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उद्धव जी ! ये सिर्फ भीड़ नहीं है.. ये तो वो ‘कोरोना बम’ है जो होगा मुंबई में ब्लास्ट

कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन (Lockdown) को मुंबई के बांद्रा (Bandra incident) की एक घटना ने फेल कर दिया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में हजारों लोग इकट्ठा हो गए और घर भेजने की मांग करने लगे। देश को हिला देने वाली इस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की सरकार क्या कर रही है? लगातार मामले बढ़ने के बावजूद उद्धव ठाकरे की सरकार कोई ठोस रणनीति नहीं पेश कर पाई है। लॉकडाउन लागू होने के बावजूद इतनी भीड़ जुटने के बाद विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे षड्यंत्र बताया है।

बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने इस घटना के बारे में कहा, ‘प्रशासनिक विफलता का जीवंत उदाहरण है। पुलिस कमिश्नर का दफ्तर बगल में है। ऐसी जगह पर अचानक 15 हजार लोग आ जाते हैं। यह दृश्य आश्चयर्जनक है। यहां प्रवासी मजदूरों की संख्या कम है। यह पुरानी बस्ती है, यह 1970 में बसी थी। पहले यहां स्लॉटर हाउस था। यहां प्रवासी मजदूर कहां से आए? इसका जवाब सरकार को देना होगा। मंत्री नवाब मलिक मामले में लीपापोती कर रहे हैं। उन्हें जवाब देना होगा कि ये कैसा षडयंत्र है? यहां जामा मस्जिद भी पास है। इसका जवाब सरकार को देना होगा।’

क्या कर रही थी मुंबई की पुलिस?

इस घटना के बाद सबसे गंभीर सवाल उद्धव ठाकरे की सरकार पर उठाए जा रहे हैं। मुंबई की पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लॉकडाउन लागू होने के बावजूद इतने सारे लोग सड़क पर कैसे आए गए? आपको बता दें कि महाराष्ट्र में ही कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। मुंबई शहर में ही कोरोना के एक हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। मुंबई में कोरोना के 100 से ज्यादा मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

कंटेनमेंट प्लान ना होना भी एक वजह?
कोरोना के मामले लगातार बढ़ने के बावजूद महाराष्ट्र सरकार उस सख्ती से निपट नहीं पा रही है, जिस तरह से राजस्थान या केरल की सरकार ने सख्ती दिखाई है। राजस्थान के भीलवाड़ा, केरल के कासरगोड या उत्तर प्रदेश के आगरा और लखनऊ में जिस तरह से कंटेनमेंट प्लान लागू किया गया कि इन इलाकों में कोरोना के मामले कम होने लगे हैं।

महाराष्ट्र सरकार इस मुद्दे पर बुरी तरह से फेल होती दिखाई दे रही है। फुल प्रूफ प्लान ना होने का नतीजा यह है कि अभी भी मुंबई और महाराष्ट्र में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साथ ही कोरोना के कारण मौत भी महाराष्ट्र में ही सबसे ज्यादा हुई है। कोरोना के बढ़ते मामले, खाने की कमी और बढ़ता लॉकडाउन, ये ऐसी वजहें हैं, जो मुंबई के लोगों में डर पैदा कर रही हैं।

राजनीति भी हो गई शुरू!
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने इस घटना के बारे में ट्वीट करके कहा, ‘बांद्रा स्टेशन से लोगों को हटा दिया गया है। बांद्रा की घटना हो या सूरत में दंगों की घटना, यह केंद्र सरकार की असफलता है कि वह प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए इंतजाम के बारे में फैसला नहीं कर पा रही है। ये लोग रहने की जगह या खाने की जगह नहीं चाहते, ये अपने घर जाना चाहते हैं।’

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से बताया गया है कि मुंबई में मंगलवार को कोरोना के 204 नए मामले सामने आए हैं और 11 लोगों की मौत हुई है। इस प्रकार सिर्फ मुंबई में ही कोरोना के संक्रमितों की कुल संख्या 1753 हो चुकी है। मुंबई शहर में ही कोरोना के चलते 111 लोगों की मौत हो चुकी है।

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