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कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को मुस्‍तैद योगी सरकार, मुख्यमंत्री ने बताईं क्‍या हैं तैयारियां

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   ने आज जनपद मेरठ का भ्रमण कर मेरठ मण्डल में कोविड से बचाव व उपचार के सम्बन्ध में मण्डलीय समीक्षा की। इस बैठक में मेरठ जनपद के जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। मेरठ मण्डल के अन्य जनपदों के अधिकारीगण वर्चुअल माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।

इसके पूर्व, मुख्यमंत्री   ने इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर (आई0सी0सी0सी0) का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की लड़ाई में आई0सी0सी0सी0 की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके माध्यम से कोरोना प्रबन्धन एवं नियंत्रण के कार्याें को कण्ट्रोल एवं माॅनीटर किया जा रहा है। वर्तमान में जनपद मेरठ में 7,559 लोग होम आइसोलेशन में तथा 1,793 कोरोना मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से निरन्तर संवाद एवं उन्हें मेडिकल किट की उपलब्धता प्रभावी तरीके से सुनिश्चित की जाए। मरीजों की सेवा अपने परिवार के सदस्यों के तरह करें तथा सभी अधिकारी व चिकित्साकर्मी पूरी गम्भीरता, तत्परता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि कोविड अस्पतालों में मरीजों को किसी प्रकार की तकलीफ न हो तथा उन्हें अच्छा उपचार, गुणवत्तापरक भोजन एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो।

मुख्यमंत्री जी ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि कोरोना महामारी नियंत्रण के लिए टेस्ट, टेªस व ट्रीट के मंत्र को ध्यान में रखकर कार्य करें। टीम-9 की तर्ज पर हर जिले में टीमें गठित हो। प्रत्येक कोविड अस्पताल की माॅनीटरिंग सी0सी0टी0वी0 कैमरांे के माध्यम से की जाए। जनप्रतिनिधियों को सत्यापन के लिए कोरोना मरीजांे, होम आइसोलेट व्यक्तियों व सैनिटाइजेषन, फाॅगिंग कार्यों की सूची उपलब्ध करायी जाए। यह जनता के प्रति संवेदना दिखाने व उनका मनोबल बढ़ाने का समय है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमन्दों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को 03 माह के लिए प्रति यूनिट 03 किलो गेहूं तथा 02 किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड़ जनसंख्या लाभान्वित होगी। यह निःशुल्क खाद्यान्न ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के अतिरिक्त होगा। यदि किसी जरूरतमंद का कार्ड नहीं बना है, तो उसकी जांच कर 24 घण्टे में कार्ड बनाते हुए, उसको मुफ्त राषन अवष्य उपलब्ध कराया जाए। जनप्रतिनिधियों की संस्तुति पर भी त्वरित कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की जाए, प्रदेष में कोई भी भूखा नहीं रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वह प्रदेष के विभिन्न जनपदों में जाकर कोरोना नियंत्रण एवं उपचार कार्यों की स्वयं समीक्षा कर रहे है। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग को बढ़ाना होगा। वर्तमान स्थिति में कई चुनौतियां हैं, लेकिन अधिकारियों को जागरूक रहकर कार्य करना होगा। उन्होंने आर0टी0पी0सी0आर0 एवं एण्टीजेन टेस्ट को दोगुना करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेष में आॅक्सीजन प्लाण्ट की स्थापना पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस लहर में प्रतिदिन एक लाख कोरोना मरीजांे के होने की आषंका व्यक्त की गयी थी, लेकिन परस्पर टीमवर्क के साथ कार्य करते हुए यह संख्या सीमित हो गई है। प्रत्येक जनपद में अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग