कृषि कानूनों की तरह अग्निपथ योजना को भी लेना पड़ेगा वापस : राहुल गांधी

नई दिल्ली, 22 जून (हि.स.)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार को सेना में जवानों को भर्ती करने से जुड़ी अग्निपथ योजना को आखिरकार वापस लेना होगा।

उन्होंने कहा कि देश के युवा जानते हैं कि देश भक्ति का असली अर्थ देश को मजबूत करना है। अग्निपथ से सेना और राष्ट्र दोनों कमजोर होंगे। कांग्रेस पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि सरकार योजना को वापस ले।

दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और विधायकों के समक्ष राहुल गांधी ने प्रवर्तन निदेशालय से जुड़ी पूछताछ और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात रखी। पार्टी पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार की कथित प्रतिशोध की राजनीति और अग्निपथ योजना को लेकर सत्याग्रह कर रही है।

राहुल ने कहा कि जिस तरह केंद्र सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा था उसी तरह से अग्निपथ योजना को भी वापस लेना पड़ेगा। देश का युवा इसके लिए पार्टी के साथ खड़ा होगा।

प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ के बारे में राहुल गांधी ने कहा कि वह इस दौरान अकेले नहीं थे और उनके साथ पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता था। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को थकाया जा सकता है लेकिन पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं को कोई नहीं थका सकता।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता सच्चाई के लिए लड़ते हैं। उनकी इसी शक्ति के कारण ईडी के नेताओं को भी समझ में आ गया की पार्टी कार्यकर्ता को डराया, दबाया, या धमकाया नहीं जा सकता।

राहुल ने कहा कि देश के लिए इस समय सबसे जरूरी रोजगार का मुद्दा है। केंद्र की मोदी सरकार ने रोजगार देने वाली इस ‘रीड की हड्डी’ को तोड़ दिया है। युवाओं के पास आखिरी विकल्प के तौर पर सेना थी। मोदी सरकार ने यह रास्ता भी बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की बात करती है लेकिन अब न कोई रैंक और न कोई पेंशन ।