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कोरोना मृतक को मुखाग्नि दी थीं जो महिला तहसीलदार, उन पर लगा ये घिनौना इल्जाम

सीकर. पिछले महीने खुद पीपीई किट पहनकर एक कोरोना संदिग्ध बुुजुर्ग महिला का दाह संस्कार कर सुर्खियों में आई धोद की नायब तहसीलदार रजनी यादव विवादों में घिर गई है। उन पर फर्जी विधवा प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। जो खुद उनके ससुराल पक्ष के लोगों ने लगाया है। मामले में उन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग के साथ जिला कलक्टर व सम्पर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि नायब तहसीलदार यादव ने इन आरोपों को झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने आरएएस परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की है। उनके पास पक्ष के सारे सबूत भी मौजूद है। घटना के प्रकाश में आने के बाद कलक्टर ने निष्पक्ष जांच की बात कही है।

द्वितीय श्रेणी शिक्षक में सफलता, लेकिन नौकरी नहीं
नायब तहसीलदार ने आरएएस भर्ती से पहले द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी सफलता हासिल की थी। इस दौरान ससुराल पक्ष के लोगों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग में विधवा प्रमाण पत्र के गलत तरीके से लेने की शिकायत दी। इस पर आयोग ने नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी। इसके बाद रजनी यादव ने वर्ष 2016 की आरएएस भर्ती में सफलता हासिल की।

ससुराल पक्ष का आरोप: फर्जी दस्तावेज से नौकरी
बधाल निवासी रामचंद्र यादव ने जिला कलक्टर अविचल चतुर्वेदी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि उनका बेटा लालचंद यादव राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल था। जिसकी शादी प्रियंका से हुई थी। उसके एक बेटी है। प्रियंका की मौत 2010 में हो गई और उसके बेटे लालचंद की भी मौत 2016 में हो गई। बड़े बेटे की साली रजनी ने लालचंद की पत्नी बनकर फर्जी दस्तावेज से नौकरी हथिया ली।

नायब तहसीलदार बोली: दोनों बहनों की शादी दोनों भाइयों से हुई थी
नायब तहसीलदार रजनी यादव का कहना है कि दो बहनों की शादी दोनों भाइयों से हुई थी। जिसके सबूत सरकारी दस्तावेजों में है। रजनी यादव ने जेठ गोपाल यादव का राशनकार्ड बताया जिसमें लालचंद और उसकी पत्नी के तौर पर रजनी का नाम शामिल है। इसके अलावा 2004 और 2009 की वोटर लिस्ट में लालचंद की पत्नी के तौर पर रजनी का नाम लिखी लिस्ट भी दिखाई। इतना ही नहीं लालचंद के दफ्तर में वैरिफिकेशन के तौर पर भरे जाने वाले फॉर्म में रजनी और उसके पिता का भी नाम शामिल है।

पिछले महीने अंतिम संस्कार से बटोरी थी सुर्खियां
गौरतलब है कि धोद नायब तहसीलदार रजनी यादव पिछले महीने एक कोरोना संदिग्ध बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार कर काफी सुर्खियां बटोर चुकी है। 10 मई को धोद निवासी स्योबक्स सिंह की कोरोना संदिग्ध पत्नी सायर कंवर की मौत होने पर शव उठाने वाला कोई नहीं मिलने पर रजनी यादव ने अपने स्तर पर महिला का शव उठवाया था और खुद पीपीई किट पहनकर उसका दाह संस्कार किया था। जिसकी प्रदेशभर में काफी सराहना हुई थी।

प्रॉपर्टी को लेकर दबाव बनाया जा रहा
प्रॉपर्टी के मामले में दबाव बनाया जा रहा है। दरअसल गोपाल की पत्नी जो उसकी बड़ी बहन है उसे भी परेशान करके घर से निकाल चुके है। जो पिछले कई साल से मायके में ही रह रही है।
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