https://www.googletagmanager.com/gtag/js?id=UA-91096054-1">
Friday , June 25 2021
Breaking News
Home / खबर / वैष्णो देवी यात्रा पर कोरोना का असर: हर साल आते थे 80 लाख श्रद्धालु, जानें अब कितने पहुंचे

वैष्णो देवी यात्रा पर कोरोना का असर: हर साल आते थे 80 लाख श्रद्धालु, जानें अब कितने पहुंचे

2020 में कोरोना की आहट के कुछ दिनों बाद वैष्णो देवी यात्रा बंद कर दी गई थी और मंदिर तकरीबन चार महीने बंद रहा था, लेकिन 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मंदिर खुला रहा। मई में यहां दर्शन करने के बाद जम्मू में छुटि्टयां बिता रहे दिल्ली के रतन कहते हैं, ‘मैं कई बार वैष्णो माता के दर्शन करने जा चुका हूं, लेकिन श्रद्धालुओं की इतनी कम संख्या मैंने पहली बार देखी। पहली बार इतनी आसानी से खुला दर्शन हुआ।’

दूसरी लहर में यात्रा चालू रही, लेकिन कोरोना के चलते पिछले दो सालों से वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण मंदिर चार महीने बंद रहा। इस कारण साल 2020 में कुल यात्रियों की संख्या 17 लाख से कुछ ही ज्यादा रही। जबकि कोरोना के पहले सामान्य दिनों में साल में औसतन 80 लाख के करीब यात्री आते थे।

कोरोना की दूसरी लहर ने यात्रा और उससे जुड़े कारोबार को खासा नुकसान पहुंचाया है। अप्रैल 2021 में मामले बढ़ने के साथ यात्रियों की संख्या में तेजी से कमी आई। कई राज्यों में लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही यहां यात्रियों की संख्या कम होने लगी। 2021 की जनवरी-फरवरी में सात लाख यात्री वैष्णो माता के मंदिर आए थे, लेकिन अप्रैल-मई में दूसरी वेव के पीक पर पहुंचने के साथ ही यह संख्या हजारों में रह गई। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट के साथ दूसरी लहर के दौरान कारोबार में सामान्य दिनों की तुलना में 90- 95 फीसद तक गिरावट आई है।

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बिल्कुल भीड़ नहीं, दर्शन करना अलग अनुभव रहा
जिन श्रदालुओं ने लॉकडाउन के दौरान मां वैष्णो के दर्शन किए, उन्हें भले मंदिर तक पहुंचने में दिक्कत हुई हो , मगर उनका जीवन भर के लिए एक नया अनुभव हो गया। रोहित महाजन कहते हैं, ‘मैंने मई में माता के दर्शन किए और पाया कि बिलकुल अद्भुत नजारा है। कटरा से वैष्णो देवी के मंदिर तक का 13 किलोमीटर का पैदल रास्ता पूरी तरह खाली है। न तो रास्ते में खाने-पीने की दुकानें खुली हैं, न ही पालकी पीठू वाले हैं, न ही रास्ते में मां के जयकारे, नाच-गाना और ढोल-नगाड़े।’

महीनों की एडवांस बुकिंग वाली हेलिकॉप्टर सर्विस के टिकट मौके पर ही
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रह गई है। दिन में ही श्रद्धालु चढ़ाई करके मां के दरबार में पहुंचते हैं। आगे भवन में आराम से कमरा मिल जाता है। शाम की आरती और फिर मंदिर में आसानी से दर्शन। रात को भवन में रुकने की भी सुविधा और दूसरे दिन वापसी।

हरियाणा से आए सुरेश कुमार कहते हैं, ‘पूरा रास्ता खाली है। कोरोना की वजह से भीड़ बिलकुल भी नहीं है। यहां तक कि कई दिनों और महीनों की एडवांस बुकिंग वाले हेलिकॉप्टर सेवा के टिकट भी मौके पर ही मिल रहे हैं।’

जून में फिर बढ़ने लगी यात्रियों की संख्या
2018 में 85 लाख श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए। वहीं, 2019 में धारा 370 हटने और उसके बाद हुई सख्ती के कारण यात्रियों की संख्या में गिरावट आई। 2019 में सिर्फ 79 लाख 40 हजार यात्री ही दर्शन के लिए आए। 2020 में कोरोना का असर साफ दिखा। इस साल सिर्फ 17 लाख यात्री ही आए। चार महीने तक यात्रा बंद रही।
2021 के जनवरी और फरवरी में वैष्णो देवी में यात्रियों की संख्या बढ़ी। इन दो महीनों में 7 लाख यात्री दर्शनों को आए। जबकि जैसे ही मार्च में कोरोना की दूसरी वेव आई तो यात्रियों की संख्या एकदम से गिर गई। मार्च और अप्रैल में कुछ हजार यात्री ही दर्शनों को आए। सबसे कम यात्री आने का रिकॉर्ड मई 2021 में ही बना। मई के एक दिन तो सिर्फ 45 यात्री ही दर्शन के लिए आए।

हालांकि, दूसरी लहर के उतार के साथ ही यात्रियों की संख्या बढ़ रही हैं। जून की शुरुआत में औसतन हजार यात्री आने लगे थे। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक जून में यात्रा फिर बढ़ेगी, मगर बोर्ड की तरफ से सावधानी में कोई कमी नहीं होगी |

loading...
loading...

Check Also

WTC Final में हार से मायूस विराट ने दिया बड़ा बयान, टीम से इन 4 का होगा पत्ता साफ!

नई दिल्ली:  बुधवार को WTC Final 2021 में न्यूजीलैंड के हाथों मिली हार के बाद ...