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3 में से 2 राउंड जीतने के बावजूद हारीं मैरीकॉम, क्योंकि 5 में से 3 जज थे उनके खिलाफ

बॉक्सिंग में भारत को बड़ा झटका लगा है। दिग्गज बॉक्सर मेरीकॉम 51 किलोग्राम वेट कैटेगरी के प्री-क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की विक्टोरिया इनग्रिट वेलेंसिया से हार गईं। कोलंबियाई बॉक्सर ने भारतीय बॉक्सर को 3-2 से हराया। पहले राउंड में वेलेंसिया के पक्ष में 5 में से 4 जजों ने फैसला सुनाया। यही मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। मेरीकॉम को इसी बढ़त की वजह से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद मेरीकॉम ने बाकी बचे दोनों राउंड जीते, पर वह वेलेंसिया को मिले टोटल पॉइंट को कवर नहीं कर पाईं।

38 साल की मेरीकॉम इससे पहले 32 साल की वेलेंसिया को दो बार हरा चुकी थीं। जब रेफरी ने मुकाबले के अंत में वेलेंसिया का हाथ ऊपर उठाया, तो मेरीकॉम की आंखों में आंसू थे। इसके बाद कोलंबियाई बॉक्सर ने मेरीकॉम को गले से लगाया और उन्हें सांत्वना दी। मेरीकॉम का ओलिंपिक गोल्ड जीतने का सपना भी टूट गया। इससे पहले वे 2012 लंदन ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।

बाउट फैक्ट्स

  • पहले राउंड में 5 में से 4 जज ने वेलेंसिया को 10-10 पॉइंट दिए। वहीं एक जज ने 9 पॉइंट दिया। जबकि मेरीकॉम को 4 जज ने 9 पॉइंट दिए और एक जज ने 10 पॉइंट दिया।
  • 38 साल की मेरीकॉम ने पहला राउंड गंवाने के बाद जबरदस्त वापसी की और बाकी दोनों राउंड अपने नाम किए।
  • दूसरे राउंड में वेलेंसिया को 5 में से 2 जज ने 10-10 पॉइंट दिए। वहीं 3 जज ने 9-9 पॉइंट दिए। मेरीकॉम को 3 जज ने 10-10 पॉइंट दिए और 2 जजों से 9-9 पॉइंट मिला।
  • तीसरा राउंड भी मेरीकॉम के नाम रहा। उन्हें 3 जजों ने 10-10 पॉइंट दिए। वहीं 2 जज ने 9-9 पॉइंट दिए। वेलेंसिया को 2 जज ने 10-10 पॉइंट दिए। जबकि 3 जज से उन्हें 9-9 पॉइंट मिला।
  • भारतीय मुक्केबाज ने दूसरे और तीसरे राउंड में दाहिने हुक का बखूबी इस्तेमाल किया।
  • कुल तीन राउंड के बाद 5 में से 3 जजों के पॉइंट के आधार पर वेलेंसिया जीत गईं। सिर्फ 2 जजों का फैसला मेरीकॉम के पक्ष में रहा।

ओलिंपिक पदक हासिल करने का सपना टूटने के बाद भारतीय बॉक्सर एमसी मैरिकॉम ने अपने मुकाबले के फैसले पर सवाल उठाए हैं। मेरीकॉम ने हार के लिए अंपायर्स, इंटरनेशनल बॉक्सिंग फेडरेशन और इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बॉक्सिंग टास्क फोर्स का फैसला बहुत खराब है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में मेरिकॉम ने ये साफ कर दिया है कि वो खेल को अलविदा कहने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैं ब्रेक लूंगी, परिवार के साथ समय बिताऊंगी। लेकिन मैं खेल नहीं छोड़ रही हूं। अगर कोई टूर्नामेंट होता है तो मैं जारी रखूंगी और अपना भाग्य आजमाऊंगी।

पढ़िए, मेरीकॉम ने अपनी हार पर क्या कहा…

प्री-क्वार्टर फाइनल में कोलंबियाई बॉक्सर इन्ग्रिट वेलेंसिया से हार के बाद मेरीकॉम ने कहा कि मैच के बाद मैं रिंग के अंदर खुश थी। जब मैं बाहर आई, तब भी मैं खुश थी। मुझे पता था कि मैं जीत गई थी। जब वे मुझे डोपिंग के लिये ले जा रहे थे, तब मैं ये बात जानती थी। मुझे मेरे कोच छोटे लाल यादव ने बताया कि मैं हार गई। मैंने किरण रिजिजू का ट्वीट देखा। उस ट्वीट से मुझे यकीन हुआ कि मैं हार चुकी हूं। मैंने 3 में से 2 राउंड जीते। फिर मैं हार कैसे गई।

उन्होंने कहा है कि मैं इस फैसले को बिल्कुल भी नहीं समझ पा रही हूं। पता नहीं क्या गड़बड़ है, IOC और टास्क फोर्स को क्या समस्या है। मैं भी टास्क फोर्स की मेंबर थी। मैं साफ सुथरे मैच के लिए उन्हें सुझाव भी देती थी और उनका सहयोग भी करती थी। लेकिन, उन्होंने मेरे साथ क्या किया?

मैरीकॉम ने कहा, ‘मैंने इस मुक्केबाज को दो बार हराया है। मैं विश्वास ही नहीं कर सकी कि रेफरी ने उसका हाथ उठाया था। कसम खाती हूं कि मुझे अहसास ही नहीं हुआ कि मैं हार गई थी, मुझे इतना भरोसा था। सबसे खराब बात है कि फैसले का रिव्यू और प्रोटेस्ट नहीं किया जा सकता है, वरना मैं ऐसा जरूर करती।

मेरीकॉम बोलीं, “ईमानदारी से कहूं तो मुझे भरोसा है कि दुनिया ने देखा होगा। रेफरियों जो कुछ किया, यह कुछ ज्यादा ही हो गया है। मुझे दूसरे राउंड में सर्वसम्मति से जीतना चाहिए था, तो यह 3-2 कैसे था? एक मिनट या एक सेकेंड के अंदर एक एथलीट का सब कुछ चला जाता है। जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं जजों के फैसले से निराश हूं।’

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