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कहां से आया कोरोना वायरस? चीन का जवाब- हम नहीं बताएंगे !

चीन ने कोरोना वायरस के स्रोत को लेकर एक स्‍वतंत्र अंतरराष्‍ट्रीय जांच की मांग को खारिज कर दिया है. ब्रिटेन में चीन के एक शीर्ष राजनयिक चेन वेन ने कहा कि इस तरह की मांग राजनीति से प्रेरित है. उन्‍होंने कहा कि इससे चीन का महामारी से लड़ने से ध्‍यान हट जाएगा. दरअसल, कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी. लेकिन चीन ये बात मानने को तैयार नहीं है.

दरअसल अमेरिका समेत दुनियाभर से मांग हो रही है कि चीन इस महामारी के स्रोत की स्‍वतंत्र अंतरराष्‍ट्रीय जांच कराए. यूरोपीय संघ ने अपनी एक रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि चीन कोरोना संकट को लेकर गलत सूचनाएं फैला रहा है. कोरोना संकट ठीक ढंग से नहीं संभालने के लिए अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप कई बार चीन की आलोचना कर चुके हैं. उन्‍होंने यहां तक कह दिया था कि अमेरिका चीन में अपना जांच दल भेजना चाहता है.

कोरोना वायरस की उत्पत्ति चीन के वुहान से: US

इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि अमेरिका दूसरे देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है और उन्हें यह समझा रहा है कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति चीन के वुहान से हुई है. उन्होंने कहा कि वायरस कहां से आया यह समझाने की जिम्मेदारी चीन की है. उन्होंने बेन शापिरो शो में शुक्रवार को कहा कि चीन को दिसंबर 2019 से वायरस के बारे में पता था.

पोम्पियो ने कहा, ‘हमें अमेरिका में हुई मौतों और यहां जिस तरह के आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है उसके लिए जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय करनी होगी.कूटनीतिक तौर पर हम दुनियाभर के देशों से बात कर रहे हैं, सही कदम उठाने में, अर्थव्यवस्थाओं को फिर से खोलने में और यह सुनिश्चित करने में मदद कर रहे हैं कि सही समय आने पर अंतरराष्ट्रीय यात्राएं शुरू की जा सकें ताकि वैश्विक व्यापार शुरू हो सके.’

अमेरिकी विदेश मंत्री बोले, ‘हम उन देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि उन्हें समझा सकें इस वायरस की उत्पत्ति चीन के वुहान में हुई और चीन की सरकार को इसके बारे में दिसंबर 2019 में निश्चित ही जानकारी थी. यही नहीं, वे विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों का पालन करने में भी विफल रहे और उसके बाद इस सब को छिपाने के लिए उन्होंने बहुत कुछ किया.’

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