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उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, UP में नहीं बढ़ेगी बिजली दरें, जानें क्या है कारण

उत्तर प्रदेश के 2 करोड़ 70 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के रेट बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। बिजली कंपनियों ने प्रदेश में 10 से 12 फीसदी रेगुलेटरी सरचार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव आयोग में दिया था। इस पर करीब एक महीने तक सुनवाई चली थी। उसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। दरअसल, बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं पर 49 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया दिखाकर 12% तक बिजली दरों को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था।

गुरुवार को नियामक आयोग की ओर से इसको लेकर आदेश जारी कर दिया गया। इसमें फिलहाल कोई रेट नहीं बढ़ाने की बात कही गई है। उसके अलावा उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर करीब 1059 करोड़ रुपए भी निकले हैं।

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा उपभोक्ताओं की ओर से इस मामले पर लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने इसे पूरे प्रदेश के उपभोक्ताओं की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई यहीं खत्म नहीं होती है। इसको आगे भी जारी रखा जाएगा। अभी उपभोक्ता परिषद फिर दरों में कमी के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा। इसके अलावा उपभोक्ताओं का अब तक कुल निकले लगभग 20559 करोड़ के एवज में कमी का माला भी उठाएगा।

आयोग की टीम ने दिया फैसला

विद्युत नियामक आयोग चेयरमैन आर पी सिंह व सदस्यगण केके शर्मा एवं वीके श्रीवास्तव की पूर्ण पीठ ने यह फैसला सुनाया है। कहा गया है कि साल 2021- 22 के लिए बिजली दरों में कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा। वर्तमान लागू टैरिफ ही आगे भी लागू रहेगी। यहां तक की वर्ष 2021-22 व ट्रू-अप 2019-20 के लिए बिजली कम्पनियों द्वारा निकाली गयी भारी भरकम धनराशि को समाप्त कर दिया गया है।

12% दरें बढ़ाने का प्रस्ताव था

बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं पर 49 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया दिखाकर 12% तक बिजली दरों को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। इसको लेकर विद्युत नियामक आयोग में दो बार चर्चा भी हुई थी। उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसका विरोध करते हुए उल्टे दलील दी थी कि उपभोक्ताओं को ही इन कंपनियों पर करीब 19 हजार करोड़ रुपये का बकाया निकल रहा है।

ऐसे में परिषद ने 3 से 8 फीसदी तक बिजली की दरों को तीन साल के लिए कम करने की मांग की थी। आयोग का फैसला जून के पहले सप्ताह में आना था। उसमें माना जा रहा था कि महंगाई को देखते हुए कीमतें भी बढ़ेंगी। हालांकि उससे पहले ही मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनियों का प्रस्ताव खारिज कर दिया।

यूनिट वर्तमान रेट ( कामर्शियल)
0-150 – 5.50/यूनिट
151-300- 6.00/यूनिट
301-500 – 6.50/यूनिट
500 – 7.00/यूनिट

यूनिट वर्तमान रेट (घरेलू, ग्रामीण)
0-100 “3.35/यूनिट 0-100
101-150 “3.85/यूनिट
151-300 “5.00/यूनिट

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए

0- 100 यूनिट – 3.35 रुपए 101 से 150- 3. 85 रुपए 151 से 300- 5 रुपए 301 से 500 – 5.50 रुपए 500 से ज्यादा- 600 रुपए

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