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अयांश की जान बचाने को चाहिए 16 करोड़ की एक डोज, बिग बी भी बोले- प्लीज हेल्प

अयांश और उनके माता-पिता के लिए यह महामारी औरों से भी बदतर साबित हुई है। वह स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से पीड़ित है, जो एक दुर्लभ और जानलेवा विकार है जिससे तंत्रिका कोशिकाओं और मसल ग्रोथ को नुकसान होता है। उसकी हालत तब सामने आई जब उसके माता-पिता को पता चला कि वह अपनी उम्र के बच्चों के कि तरह न तो हिल सकता है और न ही कोई गतिविधि कर सकता है।

उसकी मां वंदना मदान जो कि एक होममेकर हैं बताती हैं, ‘पहले तो मुझे लगा कि यह सीखने की समस्या है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उसका विकास और बिगड़ता गया।’

उसे दूध निगलने और सांस लेने जैसे बुनियादी जीवन-निर्वाह कार्यों को करने में असमर्थ देखकर, अयांश के माता-पिता के पास चिकित्सा निदान और मदद का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। जल्द ही, उन्हें डॉक्टरों से पता चला कि अयांश की स्थिति बेहद नाजुक थी, और अगर उसे ज़ोल्गेन्स्मा (Zolgensma) नाम की दवा नहीं मिली, तो उसके बचने की संभावना लगभग शून्‍य थी। ज़ोल्गेन्स्मा दवा आमतौर पर अमेरिका से आयात की जाती है और इसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है, जो किसी के लिए भी बेहद मुश्किल है, अयांश के वेतनभोगी पिता को अपने बेटे के इलाज के लिए इसे इकट्ठा करना मुश्‍किल है।

इस आत्म-पराजय वास्तविकता के सामने, उनका परिवार अपने सीमित संसाधनों के साथ अब लोगों से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा है।

वंदना ने मदद की गुहार लगाते हुए कहा- ’16 करोड़ की व्यवस्था करने में हमारे परिवार के लिए जीवन भर से अधिक समय लगेगा। मैंने अपने बेटे को पाने के लिए 12 साल लंबा इंतजार किया। मैं उसे खोना नहीं चाहता। मैं आपसे किसी भी तरह से हमारी मदद करने का आग्रह करता हूं’

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी एक ऐसी दुर्लभ स्थिति है जो हर 10,000 बच्चों में से केवल 1 को ही प्रभावित करती है। अयांश के पास इससे लड़ने के लिए बहुत कम समय बचा है, दुनिया भर से मशहूर हस्तियां और आम लोग उनके लिए समर्थन जुटाने के लिए एक साथ आए हैं। आप भी चाहें तो दान कर सकते हैं,

बॉलीवुड के महान अभिनेता अमिताभ बच्चन और कोरियोग्राफर- फिल्म निर्माता फराह खान ने शेयर करते हुए कहा है कि एक बच्चे को इस स्थिति में देखकर उन्हें कितना दुख होता है। पहलवान गीता फोगट और अभिनेत्री श्रिया सरन ने भी कदम बढ़ाया है। और उन्‍हें एसएमए (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए देखा गया है कि कैसे एक निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार के लिए खर्च वहन करना असंभव है।

सोनू सूद, जो सक्रिय रूप से महामारी से घिरे लोगों की मदद कर रहे हैं, हाल ही में अयांश के माता-पिता की याचिका को सपोर्ट करने के लिए आगे आए हैं। सूद ने भरपूर शक्ति में विश्वास करते हुए साझा किया, ‘उसमें आशा है। यदि हम सब मिलकर थोड़ा-थोड़ा दें, तो हम इस युवा लड़के के जीवन को बचाने में मदद कर सकते हैं’।

अयांश की थोड़ी सी मदद बहुत मदद कर सकती है। हर बिट मायने रखता है। यदि आप योगदान देना चाहते हैं, तो यहां क्लिक करें।

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