टीमे गठित हों। उन्होंने कहा कि पुलिस बल भी अलग-अलग जिम्मेदारियों का वहन सुनियोजित ढंग से करे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक अस्पताल में यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां समय पर भोजन व दवा मरीजों को उपलब्ध है। साफ-सफाई की व्यवस्था, टीकाकरण व अन्य सुविधाओं की माॅनीटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रतिदिन एक बैठक इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर में तथा एक बैठक किसी कोविड अस्पताल में की जाए। इन सभी कार्यों से कोविड-19 से बचाव व नियंत्रण में सफलता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेड की संख्या बढ़ायी जा रही है। कोविड अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों का 25 प्रतिषत मानदेय बढ़ाने के निर्देष दिए गए हंै। उन्हांेने कहा कि होम आइसोलेषन में रह रहे मरीज को मेडिकल किट उपलब्ध करायी जाए तथा उसके निरन्तर सम्पर्क में रहा जाए। निगरानी समितियां स्क्रीनिंग का कार्य करें तथा बिना देर किए मरीज को मेडिकल किट उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियां मरीजों की सूची प्रत्येक दिन आई0सी0सी0सी0 को उपलब्ध कराएं तथा आई0सी0सी0सी0 उसका सत्यापन करे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना मरीजों की सूची जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध करायी जाए, जिससे वे मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ले सकंे और यदि मरीज को कोई परेषानी है, तो उसका निस्तारण भी करा सकंे। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेषन में रह रहे व्यक्तियों की विधानसभावार सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करायी जाए, ताकि वह भी उनसे सम्पर्क कर फीडबैक ले सके। रैपिड रिस्पाॅन्स टीम (आर0आर0टी0) की संख्या दोगुनी व तिगुना की जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को 1,000 रु0 का भरण-पोषण भत्ता दिए जाने का निर्णय लिया गया है, इससे लगभग 01 करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि कंटेनमेण्ट जोन के प्राविधानों को सख्ती से लागू करते हुए वहां डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था की जाए। औद्योगिक इकाइयांे के लिए भी सप्लाई चेन की व्यवस्था व राॅ मैटिरियल के लिए भी मदद की जाए।

मुख्यमंत्री ने मण्डल में टीकाकरण की प्रगति पर सन्तोष व्यक्त करते हुए कहा कि 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए भारत सरकार व 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए प्रदेश सरकार निःशुल्क टीका उपलब्ध करा रही है। टीकाकरण पर ध्यान दिया जाए तथा टीकाकरण के लिए व्यक्तियों को एक से दो घण्टे का स्लाॅट आवंटित किया जाए, ताकि उन्हें ज्यादा प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में टेस्टिंग, इलाज व अन्य सुविधाएं निःषुल्क प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह समय मानवता की सेवा का है। पूरी संवेदनशीलता, योजना व गम्भीरता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी से प्रभावी लड़ाई को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए मनोबल व सम्बल बनाए रखा जाए। सावधानी व सतर्कता बनाये रखने की आवष्यकता है, सभी टीमवर्क के साथ कार्य करें। हर जिले में महिलाओं व बच्चो के लिए डेडिकेटेड अस्पताल की व्यवस्था सुनिष्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी कोरोना मरीज को डायलिसिस की आवष्यकता है, तो उसे वह सुविधा उपलब्ध करायी जाए।

