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योगी के सपोर्ट में ट्वीट पर 2 रुपए का ‘फेक ऑडियो’ किया था वायरल, 2 गिरफ्तार

लखनऊ. सीएम आदित्यनाथ योगी के कथित टूल किट मामले में कानपुर पुलिस ने दो आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। दोनों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने दूसरे की कंपनी को नीचा दिखाने के लिए साजिश रचकर ऑडियो वायरल किया था।

कानपुर पुलिस ने रविवार को आरती नगर, मानक नगर खाला बाजार लखनऊ निवासी हिमांशु सैनी और दिलकुशा मंत्री आवास थाना कैंट निवासी आशीष पांडेय को गिरफ्तार किया है। ऑडियो एडिट करके वायरल करने का आरोप साबित होने पर दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह दोनों सीएम की सोशल मीडिया टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

ऑडियो को एडिट करके सोशल मीडिया पर किया था वायरल

पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि अतुल कुशवाह की तरफ से लिखवाई गई रिपोर्ट की जांच में पता चला कि वादी अतुल और आशीष पांडेय अपने क्लाइंट्स के लिए सोशल मीडिया प्रबंधन का काम करते हैं। इनके बीच आपसी प्रतिस्पर्धा थी। अपना बिजनेस चमकाने के लिए आशीष पांडेय ने अतुल की छवि बिगाड़ने की योजना बनाई। इसमें उसने अपने जूनियर हिमांशु सैनी को शामिल किया।

हिमांशु ने पटना में रहने वाले 15 साल के किशोर से दोस्ती की और उससे फोन पर बात कर दो कॉल रिकॉर्ड कर लिए। आरोप है कि आशीष और हिमांशु ने दोनों की कॉल रिकॉर्डिंग को एडिट करते हुए मिक्स किया और वायरल कर दिया। इस ऑडियो को सुनकर लग रहा था कि सरकार अपने प्रचार-प्रसार के लिए टूल किट का सहारा ले रही है।

ऑडियो एडिट करने के मिले साक्ष्य

पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने दावा किया है कि दोनों आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल से ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है। उसे एडिट करने के भी पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। इतना ही नहीं हिमांशु और आशीष ने अपना गुनाह भी कबूल लिया है। इसके बाद दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

सीएम के सोशल मीडिया सेल के पूर्व प्रभारी भी जांच के दायरे में

पुलिस ने सीएम के सोशल मीडिया विंग के प्रभारी रहे मनमोहन सिंह से भी पूछताछ की है। उन्हें भी जांच के दायरे में रखा गया है। इसके साथ ही पटना के 15 साल के बालक से भी घंटों पूछताछ चली। इसके बाद दोनों को जेल भेजने की कार्रवाई की गई। अब साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

आरोपी आशीष की पत्नी बोली व्यथित हूं, कमजोर नहीं…

आरोपी आशीष पांडेय की पत्नी डॉ. प्रीति वर्मा उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की सदस्य हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि भाजपा संगठन से निवेदन है कि मैंने बहुत ही सहनशीलता से अभी तक काम किया है। चीजें ठीक होने का इंतजार कर रही हूं। अब मेरे परिवार के प्रति दायित्व एवं उसकी रक्षा हेतु जो भी कदम उठे, आशा है कि उन्हें भी समझने का प्रयास किया जाएगा। व्यथित हूं पर कमजोर नहीं हूं…।

ऑडियो वायरल होने पर मचा था हड़कंप

सोशल मीडिया पर पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने 30 मई को इस ऑडियो को सीएम का टूल किट होने का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया था। इसके बाद से एक के बाद विपक्षी दल ने सरकार पर कठघरे में खड़ा कर दिया था। इसके बाद सैय्यद नगर रावतपुर गांव निवासी अतुल कुशवाह ने कल्याणपुर थाने में 31 मई को रिपोर्ट लिखवाई थी। इसमें पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह के साथ ही पुनीत सैनी के साथ ही हिमांशु सैनी उर्फ विकास पर साजिश का आरोप लगाया गया था।

ये है पूरा मामला…

दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कुछ दिन पहले एक कथित टूल किट सामने आया था। इसको लेकर सीएम योगी का सोशल मीडिया अकाउंट्स संभालने वाली टीम विवादों में घिर गई थी।

इस टूल किट में एक ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें मुख्यमंत्री के सपोर्ट में ट्वीट करने पर दो रुपए देने की बात कही जा रही है। यह कथित ऑडियो मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट को संभालने वाली टीम के सदस्यों की बताई जा रही थी। इसे रिटायर्ड IAS सूर्य प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

क्या है विवाद?

दरअसल, अब तक सीएम योगी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने की जिम्मेदारी BECIL नाम की कंपनी के पास थी। कुछ दिनों पहले इसे हटाकर सिल्वरटेक कंपनी को इसकी जिम्मेदारी दे दी गई। मनमोहन सिंह BECIL कंपनी में काम करते थे। बताया जा रहा है कि नई कंपनी अपने तरह से सारे काम को टेकओवर करना चाहती है। ये ऑडियो वायरल होने के बाद मनमोहन सिंह को कंपनी से बाहर निकाल दिया गया।

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