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ब्लैक फंगस का बढ़ता जा रहा कहर, अब आंख के साथ-साथ पैर और छाती में भी मिला संक्रमण

बिलासपुर. राज्य में कोरोना के बाद ब्लैक फंगस के बढ़ते मरीजों की संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की पहले ही नींद उड़ाकर रखी है। इस बीच आंख के अलावा पैर और छाती में भी ब्लैक फंगस (Black Fungus) का संक्रमण देखने को मिला है। सिम्स में ब्लैक फंगस के तीन नए मरीज भर्ती हुए हैं। इसके साथ ही यहां अब तक 23 मरीज अब तक भर्ती हो चुके हैं, जिसमें से 5 को रेफर और एक को डिस्चार्ज किया जा चुका है।

पहली बार किसी मरीज को स्किन में म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) यानि ब्लैक फंगस की शिकायत मिली है। कोरबा जिले के नुनेरा निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग को जब परिजन सिम्स लेकर पहुंचे तो वहां मरीज की जांच हुई। डॉक्टरों ने मरीज के छाती और पैर में ब्लैक फंगस का संक्रमण होने की पुष्टि की।

डॉक्टरों का कहना है कि ब्लैक फंगस अधिकतर आंख में देखने को मिलता है किसी को छाती और पैर में म्यूकोरमाइकोसिस होने के चांस काफी कम पाए जाते हैं। इसके अलावा सिरगिट्टी निवासी 43 वर्षीय पुरुष और बेमेतरा निवासी 50 साल की महिला में ब्लैक फंगस की पुष्टि की गई। इसके अलावा यह भी बात सामने आई है कि सिम्स में भर्ती 72 साल के जिस मरीज को छाती और पैर में ब्लैक फंगस हुआ है, उसे कोरोना नहीं था।

डॉक्टर के बिना सलाह के मरीजों ने लीं दवाइयां
नोडल अधिकारी डॉक्टर आशुतोष कोरी का कहना है कि कोरोना होने के बाद मरीजों ने डॉक्टरों की बिना सलाह लिए, मनमानी दवाइयां खाईं। जिसके कारण उन्हें फंगस की बीमारी हो रही है। एंटीबॉयोटिक दवाइयां लेने की सीमा होती है। लेकिन कई लोगों ने 15 से 20 दिन तक ये दवाइयां ली हैं। लोगों से अपील है कि वे ऐसा न करें। अगर कोविड की चपेट में आ रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही दवाइयां लें, ताकि आपको दवाइयां नुकसान न करें।

दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं मरीज
सिम्स में अब तक 23 मरीज इस बीमारी के मिल चुके हैं। जिसमें से 5 को रायपुर रेफर किया जा चुका है। तीन मरीजों के ऑपरेशन हो चुके हैं। जिनकी हालत बेहतर है। वहीं अभी तक ब्लैक फंगस से जिले की एक महिला की मृत्यु हो चुकी है। इसके साथ ही सिम्स में एक और मरीजों ने दम तोड़ा है। हालांकि वे दूसरे जिले के रहने वाले थे।

जिले के जिस मरीज की मौत सिम्स में हुई वह रतनपुर की निवासी थी। 27 मई को रायपुर एम्स में हुआ था। महिला को 19 मई को सिम्स में भर्ती किया गया था। ब्रेन में फंगस पहुंचने के कारण महिला की हालत गंभीर थी। कुछ घंटों बाद ही उसे सिम्स से रायपुर एम्स हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया था। जहां इलाज के दौरान गुरुवार के महिला की मौत हो गई थी। इधर सिम्स में पाली निवासी 52 वर्षीय अधेड़ को 25 मई की रात 10.30 बजे गंभीर हालत में सिम्स लाया गया था। अधेड़ की किडनी में फंगस पहुंच गया था। सिम्स में इलाज के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई।

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