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कोरोना: देश को रुला देने वाली इस तस्वीर का पार्ट-2 भी दर्दनाक, जानिए उस महिला का अब कैसा है हाल?

आगरा
कोरोना महामारी जब चरम पर थी, तब उत्तर प्रदेश के आगरा की एक तस्वीर वायरल हुई थी। इस तस्वीर में एक महिला अपने पति की जान बचाने के लिए मुंह से सांस दे रही थी। पति को चार अस्पतालों से यह कहकर लौटा दिया गया था कि बेड नहीं है। पति की टूट रही सांसों को बचाने के लिए वह उसे सीपीआर देती रही लेकिन पति को नहीं बचा पाई।

इस तस्वीर के वायरल होने के बाद तमाम लोगों ने सोशल मीडिया पर कॉमेंट किए लेकिन किसी ने भी यह जानने की कोशिश नहीं की, कि उस महिला का क्या हुआ। मीडिया  ने महिला का पता लगाया तो पता चला कि उसका नाम रेनू सिंघल है। उसके पति का नाम रवि सिंघल था।

ढाई हजार रुपये किराए के कमरे में रहता है परिवार
रेनू अपने बच्चों के साथ आगरा के आवास विकास कॉलोनी में 2,500 रुपये महीने किराए के एक छोटे से मकान में रहती है। वह टूट चुकी है। 43 वर्षीय रेनू ने कहा, ‘मेरी बेटी भूमि 16 साल की है, जो दसवीं कक्षा की छात्रा है। मेरे पति परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे।’ परिवार के पास राशन कार्ड या आयुष्मान भारत कार्ड नहीं है। महामारी के कारण उसे नौकरी नहीं मिल रही है।

पेठा बेचते थे पति
47 वर्षीय रवि पेठे बेचकर परिवार पालते थे। कोरोना और लॉकडाउन में वह भी बंद हो गया। परिवार के पास कोई बचत नहीं है। रेनू ने कहा, ‘मैं पेट भरने तक के लिए कुछ नहीं कर पा रही। मुझे अपनी बेटी के लेकर चिंता है। मैं सीएम योगी आदित्यनाथ से अनुरोध करती हूं कि हमारी कुछ मदद करें।’

20 अप्रैल को आया था रवि को बुखार
रेनू ने बताया कि रवि की बीमारी 20 अप्रैल को हल्के बुखार के साथ शुरू हुई थी। दो दिन बाद, वह मुश्किल से सांस ले पा रहे थे। 23 अप्रैल तक उनकी हालत गंभीर हो गई थी। ‘मैंने एक ऑटो किराए पर लिया और उन्हें पास के अस्पताल ले गई। मुझे बताया गया कि उनके पास ऑक्सिजन नहीं है। मैंने दो अन्य अस्पतालों में उन्हें भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन उनके पास कोई बेड नहीं था। फिर, मुझे सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, एक सरकारी अस्पताल जाने के लिए कहा गया।’

मेडिकल कॉलेज में नहीं मिला स्ट्रेचर तक

मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले वह होश खोने लगे, रेनू ने कहा ‘मैं इमरजेंसी वार्ड में गई और स्टाफ के सदस्यों से स्ट्रेचर की भीख मांगी। लेकिन किसी ने नहीं सुनी। जब मैं ऑटो में वापस आई तो देखा कि रवि को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उन्होंने मेरा हाथ जोर से दबाया, मानो मुझे कह रहे हों कि मुझे बचा लो। उनका शरीर अकड़ने लगा। सांस बंद होने लगी तो मैंने उन्हें मुंह से सांस दी लेकिन उन्हें नहीं बचा सकी।’

डीएम बोले- करेंगे मदद
इसी दौरान एक राहगीर ने फोटो खींच ली जो बाद में वायरल हो गई। आगरा के जिला मजिस्ट्रेट प्रभु एन सिंह ने कहा कि हम सुनिश्चित करेंगे कि परिवार को जल्द ही मदद पहुंचाएं।

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