हो गई है। वे करीब 2 लाख वोटों से आगे हैं। हालांकि, ज्यादा संभावना यही है कि ट्रम्प यहां बाजी मार लेंगे। यही वजह है कि डेमोक्रेट्स इस राज्य के साथ जॉर्जिया की काउंटिंग पर पैनी नजर रख रहे हैं।

-न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, पेन्सिलवेनिया में काउंटिंग जारी है। दोनों पार्टियां जीत का दावा कर रही हैं। लेकिन, अब तक तस्वीर साफ नहीं है। हालांकि, यहां पहले ही ट्रम्प का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

क्या हार गए ट्रम्प?

बाइडेन को भले ही ज्यादा वोट मिल गए हों, न्यूयॉर्क टाइम्स के पॉलिटिकल एक्सपर्ट एडम नार्गोनी ट्रम्प को खारिज न करने की सलाह देते हैं। उन्होंने कहा- ट्रम्प की जीत नामुमकिन नहीं है। एरिजोना, जॉर्जिया और पेन्सिलवेनिया के पूरे नतीजे आने दीजिए। वे फिर चौंका सकते हैं। ट्रम्प लगातार वोटों की गिनती में धांधली का आरोप लगा रहे हैं। काउंटिंग के दौरान ही उन्होंने ट्वीट कर पेनसिल्वेनिया में पांच लाख वोट गायब होने का दावा किया।

सबसे अहम स्विंग स्टेट फ्लोरिडा में ट्रम्प की जीत

इस बार बड़ी बात यह रही कि ट्रम्प 29 इलेक्टर्स वाले सबसे अहम स्विंग स्टेट फ्लोरिडा में जीत बरकरार रखने में कामयाब रहे। कहा जाता है कि इस स्विंग स्टेट में जो जीतता है, वही व्हाइट हाउस पहुंचता है। 100 साल का इतिहास यही कहता है। NBC का एग्जिट पोल बताता है कि फ्लोरिडा में रहने वाले लैटिन अमेरिकी वोटर्स ने ट्रम्प का साथ दिया। क्यूबा मूल के 55%, प्यूर्टोरिको के 30% और 48% अन्य लैटिन अमेरिकी मूल के वोटर्स ट्रम्प के साथ थे। इसी वजह से उन्हें यहां अब तक कुल 51.6% वोट मिले।

ट्रम्प-बाइडेन के दावे

बाइडेन ने – जहां अभी हम खड़े हैं, उससे काफी खुश हूं। विस्कॉन्सिन और मिशिगन से मिल रही खबरें अच्छा फील करा रही हैं। जब तक हर बैलट की गिनती नहीं हो जाती, तब तक चुनाव खत्म नहीं होगा। ट्रम्प ने कहा- हमने हर मामले में जीत दर्ज की है। इसके बाद अचानक सब बंद हो गया। (ये नहीं बताया कि वे किस चीज को बंद करने की बात कर रहे हैं।) ‘कुछ दुखी लोग नतीजों को खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं। हम उनका साथ नहीं दे सकते। जो नतीजे आए हैं, वे बेहतरीन हैं। रात में काउंटिंग कराने का क्या तुक है। इसको लेकर हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। मेरे हिसाब से तो हम चुनाव जीत चुके हैं।’

72 साल बाद एरिजोना डेमोक्रेट्स का

CNN के मुताबिक, इस बार रिपब्लिकन्स के गढ़ कहे जाने वाले एरिजोना में डेमोक्रेट्स ने सेंध लगा दी। यहां बाइडेन खासी बढ़त हासिल कर चुके हैं। एरिजोना में इस उलटफेर की बड़ी वजह लैटिन लोग बताए जा रहे हैं। ट्रम्प इनको घुसपैठिया बताते आए हैं। वहीं, बाइडेन ने इनका समर्थन किया। नतीजा सामने है। 2016 में ट्रम्प ने यहां 3% ज्यादा वोट हासिल किए थे।

पहली ट्रांसजेंडर स्टेट सीनेटर

जो बाइडेन के होम स्टेट डेलावेयर से सारा मैक्ब्रि़ड स्टेट सीनेटर का चुनाव जीत चुकी हैं। वे अमेरिकी इतिहास की पहली ट्रांसजेंडर हैं जो स्टेट सीनेट के लिए चुनी गई हैं।

सारा मैक्ब्रि़ड, अमेरिका की पहली ट्रांसजेंडर सीनेटर।
  • न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, एक रोचक आंकड़ा सामने आ रहा है। 2016 में जिन लोगों ने वोट नहीं किया था, या जिन्होंने पिछले चुनाव में थर्ड पार्टी को वोट दिया था। इन दोनों ने इस बार बाइडेन को वोट दिया है।
  • डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर मिच मैक्डोनेल ने पार्टी नेताओं से कहा- अगर हम जीतते हैं इसे बड़े दिल और विनम्रता से स्वीकार करें। अगर आप गलत बातें कहते हैं, नस्लवादी बातें करते हैं तो देश में हिंसा भड़क सकती है।

हिंसा की आशंका
अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाले यूएस नेशनल गार्ड को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। 18 राज्यों में चुनावी हिंसा या झड़पों की आशंका जताई गई है। करीब 4700 गार्ड्स को तैनात किया जा सकता है। सायबर डिफेंस एजेंसी को भी मॉनिटरिंग करने को कहा गया है। मिलिट्री टाइम्स ने इस बारे में एक रिपोर्ट जारी की है।

  • कोरोना से मौत के बाद भी चुनावी जीत: नॉर्थ डकोटा स्टेट लेजिस्लेटिव के कैंडिडेट डेविड एंधाल (55) मौत के बाद भी चुनाव जीत गए। डेविड रिपब्लिकन पार्टी के टिकट पर स्टेट लेजिस्लेटिव का चुनाव लड़े थे। इस राज्य में से दो प्रतिनिधि चुने गए हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, अक्टूबर में डेविड को कोरोना हुआ था। वे ठीक हो गए थे। चुनाव भी लड़े। लेकिन, संक्रमण की वजह से कमजोर थे। चार दिन पहले उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

चुनाव के मुख्य मुद्दे

  • कोरोनावायरस
  • इकोनॉमी
  • हेल्थ सेक्टर रिफॉर्म्स
  • फॉरेन पॉलिसी
  • नस्लवाद और पुलिस सुधार

डोनाल्ड ट्रम्प vs जो बाइडेन

  • टम्प 74 साल के हैं और बाइडेन उनसे 3 साल बड़े यानी 77 साल के हैं।
  • ट्रम्प कारोबारी से नेता बने। बाइडेन 1973 में ही सीनेटर बन गए थे।
  • ट्रम्प प्रोटेस्टेंट हैं। बाइडेन रोमन कैथोलिक।
  • ट्रम्प ने 3 जबकि बाइडेन ने 2 शादियां कीं। बाइडेन की एक पत्नी का निधन हो चुका है।
  • ट्रम्प के 5 और बाइडेन के 4 बच्चे हैं। एक बेटे की मौत हो चुकी है।
  • ट्रम्प की वेबसाइट (www.donaldjtrump.com) और बाइडेन की (www.joebiden.com) है।
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