क्रेडिट और डेबिट कार्ड एक्टिवेशन से जुड़े कुछ प्रावधानों में राहत, आरबीआई ने बढ़ाई 3 महीने की डेडलाइन

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रिजर्व बैंक ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड सहित सह-ब्रांडिंग कार्ड को सक्रिय करने से संबंधित प्रावधानों में ढील दी है। केंद्रीय बैंक ने 30 जून 2022 के बाद 3 महीने के लिए तीन प्रावधानों के विस्तार को मंजूरी दी है। भारतीय रिजर्व बैंकआरबीआई द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, उद्योग में शामिल कुछ पार्टियों के अनुरोधों के बाद अक्टूबर 2022 कार्ड पर मास्टर डायरेक्शन में दिए गए कुछ प्रावधानों को लागू करने की समय सीमा बढ़ाई जा रही है। इन 3 प्रावधानों में ओटीपी आधारित सहमति, क्रेडिट लाइन और क्रेडिट कार्ड सक्रिय करने के लिए शुल्क का भुगतान न करने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं, आरबीआई ने फिनटेक कंपनियों को कोई राहत नहीं दी है। हालांकि रिजर्व बैंक ने फिनटेक कंपनियों को कोई राहत नहीं दी है। वहीं आईबीए ने बदलावों को लागू करने के लिए 6 महीने का समय मांगा। लेकिन रिजर्व बैंक ने केवल 3 प्रावधानों में 3 महीने का समय दिया है।

फिनटेक कंपनियों को राहत नहीं मिली है

उद्योग जगत के अनुरोध के बाद रिजर्व बैंक ने कुछ प्रावधानों के लिए समय सीमा बढ़ा दी है। हालांकि फिनटेक कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ने वाले प्रावधानों पर कोई राहत नहीं है। मास्टर निदेश के तहत, कुछ प्रावधानों ने क्रॉस-ब्रांडिंग के तहत क्रेडिट और प्रीपेड कार्ड के विपणन और वितरण में लगी कंपनियों पर सीमाएं निर्धारित की हैं। इससे फिनटेक के वनकार्ड, पेयू जैसे कार्ड जारी करने के कारोबार पर असर पड़ने की संभावना है। परिवर्तनों के अनुसार, सह-ब्रांडिंग भागीदार कार्ड के माध्यम से किए गए लेनदेन के बारे में जानकारी तक नहीं पहुंच पाएगा। मनी कंट्रोल न्यूज के अनुसार, यह नियम फिनटेक कंपनियों के कारोबार करने के तरीके को प्रभावित कर सकता है और फिनटेक कंपनियां अपने पार्टनर बैंकों जैसे आरबीएल और फेडरल बैंक के साथ अपने बिजनेस मॉडल को बदलने की योजना बना रही हैं।

क्या है रिजर्व बैंक की राहत

रिजर्व बैंक ने इन तीन प्रावधानों पर समय सीमा बढ़ा दी है। पहले प्रावधान के अनुसार मास्टर निर्देश के अनुसार कार्ड जारी करने वाले बैंक को उस स्थिति में कार्ड को सक्रिय करने के लिए वन टाइम पासवर्ड मांगना होगा। जब कार्ड जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर ग्राहक द्वारा स्वयं सक्रिय नहीं किया गया हो। यदि ग्राहक से वन टाइम पासवर्ड आधारित अनुमोदन प्राप्त नहीं होता है, तो कार्ड जारीकर्ता को 7 दिनों के भीतर क्रेडिट कार्ड खाता बंद करना होगा और वह ग्राहक से इसके लिए शुल्क नहीं ले पाएगा। यानी बैंक और एनबीएफसी ग्राहक की सहमति के बिना अपने विवेक से कार्ड को सक्रिय नहीं कर पाएंगे।