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दिल्ली की पड़ताल: आखिर कैसे तेजी से घटे कोरोना केस, ये है बड़ी वजह

नई दिल्ली :  देश में कोरोना की दूसरी लहर के कमजोर होने का असर राजधानी दिल्ली में भी साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 956 नये मामले सामने आये, जो लगभग पिछले दो महीने में दर्ज किये गये मामलों में संख्या के लिहाज से सबसे कम रहे। इस महामारी से 122 और मरीजों की मौत हुई जबकि संक्रमण दर घटकर 1.19 परसेंट हो गई। दिल्ली में 22 मार्च को इस संक्रमण के 888 मामले दर्ज किये गये थे। इसके बाद से पहली बार एक दिन में 1000 से कम मामले सामने आये हैं।

बड़ी संख्या में आबादी कोरोना संक्रमित हुई

राजधानी में कोरोना के मामले में बढ़ोतरी और उसके बाद तेजी से गिरावट को लेकर दिल्ली मेडिकल काउंसिल के प्रेसिंडेट डॉ. अरुण गुप्ता का कहना है कि चूंकि दिल्ली में बड़ी संख्या में आबादी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुकी है, ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि कोरोना मामलों में तेजी से कमी आएगी।

लोगों में डेवलप हो चुकी है एंटीबॉडी
डॉ. अरुण गुप्ता का कहना है कि राजधानी के अधिकतर आबादी के कोरोना संक्रमित होने के बाद लोगों के शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी डेवलप हो गई है। इससे लोगों में इम्युनिटी 5 से लेकर 7 महीने तक रहेगी। इससे लोगों को आगे के लिए कोरोना संक्रमण से बचाव होगा।

लॉकडाउन लगाने का मिला फायदा
राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर बीएल शेरवाल का कहना है कि मुझे लगता है कि दैनिक मामलों के 28,000 से गिरकर मौजूदा स्थिति में पहुंचने का सबसे बड़ा कारण लॉकडाउन है। दिल्ली स्थित फोर्टिस अस्पताल में डॉ. रिचा सरीन ने भी कहा कि हालात में अपेक्षाकृत सुधार का कारण लॉकडाउन लागू किया जाना है। उन्होंने कहा कि यदि लॉकडाउन अप्रैल में एक सप्ताह पहले लागू कर दिया गया होता, तो हालात इतने खराब नहीं होते, लेकिन यह किसी भी सरकार के लिए कठिन फैसला होता है।

गुरुवार को कोविड-19 के 1,072 मामले सामने आये थे और 117 मरीजों की मौत हुई थी जबकि संक्रमण दर 1.53 प्रतिशत थी। शुक्रवार को 1,141 मामले सामने आये थे और 139 लोगों की मौत हुई थी, जबकि संक्रमण की दर 1.59 प्रतिशत थी। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, इस महामारी से 122 और मरीजों की मौत होने से दिल्ली में मृतकों की संख्या बढ़कर 24,073 पर पहुंच गई।

दिल्ली में 53 लाख लोगों को लग चुकी है वैक्सीन
दिल्ली में अब तक करीब 53 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन लग चुकी है। इनमें से करीब 12 लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। कोरोना वैक्सीन की कमी के कारण वैक्सीनेशन की रफ्तार जरूर सुस्त पड़ी है।

राजधानी में कनटेंमेन्ट जोन में आई कमी
कोरोना मामलों की कमी का असर राजधानी में कंटेनमेन्ट जोन के रूप में भी देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में अभी कुल 22,701 कनटेंमेन्ट जोन हैं। इससे पहले यह संख्या 50 हजार को पार कर गई थी। दिल्ली सरकार के रेवेन्यू डिपार्टमेंट के डेटा के मुताबिक, मध्य दिल्ली में सबसे अधिक 6,523 कनटेंमेन्ट जोन हैं जोकि कुल जोन का करीब 29 फीसदी है। इसी तरह, नई दिल्ली में 4,229, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में 2,313, दक्षिण दिल्ली में 2,308 और उत्तरी दिल्ली में 1,848, पूर्वी दिल्ली में 197, शाहदरा में 262 और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 326 कनटेंमेन्ट जोन हैं।

सोमवार से अनलॉक हो रही दिल्ली
दिल्ली में सोमवार से लॉकडाउन में आंशिक रूप से ढील दी जाएगी। काम के घंटे, लगातार जांच और कोविड उपयुक्त व्यवहार की निगरानी से विनिर्माण और निर्माण गतिविधियों को फिर से शुरू किया जाएगा। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा 7 जून तक बढ़ाए गए लॉकडाउन के दौरान विनिर्माण इकाइयों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को आवाजाही के लिए ई-पास ले जाने की आवश्यकता होगी। कोविड-19 की दूसरी लहर बढ़ने के कारण दिल्ली में 19 अप्रैल को लॉकडाउन लगाया गया था।

 

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