Tuesday , May 18 2021
Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / काका काकी दादी बहिनी को लपक कर करते है दंडवत, पुराना रिस्ता बता कर माँगे जा रहे वोट

काका काकी दादी बहिनी को लपक कर करते है दंडवत, पुराना रिस्ता बता कर माँगे जा रहे वोट

भोर पहर वोटरों के घर पहुँच रहे है प्रत्याशी चुनाव चिन्ह मिलेगा आज

जरवल/बहराइच। किसी शायर की चार लाइन का ये शेर ”

आला-ज़र्फ़ होते हैं हमेशा झुक के मिलते हैं”
“सुराही सर-निगूँ हो कर भरा करती है पैमाना”

भले ही किसी पर कुछ सोंच कर लिखा हो पर मौजूदा समय मे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर तो बिल्कुल सटीक ही बैठ रहा है।बताते चले पंचायत चुनाव के नामांकन तो प्रत्त्याशियो ने करवा दिए है।जिसकी जांच अभी चल ही रही है प्रत्याशीयो को भले ही अभी चुनाव चिन्ह मिलने मे कुछ देरी हो पर गाँवो की पगडंडियों पर खेतो मे काम कर रहे महिलाओं व पुरुषों से अपना बहिनी दीदी काकी काका का करीबी रिस्ता बता कर वोट मांगते हुए देखे जा रहे हैं जब कि चुनावी अखाड़े मे उछाल कूद कर रहे

प्रत्त्याशियो को अभी चुनाव निशान भी नही मिला है।जानकारों की माने तो चुनावी चौसर मे अभी लोग जातिवाद के साथ हिन्दू मुस्लिम कार्ड का ही प्रयोग करते देखे जा रहे हैं क्योंकि विकास के मुद्दों पर धोखा खा चुके वोटरों पर किसी भी प्रत्याशी का जादू फिलहाल चल नही पा रहा है।जिस कारण राजनीति के मंजे खिलाड़ी जातिवाद का ज्यादा ही सहारा ले रहे हैं।बताते चले जरवल विकास खण्ड मे चार जिला पंचायत सदस्य,77 ग्राम पंचायत,109 क्षेत्र पंचायत व पंच की 1008 सीटों पर चुनाव होने है जिनमे पंचों की तमाम सीटो पर निर्विरोध होना भी तय है।वैसे कपूरपुर ग्राम सभा मे अभी चुनाव नही होंगे नही तो यहाँ 77 की जगह 78 ग्राम सभाओं के चुनाव एक साथ हों जाते की जानकारी भी मिली है।

वैसे जो भी हो जरवल विकास खण्ड मे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का चकल्लस फिलहाल देखने योग्य है चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सत्ता के फायर ब्राण्ड नेताओ के साथ सपा के रसूकदार नेताओ का वोटरों पर सम्मोहन कितना असर करेगा फिलहाल भविष्य के गर्भ मे ही है।वैसे भाजपा व सपा के समर्थित प्रत्याशियों की सीधी टक्कर ही दिखाई पड़ती नजर आ रही है वैसे जिला पंचायत सदस्य की एक सीट पर हाथी की चिंघाड़ कम भी नही है।

loading...
loading...

Check Also

यूपी में कोरोना : BJP विधायक का तंज- ज्यादा बोलूंगा तो देशद्रोह का केस हो जाएगा

कोरोना महासंकट के दौरान अस्पतालों में मेडिकल सुविधाओं की कमी के कारण भारत में हर ...