Monday , December 6 2021
Home / भारत / कोरोना : पूरी दुनिया के लिए संकटमोचक बने पीएम मोदी, अब नेपाल ने इसलिए कहा शुक्रिया

कोरोना : पूरी दुनिया के लिए संकटमोचक बने पीएम मोदी, अब नेपाल ने इसलिए कहा शुक्रिया

वैश्विक कोरोना संकट के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरी दुनिया के लिए संकटमोचक बन गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर दुनिया के तमाम देशों में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए मदद भेजी जा रही है। कई देशों को मोदी सरकार ने दवाएं और चिकित्सीय उपकरण भेजे हैं। अब भारत ने कोरोना से मुकाबले के लिए नेपाल को मदद के तौर पर 23 टन आवश्यक दवाएं दी हैं। दवा की यह खेप भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्र ने नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री भानुभक्त धाकल को सौंपी। इसमें कोरोना के खिलाफ अहम मानी जा रही हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के अलावा पैरासिटामॉल व अन्य दवाएं शामिल हैं।

नेपाल के पीएम ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद कहा
संकट के समय भारत सरकार की इस मदद पर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया है। उन्होंने इसे भारत की उदारता भरी मदद कहा है। कोरोना संक्रमण से निपटने को लेकर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच इस महीने टेलीफोन पर बात हुई थी। इससे पहले कोरोना के खिलाफ मिलकर प्रयास करने की पीएम मोदी की अपील पर 15 मार्च को सार्क देशों की बैठक में भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी।

आपको बता दें कि कोरोना को मात देने में सक्षम समझी जाने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (एचसीक्यू) की आपूर्ति को लेकर भारत अभी दुनिया का सबसे अग्रणी देश बन गया है। अभी 55 से अधिक देशों ने भारत से इस दवा को खरीदने का आग्रह किया है।अमेरिका, ब्रिटेन जैसे शक्तिशाली देश भारत से इस दवा को खरीद रहे हैं, लेकिन गुआना, डोमिनिक रिपब्लिक, बुर्कीनो फासो जैसे गरीब देश भी हैं, जिन्हें भारत अनुदान के तौर पर इन दवाओं की आपूर्ति करने जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार न सिर्फ देश में कोरोना महामारी से कुशलतापूर्वक लड़ रही है, बल्कि पूरी दुनिया को इस बीमारी से लड़ने में मदद भी कर रही है। भारत ने मॉरीशस और सेशेल्स को कोरोना से लड़ने के लिए हाइड्रोकिसीक्लोरोक्वीन दवा समेत जीवन रक्षक दवाएं भेजी हैं। बुधवार शाम मारीशस में 5 टन टैबलेट की खेप लेकर कार्गो विमान वहां पहुंचा, जिसे मारीशस के उप प्रधानमंत्री ने रिसीव किया। वहीं सेशेल्स में हाइड्रोकिसीक्लोरोक्वीन की चार टन टैबलेट की खेप लेकर विशेष कार्गो विमान पहुंचा।

जाहिर है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण उत्पन्न अभूतपूर्व मौजूदा कठिन स्थिति को देखते हुए भारत से इसके निर्यात पर प्रतिबंध जारी रहने के बावजूद इस दवा की यह खेप मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए पहुंचाई गई।

loading...

Check Also

पेट्रोल-डीजल की कमी के बाद अब इस देश में अंडरवियर्स और पजामे की भारी किल्लत

लंदन (ईएमएस)।आपकों जानकार हैरानी होगी कि यूके में इन दिनों अंडरवियर्स और पजामे की भारी ...