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कोराना : चीन से यारी की कीमत चुका रहा पाक, अपने लोगों की लाशें छुपाते फिर रहे इमरान

 

पाकिस्तान में कोराना कोहराम मचाए हुए है। इस महामारी से रोजाना बड़ी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं। बावजूद इसके प्रधानमंत्री इमरान खान भी अपने आका चीन के राष्ट्रपति सी जिंगपिंग की तरह विश्व बिरादरी के सामने ऐसा जाहिर कर रहे हैं कि उनके देश में करोना पूरी तरह नियंत्रित है। पाकिस्तान में मरने वालों की संख्या भी दूसरे देशों के मुकाबले बहुत कम है। इससे पहले कि इमरान खान का यह खेल कुछ और लंबा चलता कराची मेट्रोपोलिटन कॉरपोरेशन ने मृतकों के आंकड़े पेशकर उनके मनसूबे को धूलधूसरित कर दिया।

कॉरपोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक, केवल कराची में कोराना से पिछले 49 दिनों में 3,256 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यही नहीं, आंकड़ों के सार्वजनिक होने से कोई बखेड़ा न खड़ा हो इसके लिए तमाम लाशें गुपचुप तरीके से शहर के विभिन्न कब्रिस्तानों में दफना दी गईं। कॉरपोशन के इन आंकड़ों के सावर्जनिक होने बाद से प्रधानमंत्री इमरान खान बुरी तरह बौखलाए हुए हैं। इसको लेकर कहीं पाकिस्तानी जनता के गुस्से का शिकार न बनें, पूरे मामले को सियासी रंग देने में लगे हैं। उनका आरोप है कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए लाशों के गलत आंकड़े पेशकर नागरिकों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। इमरान खान का दावा है कि कराची मेट्रोपोलिटन कॉरपोरेशन का आंकड़ा तथ्यों से परे है।

मगर सिंध के मुख्यमंत्री और इनके विरोधी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता मुराद अली शाह का कुछ और ही कहना है। उनके अनुसार, चिकित्सकों के दल ने उन लाशों में से कई का परीक्षण किया है, जिससे पता चला कि मृतकों के फेफड़ों के कंडीशन ऐसे थे जैसा अक्सर करोना संक्रमित मरीजों के मौत के बाद हो होते हैं। सिंध के शिक्षा मंत्री सईद गनी ने प्रधानमंत्री इमरान खान के आरोपों को दरकिनार करते हुए कहा कि इन लाशों से उनकी सरकार को कोई लाभ नहीं होने वाला, इसलिए उन पर लाशों की सियासत करने का आरोप शर्मनाक है।

उल्लेखनीय है कि इमरान खान सरकार कोराना वायरस से पाकिस्तान में बहुत कम लोगों के ग्रसित होने और इससे मौत होने का दावा करते आ रहे हैं। सरकरी आंकड़ों पर यकीन करें तो शनिवार तक पाकिस्तान में कोरोना पीड़ितों की कुल संख्या 7,675 थी। इस रोग से अब तक केवल 144 मौतें हुई हैं। चीन भी ऐसे ही दावे करता रहा है।

हालांकि पाकिस्तान द्वारा रोगियों को लेकर पेश किए जाने वालों को लेकर शुरू से सवाल उठाते रहे हैं। कारण कि, इस देश में ढंग के अस्पताल तक नहीं हैं। पाकिस्तान में स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी टोटा है। इसके पास वेंटीलेटर भी नहीं। पाकिस्तान में कोरोना को लेकर जब हालात पूरी तरह बिगड़ चुके थे तो चीन ने अप्रैल के पहले सप्ताह में 125 टन मेडिकल किट्स और मॉस्क उपलब्ध कराए। ऐसे में भला किसी देश में महामारी नियंत्रित कैसे हो सकती है ?

कराची मेट्रोपोलिटन कॉरपोशन ने 20 फरवरी से 9 अप्रैल के बीच सिंध प्रांत की राजधानी कराची के 30 कब्रिस्तानों मेें दफनाई गईं लाशों का ब्योरा जारी किया है, जिसमें बताया गया कि इस दौरान सीन-1 कब्रिस्तान में 181, हाजी मुरीद गोठ में चार, यासीनाबाद में 74, सखी हसन में 273, अलनूर में 30, मोहम्मद शाह में 681, घासदर बाबा में 59, सिद्दीकाबाद में 430 सहित विभिन्न कब्रिस्तानों में 3,265 लाशें दफनाई गईं। इससे पहले इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर लाशें नहीं दफनाई गई थीं। इसके प्रति संदेश जाहिर किए जाने के बाद सिंध सरकार ने इन लाशों में से कुछ का परीक्षण करने का निर्णय लिया।

जानकारों की मानें तो आने वाला समय पाकिस्तान पर और भारी पड़ सकता है।

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