चोरी के मामले में घटना स्थल पर जांच अधिकारी का जाना अनिवार्य

नई दिल्ली, 25 जून (हि.स.)। राजधानी दिल्ली के भीतर होने वाली सेंधमारी एवं घर के भीतर होने वाली चोरी के मामले में जांच अधिकारी के लिए घटना स्थल पर जाना अनिवार्य होगा। पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने इस बाबत आदेश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिले के डीसीपी को इस आदेश का पालन करने के लिए कहा है ताकि सेंधमारी की वारदातों पर लगाम लगाई जा सके।

जानकारी के अनुसार राजधानी में रोजाना सैकड़ों चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जाता है। इस तरह की वारदातों में आम आदमी के जीवन भर की जमा पूंजी चली जाती है। वहीं ऐसी वारदातों को लेकर पुलिस केवल खाना-पूर्ति करती है। थानों में आने वाले हत्या, हत्या प्रयास, लूट, डकैती और झपटमारी की वारदात सुलझाना पुलिस की प्राथमिकता होती है, लेकिन सेंधमारी एवं घर के भीतर होने वाली चोरी के मामलों में अधिकांश लोगों की सुनवाई ठीक से नहीं हो पाती।

उनके मामले सुलझाने में पुलिस ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाती। इसकी वजह से आम आदमी परेशान होता है और पुलिस की छवि खराब होती है।

पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने इस समस्या को बेहद गंभीरता से लिया है। उनका मानना है कि सेंधमारी एवं घर के भीतर चोरी की वारदात आम आदमी के लिए बड़ा नुकसान है। इसलिए ऐसी वारदातों को गंभीरता से देखने की आवश्यकता है। इन्हें न केवल सुलझाना होगा बल्कि चोरी हुए सामान की बरामदगी भी होनी चाहिए। इसे लेकर पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने सभी जिला डीसीपी को निर्देश दिए हैं। उन्हें बताया गया है कि सेंधमारी की वारदात को सुलझाने के लिए गंभीरता से प्रयास किये जाए।

इसके लिए सबसे पहले मौके का मुआयना किया जाए और वहां से साक्ष्य इक्ट्ठा किये जायें। इन सुरागों की मदद से पुलिस सेंधमारों को पकड़ने में कामयाब होगी और इन वारदातों में कमी आएगी।

वहीं दिल्ली पुलिस महासंघ के अध्यक्ष एवं पूर्व एसीपी वेदभूषण ने बताया कि पुलिस कमिश्नर द्वारा दिये गए यह निर्देश कई मायनों में महत्वपूर्ण हैं। एक तरफ जहां जनता के लिए यह बड़ी राहत होगी तो वहीं दूसरी तरफ ऐसे मामले सुलझने से पुलिस की छवि में भी सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि अभी के समय में सेंधमारी को पुलिस इसलिए ज्यादा गंभीरता से नहीं लेती क्योंकि वहां अन्य गंभीर मामलों की जांच पर ज्यादा ध्यान रहता है, लेकिन अब पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद जांच अधिकारी के लिए मौके पर जाकर जांच करना और साक्ष्य जुटाना अनिवार्य होगा।