मुख्यमंत्री   ने कहा कि यदि निजी अस्पताल ओवरचार्ज करते हैं, उनको चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर संवाद रखे तथा सप्ताह में एक बार उनके साथ जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी वर्चुअल संवाद करें। उन्होंने कहा कि मेडिकल काॅलेज में आर0टी0पी0सी0आर0 जांच की सुविधा को दोगुना करने के निर्देष दिए गए हंै।

मेरठ मण्डल के आयुक्त   सुरेन्द्र सिंह ने मण्डल की प्रगति आख्या रखते हुए कहा कि किसी अस्पताल में आॅक्सीजन की कमी नहीं है। मण्डल में 479 आॅक्सीजन कंसन्टेªटर है, 95 गत सप्ताह बढ़ाए गए हंै, शीघ्र ही 400 कंसन्टेªटर और मिलने की सम्भावना है। उन्होंने बताया कि मण्डल में 1309 रैपिड रिस्पाॅन्स टीम कार्यरत है, जिसमें 514 शहरी क्षेत्र में व 795 ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि मण्डल में 10 आॅक्सीजन प्लाण्ट हंै, जिसमें से 04 मेरठ में है। 35 नए प्रस्ताव आए हंै, जिसमें से 13 पर वर्कआॅर्डर जारी किया गया है और 03 क्रियाषील हो गए हैं। उन्होंने बताया कि मण्डल में 3937 निगरानी समितियां हंै। मण्डल में 4258 कंटेनमेण्ट जोन है तथा 13057 रेमडेसिविर इंजेक्षन उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री जी जनपद मेरठ में मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में सदी की वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ फस्र्ट वेव में उत्तर प्रदेश सफलतापूर्वक मजबूती से आगे बढ़ा है। सेकेण्ड वेव में भी यह लड़ाई से मजबूती से लडी़ जा रही है। प्रदेश सरकार अर्ली एण्ड अग्रेसिव कैम्पेन के माध्यम से गांव-गांव तक कोरोना प्रबन्धन एवं ट्रेस, टेस्ट, ट्रीट के मंत्र के आधार पर कोविड नियंत्रण के कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि फस्र्ट वेव में विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की थी कि प्रदेश में 01 लाख से अधिक एक्टिव केस होंगे। हमनें टीमवर्क द्वारा एक्टिव केसों की कुल संख्या 67,000 तथा एक दिन में अधिकतम केसों की संख्या 7,200 तक में ही नियन्त्रित कर ली। वहीं सेकेण्ड वेव में जब अन्य राज्यों में संक्रमण दर ज्यादा हो गयी तो यह आशंका व्यक्त की जाने लगी कि उत्तर प्रदेश, जो सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है, वहां 25 अप्रैल से 15 मई के मध्य प्रतिदिन 01 लाख केस आयेंगे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी पूरी टीम जिसमें शासन, प्रशासन, डाॅक्टर्स सहित अन्य चिकित्सीय स्टाफ, कोरोना वाॅरियर्स इत्यादि शामिल हैं, इन सभी के सम्पूर्ण प्रयासों से आज नये पाॅजिटिव केसों की कुल संख्या 10,600 रह गयी है, जो 24 अप्रैल को एक दिन में आने वाले नये केसों की संख्या 38,055 की अपेक्षा बहुत कम है। इस प्रकार पिछले 15 दिनों में 01 लाख 47 हजार से अधिक एक्टिव केसों की संख्या ट्रेस, टेस्ट, ट्रीट की रणनीति से कम हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश सर्वाधिक टेस्ट करने वाला राज्य है। प्रदेश में टेस्ट की एग्रेसिव कैम्पेन की गतिविधि निरन्तर चल रही है, जिसके कारण प्रदेश में कुल टेस्टों की संख्या आज साढ़े चार करोड़ से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि महामारी की शुरुआत में प्रदेश में कोरोना टेस्ट की सुविधा नहीं थी, किन्तु निरन्तर प्रयासों से आज हम प्रतिदिन ढाई लाख से अधिक टेस्ट कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की प्रथम लहर के दौरान एल-1 श्रेणी के 01 लाख 16 हजार तथा एल-2 एवं एल-3 श्रेणी के 23 हजार बेड की व्यवस्था की गयी। द्वितीय लहर में संक्रमण दर अधिक होने के कारण एल-2 एवं एल-3 के 80 हजार बेड उपलब्ध कराये गये हैं। इस दौरान आॅक्सीजन की मांग में कई गुना बढ़ोत्तरी हुई है, जिसे तत्काल पूरा किया गया। भारत सरकार के सहयोग से