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Video : खूंखार आतंकी.. घातक हथियार.. आलीशान गाड़ियां.. रैली निकाला तालिबान

अफगानिस्‍तान में जैसे-जैसे अमेरिकी सैनिकों के हटने की तिथि नजदीक आ रही है और सरकार के साथ बातचीत आगे बढ़ती जा रही है, आतंकी संगठन तालिबान के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। तालिबान ने लोगर प्रांत में दिनदहाड़े अपनी ताकत का खुलकर प्रदर्शन किया। इस दौरान तालिबान ने एक रोड शो किया जिसमें बड़ी संख्‍या में टोयोटा की एकदम नई आलीशान गाड़‍ियां और घातक हथियारों से लैस आतंकी शामिल हुए।

इस काफिले में लोगर प्रांत के तालिबान के गवर्नर अहमद अली जान अहमद शामिल थे। बता दें कि अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने बुधवार को ऐलान किया कि अफगानिस्‍तान में बचे हुए अमेकिरी सैनिकों को क्र‍िसमस तक घर आ जाना चाहिए। ट्रंप ने यह बयान अफगानिस्‍तान में अमेरिका के हमले के 19 साल पूरे होने पर दिया। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने ट्वीट करके कहा कि अमेरिकी लोगों को यह अपेक्षा करनी चाहिए कि 25 दिसंबर तक अफगानिस्‍तान में बाकी बचे सैनिक वापस आ जाएंगे।

इससे पहले बुधवार केा वाइट हाउस के नैशनल सिक्‍यॉरिटी अडवाइजर रॉबर्ट ओ ब्रायन ने दावा किया था कि वर्ष 2021 की शुरुआत तक अफगानिस्‍तान से संतोषजनक संख्‍या में सैनिकों को कम कर दिया जाएगा। उन्‍होंने कहा, ‘जब राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कार्यभार संभाला था तब अफगानिस्‍तान में 10 हजार अमेरिकी सैनिक थे। वर्तमान समय में इनकी संख्‍या 5 हजार है। अगले साल की शुरुआत तक यह संख्‍या घटकर 2500 पहुंच जाएगी।’

वहीं अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री डेविड हेल्‍वे विश्‍वास जताया है कि मई 2021 तक सभी सैनिक अफगानिस्‍तान से हट जाएंगे। ब्रायन ने इस बात पर जोर दिया था कि अमेर‍िकी सैनिकों के घर लौटने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि अफगान लोग खुद ही तालिबान के साथ एक शांति समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं। ब्रायन के दावे के विपरीत अफगानिस्‍तान में आम नागरिकों पर हमले जारी हैं।

वहीं विश्‍लेषकों का कहना है कि ट्रंप को डेट का ऐलान नहीं करना चाहिए था। इससे तालिबान के साथ वार्ता के मेज पर अमेरिका कमजोर पड़ा है। यही नहीं तालिबान के अंदर एक बड़ा धड़ा है जो यह मानता है कि वह अफगानिस्‍तान के ज्‍यादातर इलाकों पर फिर से कब्‍जा कर सकता है। तालिबान का मानना है कि शांति समझौता केवल देश में मौजूद बड़ी शक्तियों के लिए केवल एक छूट है।

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