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बजट में 35000 करोड़ सिर्फ वैक्सीन के लिए रखी थी केंद्र सरकार, अब राज्यों पर डाल दिया भार

देश में वैक्सीनेशन के तीसरे चरण की शुरुआत से पहले वैक्सीन की कीमत पर सवाल खड़े हो गए हैं। सीरम की ओर से जारी रेट में केंद्र और राज्यों को अलग-अलग दर पर वैक्सीन देने की बात सामने आते ही राज्यों ने इस पर आपत्ति जताना शुरू कर दिया है। सीरम राज्यों को 400 और निजी अस्पतालों को 600 रुपए प्रति डोज की दर पर वैक्सीन देगी।

जबकि केंद्र को यही वैक्सीन 150 रुपए प्रति डोज की दर पर मिल रही है। दरअसल, राज्यों को आपत्ति इस बात पर भी है कि जब बजट में केंद्र ने सिर्फ वैक्सीनेशन के लिए 35000 करोड़ का फंड रखा था। फिर भी राज्यों को अलग से वैक्सीन खरीदने के लिए क्यों कहा जा रहा है। 1 फरवरी को अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस फंड की घोषणा की थी। इस फंड का इस्तेमाल सिर्फ वैक्सीनेशन में ही किया जाएगा।

केंद्र सरकार को सीरम और भारत बायोटेक वैक्सीन 150 रुपए प्रति डोज पर दे रही हैं। इस दर से खरीदी जाए तो 35 हजार करोड़ रुपए में करीब 234 करोड़ वैक्सीन की डोज मिलेगी। प्रति व्यक्ति वैक्सीन की दो डोज के हिसाब से 117 करोड़ लोगों को दोनों डोज मिल सकती है।

हालांकि इसमें लॉजिस्टिक चार्ज अतिरिक्त होगा। प्राइवेट अस्पताल लॉजिस्टिक चार्ज के नाम पर ही 100 रुपए ले रहे हैं। यदि केंद्र सरकार का लॉजिस्टिक खर्च इतना ही माने तो वैक्सीन खरीद के बाद 11700 करोड़ का खर्च अतिरिक्त होगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय की जरूरत पर जारी किया जाना था वैक्सीनेशन के लिए अतिरिक्त फंड

बजट भाषण में ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि यह 35000 करोड़ का फंड अंतिम सीमा नहीं है। जरूरत पड़ी तो केंद्र सरकार वैक्सीनेशन के लिए और भी फंड देगी। स्वास्थ्य मंत्रालय जब जैसी जरूरत बताएगा उसके हिसाब से फंड जारी किया जाएगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार समय-समय पर 35 हजार करोड़ के फंड से राशि जारी तो हुई है, मगर यह फंड कितना खर्च हुआ है इस पर केंद्र ने कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया है।

पीएम केयर फंड से वेंटिलेटर, मजदूरों और वैक्सीन के लिए 3100 करोड़ जारी

पीएम केयर फंड की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए आंकड़ों के मुताबिक 2019-20 इस फंड में 3076.62 करोड़ जमा हुए। जबकि 3100 करोड़ रुपए बांटे गए। इसमें 2000 करोड़ वेंटिलेटर्स के निर्माण के लिए, 1000 करोड़ प्रवासी मजदूरों के लिए और 100 करोड़ रुपए वैक्सीन डेवलपमेंट के लिए जारी किए गए।

सोनिया, ममता और पी. विजयन भी बोले- एक दाम तय हो

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्‌ठी लिखी। सोनिया ने वैक्सीन कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि एक ही उत्पाद के तीन दाम कैसे हो सकते हैं? ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा एक राष्ट्र, एक पार्टी चिल्लाती रहती है लेकिन उसके पास एक दाम की वैक्सीन नहीं है। केरल के सीएम पी. विजयन ने वैक्सीन की समान कीमत तय करने की मांग की है।

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