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उन्नाव: कुलदीप सेंगर के करीबी को BJP से टिकट, रेप पीड़िता बोली- मुझे मरवाने को नामजद आरोपी को बनाया प्रत्याशी

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में उन्नाव की जिला पंचायत सीट अचानक चर्चा में आ गई है। यहां भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अरुण सिंह को टिकट दिया है। लेकिन इसका विरोध शुरू हो गया है। सबसे बड़ा विरोध उन्नाव के चर्चित माखी रेप कांड की पीड़िता ने जताया है। आरोप है कि अरुण सिंह दुष्कर्म केस में आजीवन उम्र कैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के करीबी हैं। पीड़िता का कहना है कि भाजपा ने उसे मरवाने के लिए अरुण सिंह को टिकट दिया है।

पीड़िता ने कहा, रायबरेली जाते समय जब उसका एक्सीडेंट हुआ था, तो अरुण सिंह को उसने आरोपी बनाया था। अरुण सिंह ने जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़िता ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। पीड़िता ने एक वीडियो भी जारी किया है।

उन्नाव में भाजपा ने बदली अपनी पॉलिसी

दरअसल, अरुण सिंह फतेहपुर जिले के हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में कृषि राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह के दामाद हैं। भाजपा ने जिला पंचायत चुनाव में किसी भी पदाधिकारी को टिकट देने से इंकार कर दिया था। लेकिन अरुण सिंह के लिए उन्नाव में भाजपा ने अपनी पॉलिसी बदल दी है।

बुधवार रात अरुण सिंह के नाम ऐलान
भारतीय जनता पार्टी ने औरास द्वितीय से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य अरुण सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर कई दिनों से चल रही जोर आजमाइश के बाद बुधवार रात करीब 11 बजे भाजपा ने अरुण सिंह के नाम का ऐलान किया। अरुण सिंह ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष राजकिशोर रावत ने दावा किया कि चुनाव में भाजपा की ही जीत होगी।

एक्सीडेंट मामले में नामजद है अरुण सिंह

बात 28 जुलाई 2019 की है। पीड़िता अपने चाचा से मिलने कार से रायबरेली जेल जा रही थी। कार उनके वकील महेंद्र सिंह चला रहे थे। लेकिन, रायबरेली जिले में NH 32 पर उनकी कार और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हुई। इसमें पीड़िता की मौसी और चाची की मौत हो गई, जबकि पीड़िता, उसकी बड़ी बहन और वकील गंभीर रूप से घायल हुए। पीड़ित व उनके वकील को एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां काफी दिनों तक दोनों का इलाज चला। 16 माह बाद वकील की भी मौत हो गई थी।

इस प्रकरण में पीड़ित के चाचा महेश कुमार की शिकायत पर पुलिस ने कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर, नवाबगंज ब्लॉक के तत्कालीन प्रमुख अरुण सिंह समेत 30 के खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या के प्रयास), 506 (धमकी) और 120 B (आपराधिक साजिश) के तहत रायबरेली के गुरबख्श गंज थाने में केस दर्ज किया था।

2017 में एक युवती ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। दोषी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन्हें दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने आजीवन कैद की सजा दी थी।

तीन जुलाई को होगा मतदान

राज्य निर्वाचन की अधिसूचना के मुताबिक 26 जून को जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर चुनाव के लिए नामांकन होगा। इसी दिन नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 29 जून है। मतदान तीन जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा, इसके बाद मतगणना प्रारंभ की जाएगी। इससे पहले उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चार चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मत डाले गए थे। पहले चरण में 15 अप्रैल, दूसरे में 19 अप्रैल, तीसरे में 26 अप्रैल और चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था।

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