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योगी सरकार के ‘वरासत’ अभियान से खत्म होंगे जमीन के झगड़े, जाने आवेदन की प्रक्रिया

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में जमीन को लेकर होने वाले झगड़ों व इससे जुड़े अपराध को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार (UP Government) वरासत अभियान लेकर आई है। यह अभियान उत्तराधिकारी को उसकी जमीन अधिकार समेत देगा। यह अभियान दो महीने तक चलाया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के एक लाख आठ हजार राजस्व गांवों में कई सालों से अटके हुए वरासत के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इस अभियान के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद सरल है। आपको बस कुछ स्टेप्स फॉलो कर अभियान के लिए आवेदन करना होगा।

इस तरह करें आवेदन

अभियान के तहत वरासत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की सुविधा है। अगर आपकी जमीन गांव में और आप कहीं और रह रहे हैं तो आपके लिए हर तहसील स्तर पर एक काउंटर भी खोला गया है। अगर आप ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो इसके लिए लेखपाल की मदद ले सकते हैं। वरासत अभियान के तहत राजस्व तहसील अधिकारियों द्वारा राजस्व ग्रामों में खतौनियों को पढ़ने की प्रक्रिया और लेखपाल द्वारा ग्रामवार कार्यक्रम बनाकर सर्वे कर लोगों से प्रार्थनापत्र प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन भरा जाएगा। इसके अलावा आप स्वयं भी ऑनलाइन राजस्‍व परिषद की वेबसाइट के लिंक पर जाकर या जनसेवा केंद्र पर राजस्व परिषद की वेबसाइट के लिंक के जरिए पंजीकरण कर सकते हैं।

लेखपाल करेंगे जांच

– दर्ज किए गए प्रकरणों या प्राप्त आवेदन पत्रों के संबंध में लेखपाल खुद स्थलीय और अभिलेखीय जांच के बाद विधिक उत्तराधिकारियों के नाम और विवरण के संबंध में अपनी स्पष्ट जांच आख्या पोर्टल पर अंकित करेंगे।

– अगर कोई गलत पाई जाती है और लेखपाल उससे असहमत है, तो उसके कारण का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।

– लेखपाल विवाद का स्पष्ट कारण अंकित करते हुए अपनी आख्या राजस्व निरीक्षक को पांच कार्य दिवस में ऑनलाइन भेजनी होगी।

– सहमत होने पर लेखपाल सहमति का बटन दबाकर अपनी बिंदुवार आख्या राजस्व निरीक्षक को अग्रसारित करेंगे।

नियम अनुसार आदेश होंगे पारित

अभियान के तहत 16 जनवरी से 31 जनवरी तक के बीच ग्राम राजस्व समिति की खुली बैठक का आयोजन होगा। इस बैठक के लिए डीएम प्रचार-प्रसार करेंगे। बैठक में आवेदक की ओर से भरे गए और लेखपाल की दी गई जांच आख्या का विवरण सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा। किसी भी तरह की आपत्ति या वसीयत आदि की जानकारी मिलने पर प्राप्त सूचनाओं या आपत्तियों का पूरा विवरण अपनी ऑनलाइन आख्या में अंकित करते हुए यथानियम उत्तराधिकार सम्‍बन्धी आदेश पारित किया जाएगा। संबंधित प्रकरण में राजस्व निरीक्षक पूर्ण जांच आख्या की प्रविष्टि पोर्टल पर करने के बाद नियम के अनुसार आदेश पारित करेंगे। इसके बाद एक फरवरी से 15 फरवरी तक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिना विवाद उत्तराधिकार का कोई भी प्रकरण दर्ज होना बाकी नहीं रह जाए। डीएम, एडीएम, एसडीएम या दूसरे जिले के स्तरीय अधिकारियों की ओर से निर्विवाद उत्तराधिकार के सभी लंबित प्रकरणों को पूरा किया जाएगा।

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