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ऑस्ट्रेलियाई सांसद की गुजारिश- कुछ दिनों के लिए हमको सीएम योगी दे दीजिए.. लेकिन क्यों?

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड-19 का प्रभावी प्रबंधन कर दुनिया के कई देशों को चकित कर दिया है। दुनिया-भर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूरी-भूरी प्रशंसा हो रही है। इसी क्रम में अब ऑस्ट्रेलिया भी जुड़ गया है। ऑस्ट्रेलियाई संसद सदस्य क्रेग केली ने महामारी से निपटने में उत्तर प्रदेश सरकार की सफलता पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभावी नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने यह भी कह दिया कि काश योगी को ‘लोन’ पर लिया जा सकता जिससे ऑस्ट्रेलियाई राज्यों में भी इसी तरह कोरोना को रोका जा सकता।

अपने ट्वीट में ऑस्ट्रेलियाई संसद सदस्य ने उत्तर प्रदेश मॉडल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रभावी ढंग से ‘इवरमेक्टिन’ का इस्तेमाल किया, जिससे कोरोना से होने वाली मौतों को काबू में किया गया. बता दें कि ‘इवरमेक्टिन’ दवा है जो आमतौर पर lice and और दूसरे parasitic infections के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती है।

ऑस्ट्रेलियाई सांसद ने कोविड-19 प्रबंधन के उत्तर प्रदेश मॉडल की प्रशंसा करते हुए कहा कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ऑस्ट्रेलिया में नेतृत्व संभालने के लिए ‘लोन’ पर दिया जा सकता है, जिससे कि ऑस्ट्रेलिया राज्य के प्रमुखों द्वारा फैलाई गई गड़बड़ी को सुलझाया जा सके।

वहीं ऑस्ट्रेलियाई सांसद के ट्वीट के जवाब सीएम योगी ने ट्वीट कर कहा है कि हमें आपकी मेजबानी करने और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में खुशी होगी। पीएम मोदी के मार्गदर्शन ने उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी से लड़ने में मदद की है। हम सब मिलकर कोरोना के खिलाफ इस वैश्विक लड़ाई में सहयोग करेंगे।

बता दें कि 24 करोड़ से अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस की दूसरी लहर को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए उपाय दुनिया के लिए एक बेंचमार्क बन गए हैं।

मुख्यमंत्री स्वयं ग्राउंड वर्क करते हुए राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। अधिकारियों को ‘चाबी’ देने के साथ-साथ Ivermectin टैबलेट के इस्तेमाल के लिए अनुमति देने जैसा फैसला किया, जिससे राज्य के fatality rate में काफी कमी आई है।

यूपी सरकार ने कहा था कि Ivermectin से उत्तर प्रदेश दूसरे राज्यों की तुलना में  मृत्यु दर और positivity rate को कम करने में सफल हुआ है।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने Ivermectin को उन लोगों के लिए एक निवारक उपाय के रूप में पेश किया था जो कोविड रोगियों, स्वास्थ्कर्मियों और स्वयं रोगियों के उपचार के संपर्क में आए थे। इस तरह के सक्रिय उपायों से ही महामारी की पहली लहर और दूसरी लहर दोनों को उत्तर प्रदेश प्रभावी ढंग से रोकने में सफल रहा है।

इस तथ्य को स्वीकार करते हुए ऑस्ट्रेलियाई सांसद क्रेग केली ने ऑस्ट्रेलिया में स्थिति सुधारने के लिए प्रतीकात्मक रूप से योगी आदित्यनाथ को प्रशासन में ‘लोन’ पर लेने की बात कही।

ऑस्ट्रेलिया में कुल 31,000 से अधिक कोरोनावायरस के मामले हैं, जिनमें से लगभग 589 सक्रिय मामले होने का अनुमान है। 910 लोग महामारी से अपनी जान गंवा चुके हैं।

हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब सांसद केली ने इतनी बड़ी आबादी के बावजूद महामारी से निपटने की क्षमता को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की प्रशंसा की हो।

कुछ हफ्ते पहले भी क्रेग केली ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभावी नेतृत्व का जिक्र करते हुए, कोविड प्रबंधन के यूपी मॉडल की सराहना की थी।

क्रेग केली ने कहा कि 24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश ने Ivermectin टैबलेट का प्रयोग कर दूसरी लहर पर अंकुश लगाया है। इसके विपरीत मात्र 6.7 करोड़ की आबादी वाले यूनाइटेड किंगडम ने Ivermectin के उपयोग को अस्वीकार कर दिया।

योगी ने इतने बड़े प्रदेश में इतना बेहतर काम किया कि ऑस्ट्रेलिया के सांसद तक चाहते हैं कि काश उनके पास ‘योगी’ होता। कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश सरकार की नीतियों को बॉम्बे हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, डब्‍ल्‍यूएचओ ने भी सराहा है।

ट्रिपल टी, मेडिकल किट वितरण समेत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन का कार्य युद्धस्‍तर पर किया गया। पिछले 30 दिनों में देश की आबादी के 17% के साथ उत्तर प्रदेश में मात्र 2.5% मौतें और 1% से कम मामले थे। इसके बाद भी विपक्ष इसको लेकर लगातार राजनीति कर रहा है।

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