आॅक्सीजन आपूर्ति हेतु पहली बार आॅक्सीजन एक्सप्रेस चलायी गयी तथा भारतीय वायुसेना की मदद से आॅक्सीजन की आवश्यकता से अधिक आपूर्ति हर जनपद में की गयी है। दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आॅक्सीजन की आत्मनिर्भरता हेेतु मेरठ मण्डल में 35 नये आॅक्सीजन प्लाण्ट लगाने की कार्यवाही चल रही है। अकेले जनपद मेरठ में 10 नये आॅक्सीजन प्लाण्ट लगाने की प्रक्रिया गतिशील है, जिससे यहां के मेडिकल काॅलेज, सी0एच0सी0, पी0एच0सी0 में आॅक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अलावा, प्रदेश सरकार ने सभी जनपदों को बड़ी मात्रा में आॅक्सीजन कन्सन्ट्रेटर भी उपलब्ध कराये हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार गांवों को संक्रमण से सुरक्षित रखने हेतु 97,000 राजस्व गांवों में युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। इसके लिए विगत 02 मई को एडवाइजरी जारी की गयी, जिसके तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 60,000 से अधिक ग्राम निगरानी समितियां गठित की गईं। शहरी क्षेत्रों में 12,000 से अधिक मोहल्ला निगरानी समितियांे का गठन किया गया है। इन समितियों द्वारा लोगों की स्क्रीनिंग, संदिग्ध एवं लक्षणयुक्त व्यक्ति को मेडिकल किट प्रदान कराना तथा उनकी सूची को तत्काल आई0सी0सी0सी0 को उपलब्ध कराना, जैसे कार्याें को सम्पादित किया जा रहा है। निगरानी समितियों द्वारा सदिग्ध व्यक्तियों की सूचना आर0आर0टी0 को दी जाती है, जो उनके घर जाकर एण्टीजेन टेस्ट कर रही हैं। आवश्यकतानुसार संक्रमित व्यक्तियों को होम आइसोलेशन या कोविड अस्पताल में चिकित्सीय सुविधा प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पोस्ट कोविड कार्य की रणनीति बनायी गयी है। इसके लिए क्राइसिस मैनेजमेण्ट कमेटी का गठन किया गया है, जिससे प्रदेश एवं देश के चिकित्सा विशेषज्ञ जुड़े हैं। यह ग्रुप सेकेण्ड वेव के लिए परामर्श के साथ ही, भविष्य की तैयारियों के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। ब्लैक फंगस से निपटने के लिए सरकार द्वारा एडवाइजरी जारी की जा चुकी है तथा इसके लिए हर जनपद में निःशुल्क इलाज की समुचित व्यवस्था की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन के कार्याें के लिए राज्य सरकार ने अपनी व्यापक रणनीति बनायी है। भारत सरकार द्वारा 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए निःशुल्क वैक्सीन प्रदान की जा रही है। प्रदेश में अब तक डेढ़ करोड़ वैक्सीन की डोज दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 18 से 44 आयु वर्ग के लिए प्रदेश सरकार चरणबद्ध रूप से निःशुल्क टीकाकरण कार्यक्रम चला रही है। इसके तहत प्रथम चरण में सबसे ज्यादा 07 संक्रमित जनपदों को लिया गया, फिर सभी नगर निगमों को टीकाकरण कार्यक्रम से आच्छादित करते हुए 17 मई, 2021 से सभी मण्डल मुख्यालयों में टीकाकरण प्रारम्भ किया जायेगा। इस प्रकार प्रदेश के कुल 23 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम सम्पन्न होगा। अब तक मेरठ मण्डल के 50 हजार से अधिक युवाओं का टीकाकरण किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण दर को न्यूनतम करने हेतु आंशिक कोरोना कफ्र्यू 24 मई सुबह 07 बजे तक प्रभावी किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 15 करोड़ लोगों को 03 माह तक निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। इन लोगों में पात्र गृहस्थी एवं अन्त्योदय राशन कार्ड धारक, मजदूर वर्ग, जरूरतमंद व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह निःशुल्क खाद्यान्न, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के अतिरिक्त होगा। इसके अतिरिक्त