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अयोध्या में नकली सिपाही गिरफ्तार, गुमनाम खत पर एसपी ने कराई थी जांच

अयोध्या में नौकरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मामला कोतवाली नगर का है। यहां पुलिस विभाग में अंगरक्षक पद पर तैनात विवेक शर्मा फर्जी तरीके से नौकरी कर रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि उसने अपने भाई के शैक्षिक प्रमाणपत्र से आवेदन किया था। उसकी जगह पर उसके भाई ने लिखित और फिजिकल टेस्ट दिया था। बाद में भाई दयाशंकर के नाम पर नौकरी करने विवेक पहुंच गया।

गोपनीय शिकायत मिलने के बाद एसपी ग्रामीण ने इस मामले की जांच कराई थी। जांच में विवेक को दोषी पाया गया। जिसके बाद उसे मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

2019 में सिपाही पद पर हुआ था भर्ती
अयोध्या पुलिस में कार्यरत आरक्षी विवेक आगरा का निवासी है। वह 2019 में पुलिस विभाग में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। वर्तमान में वह नगर कोतवाली में तैनात था। सिपाही के रूप में तैनात विवेक की गिरफ्तारी कोतवाली परिसर से ही की गई है। कैंट थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर आरक्षी का चालान किया है।

विवेक ने धोखाधड़ी कर आरक्षी का पद हासिल किया
बाह तहसील के जयपुर थाना क्षेत्र के गांव उधन पुरा निवासी दयाशंकर शर्मा की नियुक्ति पुलिस महकमे में आरक्षी पद पर हुई थी। इसी बीच पुलिस के उच्च अधिकारियों के पास एक गोपनीय शिकायत पहुंची। जिसमें कहा गया था नगर कोतवाली में तैनात आरक्षी विवेक शर्मा ने धोखाधड़ी कर अपने भाई की जगह पुलिस के आरक्षी का पद हासिल किया है।

धोखाधड़ी समेत कई मामलों में केस दर्ज
मामले की जानकारी होने पर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर प्रकरण की जांच शुरू कराई गई। जांच में आरोप सही पाए गए। जिसके बाद नगर कोतवाली में आरक्षी विवेक शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी ,कूट रचना सरकारी धन के गबन समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। इस पूरे प्रकरण की विवेचना कैंट थाना प्रभारी को सौंपी गई। विवेचना अधिकारी ने प्राथमिक साक्ष्य के आधार पर विवेक शर्मा को पुलिस आरक्षी बैरक से गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसका चालान कर दिया।

जांच में मिली डिग्री भाई की निकली
विवेक शर्मा प्रकरण में जांच में पता चला कि उसने नौकरी हासिल करने के लिए धोखाधड़ी की है। आवेदन के समय उसके भाई दयाशंकर शर्मा के एकेडमिक रिकॉर्डस से आवेदन किया गया था। लिखित परीक्षा भी उसके भाई ने ही पास की थी। परीक्षा पास करने के बाद फिजिकल टेस्ट में भी उसका भाई ही शामिल हुआ था। बाद में विवेक शर्मा अपने भाई की जगह नौकरी करने पुलिस विभाग में पहुंच गया। हालांकि शिकायत के बाद जांच कराई गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।

विवेक के भाई को भी जल्द किया जाएगा गिरफ्तार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडेय ने मंगलवार को बताया कि विवेक शर्मा आगरा जनपद का रहने वाला है। उसे कैंट थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, सरकारी धन के गबन तथा साजिश के मामले में गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार विवेक शर्मा ने अपने भाई दयाशंकर शर्मा के साथ मिलकर धोखे से आरक्षी पद की नौकरी ज्वाइन कर ली। कैंट पुलिस ने विवेक शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। साजिश में सहयोगी उसके भाई दयाशंकर को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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