स्ट्रीट वेण्डर, रिक्शा चालक, ई-रिक्शा चालक, संगठित एवं असंगठित मजदूर वर्ग, नाविक, कुली, पल्लेदार, धोबी, नाई इत्यादि जो दिन प्रतिदिन की आय पर निर्भर हैं, उन्हें राज्य सरकार 01 हजार रुपए भरण पोषण भत्ते के रूप में प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि थर्ड वेव की रोकथाम हेतु हमारे कार्यक्रम प्रारम्भ हो चुके हैं, जिसमें स्वच्छता, सैनिटाजेशन एवं फाॅगिंग के कार्य किये जा रहे हैं। साथ ही, पब्लिक एड्रेस सिस्टम को प्रभावी करते हुए हाई रिस्क कैटेगरी के लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में मेडिकल काॅलेज, जिला चिकित्सालयों में पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) को संचालित करने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे पास जापानी इन्सेफिलाइटिस से लड़ने का अनुभव है। इसी तर्ज पर हम लोगों ने थर्ड वेव को नियन्त्रित करने के कार्य प्रारम्भ कर दिये हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के विशेषज्ञों की टीम भारत सरकार के सहयोग से निरन्तर कार्य कर रही है। हम इस महामारी को नियन्त्रित करने में अवश्य सफल होंगे, मेरी आप सबसे अपील है कि हाई रिस्क कैटेगरी के लोग बाहर न निकलें। लोग बहुत आवश्यकता पर ही घर से बाहर निकलें, मास्क का घर के अन्दर व बाहर उपयोग करें तथा दो गज दूरी का अनिवार्य रूप से पालन करें।

इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री जी ने ग्राम बिजौली का निरीक्षण कर वहां कोरोना महामारी नियंत्रण के सन्दर्भ में किये जा रहे कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया। उन्हांेंने ग्राम में संक्रमित मरीजों की स्थिति को जाना व उनके परिजनों से वार्ता की तथा उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्हांेने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में निगरानी समिति के सदस्यों के साथ वार्ता की तथा आॅक्सीजन प्लाण्ट का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री जी ने होम आइसोलेशन पर रह रहे कोरोना मरीज नितिन त्यागी के परिजन से वार्ता की। उन्होंने मेडिसिन किट की उपलब्धता के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रैपिड रिस्पाॅन्स टीम तथा इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर के कार्यों की भी जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री जी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बिजौली में निगरानी समिति के सदस्यों के साथ भी वार्ता की तथा उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आप सभी अच्छा कार्य कर रहे है। कोरोना महामारी से लड़ाई में निगरानी समितियों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्हांेने कहा कि पूरी सजगता व सतर्कता बनाये रखते हुये गंभीरता व तत्परता व पूरी तैयारी के साथ कार्य करें। होम आइसोलशन पर रह रहे कोरोना मरीजों को मेडिसिन किट बिना देरी उपलब्ध करायी जाए।
मुख्यमंत्री जी ने बिजौली में संचालित आॅक्सीजन प्लाण्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्लाण्ट की स्थापना व संचालन से जनपद में आॅक्सीजन आपूर्ति को बल मिला है। प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर आॅक्सीजन प्लाण्ट की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। आॅक्सीजन, दवा आदि की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि बिजौली आॅक्सीजन प्लाण्ट की वर्तमान कैपिसिटी 1400 डी-टाइप मेडिकल आॅक्सीजन सिलेण्डर प्रतिदिन है तथा इसकी प्रस्तावित क्षमता 2800 डी-टाइप मेडिकल आॅक्सीजन सिलेण्डर प्रतिदिन है जिस पर कार्य चल रहा है।

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